एशियन गेम्स 2026: एंसी सोजन का सिल्वर मेडल, सिर्फ 2 सेमी से चूका गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय लॉन्ग जंपर एंसी सोजन ने एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता, लेकिन वह महज दो सेंटीमीटर के अंतर से अपना पहला एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने से वंचित रह गईं। नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में रविवार को बारिश भरी शाम में हुई इस प्रतिस्पर्धा में थकान और फिसलन भरे ट्रैक ने एंसी की आखिरी तीन जंप को प्रभावित किया।
मुख्य घटनाक्रम
केरल के त्रिशूर की 25 वर्षीय एंसी ने प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में आसानी से बढ़त बना ली थी, लेकिन अंत में वह दूसरे स्थान पर खिसक गईं। साई मीडिया से खास बातचीत में एंसी ने कहा, 'मैं आगे चल रही थी और भगवान से प्रार्थना कर रही थी कि वे मुझे निराश न करें। मुझे लगा कि 6.55 मीटर कुछ भी नहीं है और मैं 6.60 मीटर से ज़्यादा की कोशिश कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। दुर्भाग्य से वह दिन मेरा नहीं था।'
एंसी ने आगे कहा, 'एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल इस सीजन में मेरी कड़ी मेहनत का इनाम है। यह बहुत लंबा सीजन था और मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने कड़ी टक्कर दी और आइची-नागोया में अपना 100 प्रतिशत दिया।'
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और 2026 का शानदार सफर
गौरतलब है कि 2026 एंसी के करियर का सर्वश्रेष्ठ साल रहा है। उन्होंने एशियाई इनडोर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल से सीजन की शुरुआत की। इसके बाद भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 6.88 मीटर की जंप के साथ उन्होंने अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के 22 साल पुराने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला लॉन्ग जंप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। एंसी और शैली सिंह दोनों ने आइची-नागोया में देश का प्रतिनिधित्व किया।
अंजू बॉबी जॉर्ज की सलाह और हौसलाअफ़ज़ाई
वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट अंजू बॉबी जॉर्ज प्रतियोगिता के दौरान ट्रैक के पास मौजूद थीं। एंसी ने बताया, 'वह मेरे पास आईं और मुझे अपनी लैंडिंग को और आगे बढ़ाने के टिप्स दिए। उन्होंने मेरा बहुत हौसला बढ़ाया और मुझे यह बहुत अच्छा लगा।' रिकॉर्ड तोड़ने वाली खिलाड़ी का इस तरह अपने पूर्ववर्ती से मार्गदर्शन लेना भारतीय एथलेटिक्स की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है।
नौसेना की अनुशासन-भावना और मानसिक मज़बूती
भारतीय नौसेना की सदस्य एंसी ने बताया कि बारिश और फिसलन भरे हालात में भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, 'भारतीय नौसेना की सदस्य होने के नाते हार मान लेना मेरे स्वभाव में नहीं है। मैंने खुद से कहा कि मैं आखिर तक लड़ूंगी। मैं पूरी तरह से दबाव-मुक्त थी, लेकिन शायद आखिरी तीन जंप में मेरा शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा था।'
एंसी दिसंबर 2021 से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) की एथलीट रही हैं। उन्होंने 2023 हांग्जो एशियन गेम्स में भी लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीता था। अब नज़रें अगले ओलंपिक चक्र पर टिकी हैं, जहाँ मौजूदा फॉर्म और राष्ट्रीय रिकॉर्ड के आधार पर एंसी से बड़ी उम्मीदें हैं।