एशियन गेम्स 2026: श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल में किया प्रवेश, 25.37 सेकंड का समय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज ने 21 सितंबर 2026 को टोक्यो में जारी एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। हीट दौर में उन्होंने 25.37 सेकंड का समय निकालते हुए संयुक्त रूप से नौवाँ स्थान हासिल किया और शीर्ष-8 में जगह बनाई। यह उपलब्धि भारत की तैराकी को 12 साल के एशियाई मेडल सूखे को समाप्त करने की उम्मीद देती है।
हीट परिणाम और भारतीय प्रदर्शन
एक अन्य भारतीय तैराक ऋषभ दास ने 25.41 सेकंड का समय लेकर 10वाँ स्थान हासिल किया, लेकिन वे फाइनल में सीधी जगह बनाने से चूक गए। वे फाइनल के लिए पहले रिज़र्व खिलाड़ी के रूप में रखे गए हैं।
पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल हीट में भारत के आकाश मणि और हीर गीतेश शाह फाइनल में जगह नहीं बना सके। आकाश 26वें स्थान पर 23.43 सेकंड के समय के साथ, और हीर गीतेश 28वें स्थान पर 23.57 सेकंड के साथ बाहर हुए।
रिले और अन्य स्पर्धाएँ
पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक हीट में धनुष सुरेश कुल मिलाकर 22वें स्थान पर रहे और 1:03.46 सेकंड का समय लिया; वे फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।
पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में दक्षिण शशिकुमार, साजन प्रकाश, अनीश सुनील और वेदांत महादेवन की भारतीय चतुष्टय फाइनल में सीधे प्रवेश से चूकी और उन्हें पहले रिज़र्व के तौर पर रखा गया है।
भारत का एशियन गेम्स तैराकी अभियान
भारत इस बार टोक्यो में 14 व्यक्तिगत स्पर्धाओं के साथ-साथ पुरुषों की 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल और 4×100 मीटर मेडले रिले में भी भाग ले रहा है। गौरतलब है कि इस बार कोई भी महिला तैराक भारतीय दल में शामिल नहीं है — जैसा कि हाल के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देखा गया था।
श्रीहरि और साजन दल के सबसे अनुभवी तैराक हैं। श्रीहरि ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि साजन ने रियो 2016 और टोक्यो 2020 ओलंपिक में भाग लिया था।
12 साल का मेडल सूखा और ऐतिहासिक संदर्भ
भारत को एशियन गेम्स तैराकी में आखिरी पदक इंचियोन 2014 में मिला था, जब संदीप सेजवाल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। हांगझोऊ 2023 में भारतीय तैराकों ने छह राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन एक भी पदक हासिल नहीं हुआ।
श्रीहरि का फाइनल में पहुँचना भारतीय तैराकी के लिए उत्साहजनक संकेत है। अब नज़रें फाइनल पर होंगी, जहाँ वे महाद्वीपीय पोडियम पर भारत का नाम वापस दर्ज कराने की कोशिश करेंगे।