1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वाराणसी में गंगा पर बनेगा सिग्नेचर ब्रिज: 6 लेन सड़क और 4 लेन रेल मार्ग एक साथ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वाराणसी में गंगा पर बनेगा सिग्नेचर ब्रिज: 6 लेन सड़क और 4 लेन रेल मार्ग एक साथ

सारांश

वाराणसी में गंगा पर बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज सिर्फ एक पुल नहीं — यह एक दोहरी संरचना है जिसमें ऊपर 6 लेन सड़क और नीचे 4 लेन रेल मार्ग होगा। रेल विकास निगम ने काम शुरू कर दिया है। काशी के लिए यह संपर्क, पर्यटन और व्यापार तीनों मोर्चों पर बड़ा बदलाव ला सकता है।

मुख्य बातें

वाराणसी में गंगा नदी पर मदन मोहन मालवीय ब्रिज के समीप एक आधुनिक सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाएगा।
पुल दोहरे उपयोग वाला होगा — ऊपरी हिस्से में 6 लेन सड़क मार्ग और निचले हिस्से में 4 लेन रेल मार्ग ।
रेल विकास निगम ने परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।
कार्ययोजना पुराने डाक पुल से पड़ाव चौराहे तक तैयार की गई है।
परियोजना से वाराणसी में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी में गंगा नदी पर एक अत्याधुनिक सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण की योजना को मूर्त रूप मिलना शुरू हो गया है। मदन मोहन मालवीय ब्रिज के समीप प्रस्तावित यह पुल दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की तर्ज पर बनाया जाएगा और यह एक दोहरे उपयोग वाली संरचना होगी — ऊपर 6 लेन का सड़क मार्ग और नीचे 4 लेन का रेल मार्ग। रेल विकास निगम की ओर से इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

परियोजना का विवरण और स्वरूप

डिविजनल कमिश्नर एस. राजलिंगम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह पुल पुराने डाक पुल से लेकर पड़ाव चौराहे तक की कार्ययोजना के तहत तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एकीकृत संरचना में सड़क और रेल यातायात का एक साथ संचालन संभव होगा, जो इसे उत्तर भारत में अपनी तरह की विशिष्ट परियोजना बनाएगा।

गौरतलब है कि वाराणसी में गंगा पार करने के लिए फिलहाल सीमित विकल्प हैं और यातायात का दबाव मौजूदा पुलों पर लगातार बढ़ रहा है। यह परियोजना उस दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय संपर्क को नया आयाम देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है।

पर्यटन और व्यापार पर अपेक्षित असर

वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से पर्यटकों की आवाजाही सहज होगी और स्थानीय व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। यह पुल काशी को पूर्वांचल के अन्य जिलों से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह वाराणसी के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है। उनके अनुसार, सड़क और रेल दोनों के लिए एकीकृत व्यवस्था क्षेत्र के विकास को नई गति देगी और यात्रियों को रोज़मर्रा की परेशानियों से राहत मिलेगी।

एक अन्य स्थानीय नागरिक मनीष सिंह ने कहा कि रेलवे ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और इससे न केवल वाराणसी बल्कि पूरे उत्तर भारत को लाभ मिलेगा। उनका कहना था कि क्षेत्रीय संपर्क मज़बूत होने से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

आगे क्या होगा

रेल विकास निगम द्वारा परियोजना पर काम शुरू हो जाने की पुष्टि के बाद अब निर्माण की समयसीमा और लागत का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है। यह परियोजना वाराणसी को एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा बताई जा रही है, और इसके पूरा होने पर काशी का स्काईलाइन एक नई पहचान पाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विवरण अभी भी अधूरे हैं — न लागत का आँकड़ा सामने आया है, न पूर्णता की समयसीमा। रेल विकास निगम के 'काम शुरू करने' और परियोजना के वास्तव में ज़मीन पर उतरने के बीच का फासला अक्सर लंबा होता है, जैसा कि देश की कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में देखा गया है। दोहरे उपयोग वाली संरचना — सड़क और रेल एक साथ — तकनीकी रूप से जटिल है और इसके क्रियान्वयन की निगरानी ज़रूरी होगी। स्थानीय नागरिकों का उत्साह स्वाभाविक है, पर असली कसौटी तब होगी जब निर्माण की ठोस समयसीमा और पारदर्शी लागत विवरण सार्वजनिक किए जाएँगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी सिग्नेचर ब्रिज क्या है और यह कहाँ बनेगा?
वाराणसी में गंगा नदी पर प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज एक दोहरे उपयोग वाला पुल होगा, जिसमें ऊपर 6 लेन सड़क मार्ग और नीचे 4 लेन रेल मार्ग होगा। यह मदन मोहन मालवीय ब्रिज के समीप, पुराने डाक पुल से पड़ाव चौराहे तक की कार्ययोजना के तहत बनाया जाएगा।
इस पुल का निर्माण कौन कर रहा है?
रेल विकास निगम इस परियोजना पर काम कर रहा है। डिविजनल कमिश्नर एस. राजलिंगम ने पुष्टि की है कि निगम की ओर से काम शुरू कर दिया गया है।
वाराणसी सिग्नेचर ब्रिज से क्या फायदे होंगे?
यह पुल वाराणसी में सड़क और रेल यातायात को एकीकृत करेगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क मज़बूत होगा। पर्यटन, व्यापार और रोज़मर्रा की आवाजाही में सुधार होने की उम्मीद है, और पूर्वांचल के अन्य जिलों से काशी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
क्या यह दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज जैसा होगा?
वाराणसी का प्रस्तावित पुल दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की तर्ज पर डिज़ाइन किया जाएगा, लेकिन इसमें एक अतिरिक्त विशेषता है — निचले हिस्से में रेल मार्ग, जो दिल्ली के पुल में नहीं है। यह इसे एक अनूठी दोहरी-उपयोग संरचना बनाता है।
परियोजना की लागत और पूर्णता की समयसीमा क्या है?
अभी तक परियोजना की विस्तृत लागत और निर्माण पूर्णता की समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। रेल विकास निगम ने काम शुरू करने की पुष्टि की है, लेकिन आधिकारिक वित्तीय विवरण आना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले