इंग्लैंड की स्वदेश वापसी: वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका क्यों हैं अब भी भारत में?
सारांश
Key Takeaways
- इंग्लैंड ने समय पर स्वदेश लौटने में सफलता पाई।
- वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका को हवाई यातायात में बाधाएं झेलनी पड़ीं।
- ICC ने भेदभाव के आरोपों का खंडन किया है।
- सभी टीमों के साथ समान व्यवहार की आवश्यकता है।
- डैरेन सैमी की घर जाने की इच्छा ने ध्यान आकर्षित किया।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के लिए भारत आई कई टीमों को अपने सफर के अंत के बाद स्वदेश लौटने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ईरान और इजरायल के बीच हो रही भीषण बमबारी ने मिडिल ईस्ट और पश्चिम एशिया के हवाई यातायात को प्रभावित किया है, जिसके कारण कई टीमें निर्धारित समय पर अपने देश नहीं लौट पाईं।
1 मार्च को भारत के खिलाफ अपना अंतिम मैच खेलने वाली वेस्टइंडीज की टीम अभी भी भारत में फंसी हुई है। 4 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल हारने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम भी भारत में है, जबकि 5 मार्च को भारत के खिलाफ सेमीफाइनल हारने वाली इंग्लैंड पहले ही स्वदेश लौट चुकी है। इस स्थिति ने विवाद को जन्म दिया है और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) पर भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। इंग्लैंड के जल्दी लौटने और वेस्टइंडीज तथा दक्षिण अफ्रीका के भारत में रहने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने आईसीसी पर विशेष ध्यान देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है, "इस स्थिति में सभी टीमों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। आईसीसी टेबल पर किसी टीम का ताकतवर होना महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए।"
एक रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी ने भेदभाव के आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि रवाना होने के फैसले केवल एयरस्पेस की उपलब्धता, एयरक्राफ्ट की रूटिंग अनुमति, वीजा की जरूरतों और सुरक्षा के आधार पर किए जा रहे हैं। यह कहना कि टीमों को इन रुकावटों के अलावा किसी अन्य कारण से प्राथमिकता दी गई है, गलत है।
कुछ समय पहले, वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं बस घर जाना चाहता हूं।" उनकी इस पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त चर्चा बटोरी थी।