क्या श्रीहरि नटराज भारतीय तैराक हैं, जिन्होंने 2 बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया?

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क्या श्रीहरि नटराज भारतीय तैराक हैं, जिन्होंने 2 बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया?

सारांश

श्रीहरि नटराज, एक ऐसे तैराक हैं जिन्होंने बैकस्ट्रोक में अद्वितीय कौशल दिखाया है। उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सफलताओं ने उन्हें भारतीय तैराकी में एक सितारा बना दिया है। जानें उनके सफर और उपलब्धियों के बारे में।

Key Takeaways

  • श्रीहरि नटराज ने बैकस्ट्रोक में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए हैं।
  • उन्हें कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त है।
  • उनका तकनीकी कौशल और अनुशासन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रसिद्ध तैराक श्रीहरि नटराज बैकस्ट्रोक स्पर्धा में माहिर हैं और उन्होंने कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके श्रीहरि अपनी निरंतरता और तेज तकनीक के लिए जाने जाते हैं। 16 जनवरी 2001 को बेंगलुरु में जन्मे श्रीहरि को बचपन से ही तैराकी का शौक था। हर स्ट्रोक के साथ वह सहज प्रतिभा का प्रदर्शन करते थे। बेंगलुरु की हलचल भरी सड़कों से गुजरते हुए, श्रीहरि नटराज ने 2015 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। उन्होंने एशियन एज ग्रुप स्विमिंग चैंपियनशिप में 200 मीटर मेडले में 8वां स्थान हासिल किया और 100 मीटर तथा 200 मीटर बैकस्ट्रोक में छठा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद, 2017 में नेशनल जूनियर एक्वेटिक चैंपियनशिप में, श्रीहरि ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक में 57.33 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। अगले वर्ष, पुणे में आयोजित नेशनल जूनियर एक्वेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में नए रिकॉर्ड स्थापित किए। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में, श्रीहरि ने लगातार बैकस्ट्रोक में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में, उन्होंने 100 मीटर बैकस्ट्रोक इवेंट में 56.71 सेकंड के साथ एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। विश्व एक्वेटिक्स चैंपियनशिप 2019 में, उन्होंने अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया और 'ए क्वालिफिकेशन' समय हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बने। इसके बाद, उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में, श्रीहरि का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें वह 100 मीटर बैकस्ट्रोक इवेंट में 7वें स्थान पर रहे और 50 मीटर बैकस्ट्रोक में पांचवां स्थान प्राप्त किया। एशियन एक्वेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में, उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में रजत पदक जीते। ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, श्रीहरि ने तकनीक, अनुशासन और निरंतर मेहनत से यह साबित किया कि भारतीय तैराक भी वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। वह युवाओं के लिए एक आदर्श हैं।

Point of View

श्रीहरि नटराज का सफर भारतीय युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मेहनत और समर्पण यह दर्शाते हैं कि भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

श्रीहरि नटराज ने कब अपने करियर की शुरुआत की?
उन्होंने 2015 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की।
श्रीहरि ने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कब किया?
उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक और 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
श्रीहरि के द्वारा स्थापित राष्ट्रीय रिकॉर्ड क्या हैं?
श्रीहरि ने बैकस्ट्रोक स्पर्धा में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।
क्या श्रीहरि नटराज एक आदर्श हैं?
हाँ, उनकी मेहनत और उपलब्धियाँ उन्हें युवाओं के लिए एक आदर्श बनाती हैं।
श्रीहरि ने कॉमनवेल्थ गेम्स में क्या किया?
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में 100 मीटर बैकस्ट्रोक में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
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