एशियन गेम्स 2026: अनिमेष कुजूर की चौकड़ी ने मिक्स्ड 4x100m रिले में ब्रॉन्ज जीता, 41.06 सेकंड में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में एशियन गेम्स 2026 के मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले फाइनल में भारत के अनिमेष कुजूर, गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा सत्यनारायण और हरिता भद्रा की चौकड़ी ने 41.06 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसके साथ ही इस टीम ने गैबोरोन में वर्ल्ड रिले 2026 में बने 41.35 सेकंड के पुराने नेशनल रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। 29 सितंबर को हुई इस दौड़ में चीन ने 40.78 सेकंड के साथ गोल्ड और थाईलैंड ने 40.87 सेकंड के साथ सिल्वर जीता।
मुख्य घटनाक्रम
मुश्किल मौसम के बीच नागोया में लगातार बारिश के बावजूद भारतीय चौकड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। अनिमेष कुजूर ने बताया कि यह उनकी ट्रैक पर सातवीं दौड़ थी, और एक दिन पहले रिले में गिर चुके होने के बाद यह उपलब्धि और भी खास बन गई। गुरिंदरवीर सिंह ने पहले लेग में शानदार शुरुआत की, जिससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और अनिमेष को अंदाज़ा हो गया कि पदक लगभग तय है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
दौड़ के बाद अनिमेष कुजूर ने कहा, 'आज बहुत बारिश हो रही थी। यहां रोजाना बारिश हो रही है। ट्रैक पर यह मेरी सातवीं दौड़ थी। इसलिए, मैं सोच में था कि कैसा महसूस होगा, लेकिन उस समय मुझे बहुत मजा आ रहा था, क्योंकि ट्रैक पर जाने के लिए हमारी टीम काफी प्रोत्साहित थी। मुझे समझ आ गया था कि हम मेडल जीतने वाले हैं।' उन्होंने कहा कि जब हरिता ने अंतिम लेग पूरा किया, तो उन्हें बड़ी राहत मिली।
हरिता भद्रा, जिन्होंने इन्हीं खेलों में महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में पहले ही ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया था, ने कहा, 'यह मेरा पहला एशियन गेम्स है और मैं यहां आकर भारत के लिए दो मेडल जीत सकी।' उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने बारिश में भी ट्रेनिंग की थी, जिससे प्रतिकूल हालात कोई बड़ी रुकावट नहीं बने। गुरिंदरवीर सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपने सहयोगियों को दिया।
मेडल का समर्पण
कुजूर ने यह पदक सबसे पहले पूरे भारत को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले गिरने के बाद अनजान लोगों के भी हजारों संदेश मिले, जिन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, TOPS (Target Olympic Podium Scheme), रिलायंस फाउंडेशन और प्यूमा को भी यह मेडल समर्पित किया।
अनिमेष ने अपने परिवार का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, 'परिवार को हमेशा लगता था कि अगर मैं पढ़ाई नहीं करूंगा, तो जिंदगी में कुछ नहीं हो पाएगा, लेकिन मैं खेल में आगे बढ़ा और आज भारत के लिए मेडल जीता है।' उनकी यह बात खेल को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
नेशनल रिकॉर्ड का संदर्भ
गौरतलब है कि पूर्व नेशनल रिकॉर्ड राघुल कुमार, नित्या गंधे, अनिमेष और स्नेहा ने मिलकर गैबोरोन में वर्ल्ड रिले 2026 में 41.35 सेकंड के समय के साथ बनाया था। नई चौकड़ी ने इसे 0.29 सेकंड बेहतर कर 41.06 सेकंड पर लाकर भारतीय एथलेटिक्स की प्रगति को रेखांकित किया।
आगे की राह
अनिमेष ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए ONGC, आयकर विभाग, या राज्य सरकार में नौकरी पाने की इच्छा जताई। यह टिप्पणी उस व्यापक वास्तविकता की ओर इशारा करती है जो भारतीय खिलाड़ियों के सामने खेल के बाद के जीवन को लेकर बनी रहती है। फिलहाल, इस ब्रॉन्ज और नए राष्ट्रीय कीर्तिमान के साथ भारतीय चौकड़ी ने एशियाई एथलेटिक्स में देश की स्थिति को और मजबूत किया है।