एंसी सोजन का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर: नंगे पैर ट्रेनिंग से नागोया के पोडियम तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारत की लॉन्ग जंपर एंसी सोजन ने 27 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला लॉन्ग जंप स्पर्धा में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गोल्ड मेडल की दौड़ में वे चीन की हुआंग यिंगयिंग से महज दो सेंटीमीटर पीछे रह गईं, जिन्होंने अंतिम छलांग में 6.55 मीटर की दूरी तय की। यह एंसी का लंबे समय बाद पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।
नंगे पैर से पोडियम तक का सफर
26 वर्षीय एंसी का करियर आर्थिक तंगी और सामाजिक संदेह के बीच आकार लेता रहा। उन्होंने खुद बताया कि शुरुआती दिनों में उनके पास जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे और उन्होंने नंगे पैर ट्रेनिंग की। उनके पिता, जो एक ऑटो ड्राइवर हैं, उन्हें सुबह सुबह अभ्यास के लिए भेजते थे — और इस पर समाज के सवाल भी झेलने पड़ते थे।
एंसी ने बताया, "लोग पूछते थे कि आप अपनी बेटी को सुबह सुबह उस आदमी के पास क्यों भेज रहे हैं? क्या यह सुरक्षित है या नहीं? क्या वह उस मुकाम तक पहुंच सकेंगी? आज लोग सोच भी नहीं सकते कि मैं किस मुकाम पर हूं, लेकिन यह मेरी कड़ी मेहनत और मेरे पिता के समर्पण का नतीजा है।"
पिता का योगदान और चोट के दौर में साथ
एंसी ने विशेष रूप से अपने पिता के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जब वे चोटिल थीं, तब उनके पिता ने एक मजबूत सहारे की तरह उनका साथ दिया। यह ऐसे समय की बात है जब खेल छोड़ने का दबाव आसपास से महसूस हो रहा था। एंसी के शब्दों में, "शुरुआत में मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस स्तर तक पहुंचकर भारत का नाम रोशन करूंगी।"
१० साल बाद पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल
इस सिल्वर मेडल का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह एंसी का करीब १० साल में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। उन्होंने कहा, "हमने लंबा इंतजार किया, और 10 साल बाद मुझे पहला इंटरनेशनल मेडल मिला। यह उनके भरोसे का एक बड़ा इनाम है जो मैं उन्हें दे पा रही हूं।" गौरतलब है कि एंसी ने इसी वर्ष की शुरुआत में भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर इवेंट में 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था।
गोल्ड से चूकीं, लेकिन संतुष्ट हैं एंसी
एंसी ने स्वीकार किया कि उन्हें स्वर्ण पदक की उम्मीद थी, लेकिन नागोया की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए वे इस नतीजे से संतुष्ट हैं। उनके शब्दों में, "बाहर बैठकर इसे देखना आसान है और मैदान पर उतरना बहुत मुश्किल होता है। मैंने अपना शत प्रतिशत दिया, लेकिन सिल्वर मेडल से खुश हूं।"
आगे का लक्ष्य: ७ मीटर की छलांग
एंसी ने खुद के लिए ७ मीटर की छलांग का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका कहना है कि मुकाबला और कड़ा होता जा रहा है, लेकिन वे इस सीजन की समाप्ति को एक नई शुरुआत के रूप में देख रही हैं। उन्होंने कहा, "यह सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। इसीलिए मैं अपनी मेहनत और त्याग को और ज्यादा समर्पित कर रही हूं।" नागोया का यह सिल्वर एंसी के लिए एक संघर्षमय सीजन का शानदार समापन है — और एक बड़े ओलंपिक सपने की दिशा में अगला कदम।