धर्मराज सोलैराज का एशियन पैरा गेम्स 2026 में गोल्ड, लॉन्ग जंप में 7.15 मीटर का नया एशियाई रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
धर्मराज सोलैराज ने 22 अक्टूबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में 7.15 मीटर की रिकॉर्ड-तोड़ छलांग लगाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ तमिलनाडु के इस 32 वर्षीय एथलीट ने एक नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया और इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में लगातार दूसरी बार शीर्ष पायदान पर काबिज हुए।
मुख्य घटनाक्रम
नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित T44/T62/T64 के संयुक्त फाइनल में सोलैराज ने अपने दूसरे प्रयास में यह निर्णायक छलांग लगाई। उन्होंने प्रतियोगिता की शुरुआत 6.88 मीटर से की, फिर दूसरे राउंड में 7.15 मीटर की दूरी तय की। इसके बाद के प्रयासों में उन्होंने 6.82 मीटर और 6.85 मीटर की छलांग लगाई, जबकि उनके अंतिम दो प्रयास फाउल रहे — हालाँकि दूसरे राउंड की रिकॉर्ड-तोड़ छलांग ही खिताब सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त थी।
रजा पॉइंट्स सिस्टम और परिणाम
इस संयुक्त इवेंट में विभिन्न क्लासिफिकेशन के एथलीटों का मूल्यांकन रजा पॉइंट्स सिस्टम के ज़रिए होता है, जिसमें प्रत्येक एथलीट की शारीरिक अक्षमता की श्रेणी के अनुसार उनके प्रदर्शन स्तर को समायोजित किया जाता है। सोलैराज 807 प्वाइंट्स के साथ तालिका में शीर्ष पर रहे।
मलेशिया के एडी बर्नार्ड ने T44 क्लासिफिकेशन में 6.34 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ 740 रजा प्वाइंट्स अर्जित किए और रजत पदक पर कब्जा जमाया। जापान के युमा तामाकी ने T64 कैटेगरी में 6.89 मीटर की अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ 726 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
करियर का सफर और पिछले रिकॉर्ड
सोलैराज का यह प्रदर्शन उनके शानदार करियर ग्राफ की अगली कड़ी है। अक्टूबर 2023 में हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने 6.80 मीटर की छलांग से गोल्ड जीता था, जो उस समय एशियाई रिकॉर्ड था। इसके बाद नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में वे सातवें स्थान पर रहे, लेकिन 7.08 मीटर का नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। अब नागोया में 7.15 मीटर की छलांग से उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
गौरतलब है कि 2026 में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी सोलैराज ने T44/T64 कंबाइंड लॉन्ग जंप में 7.05 मीटर की छलांग से जीत दर्ज की थी — जो एशियन पैरा गेम्स से पहले उनके बेहतरीन फॉर्म का प्रमाण था।
आम जनता और खेल जगत पर असर
भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए यह जीत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह साबित करती है कि देश का पैरा-स्पोर्ट्स कार्यक्रम लगातार वैश्विक मंच पर ऊँचाई हासिल कर रहा है। T64 कैटेगरी — जिसमें प्रोस्थेटिक लेग का उपयोग करने वाले एथलीट हिस्सा लेते हैं — में सोलैराज की निरंतरता भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के बुनियादी ढाँचे की मज़बूती को दर्शाती है।
क्या होगा आगे
नागोया में 7.15 मीटर के नए एशियाई रिकॉर्ड के साथ, सोलैराज की नज़र अब आगामी अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स सर्किट पर होगी। इस प्रदर्शन ने उन्हें 2028 पैरालिम्पिक खेलों के दावेदारों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है।