सुखबीर बादल पर नांदेड़ गुरुद्वारे में दूसरा हमला: मजीठिया ने मांगी CBI जांच, पंजाब सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने 13 अगस्त 2026 को नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। मजीठिया ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 2024 में हुए पहले हमले की जांच में देरी ही इस दूसरे हमले की जड़ है। यह डेढ़ वर्ष के भीतर बादल पर दूसरा जानलेवा हमला है।
हमले की निंदा और परिवार पर असर
मजीठिया ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'परमात्मा ने सुखबीर सिंह बादल को बचाया। परिवार और बच्चों के सामने गुरुद्वारे में कोई ऐसी हरकत करे, यह बहुत ही निंदनीय है।' उन्होंने बताया कि हमले के वक्त बादल के बच्चे, पत्नी हरसिमरत कौर बादल और परिवार के अन्य सदस्य गुरुसाहब के चरणों में नतमस्तक होने गए थे।
इंटेलिजेंस विफलता और हमलावर का पृष्ठभूमि विवरण
मजीठिया ने इसे बड़ी इंटेलिजेंस विफलता करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर नारायण सिंह चौरा के बारे में पंजाब पुलिस की अपनी फाइलों में दर्ज है कि वह कथित तौर पर ISI का एजेंट है, जिसे क्रॉस-बॉर्डर पाकिस्तान से प्रशिक्षण मिला है और जिससे RDX, AK-47 तथा अन्य सामग्री बरामद हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया, 'ऐसे आदमी को Z+ सुरक्षा वाले व्यक्ति के पास क्यों आने दिया गया?' मजीठिया के अनुसार, पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि चौरा पिछले 30 वर्षों से सुखबीर सिंह बादल और प्रकाश सिंह बादल को निशाना बनाने की फिराक में था।
पंजाब सरकार पर आरोप और CBI जांच की माँग
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पहले हमले की जांच में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वे इस मामले में CBI जांच बैठाएं, क्योंकि हमला नांदेड़ में हुआ जो महाराष्ट्र में स्थित है। उन्होंने कहा, 'आप अपने प्रदेश की जनता की रक्षा और सुरक्षा को इतने हल्के में नहीं ले सकते।'
एक्स पर मजीठिया की पोस्ट और साजिश का आरोप
मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह 'सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि पंजाब की नरमपंथी लीडरशिप को खत्म करने की एक बड़ी साजिश है।' उन्होंने सवाल उठाया कि शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को मरवाने का कॉन्ट्रैक्ट किसने लिया है और चेतावनी दी कि 'हर हमले का हिसाब लिया जाएगा और हर साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।' यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है और अकाली दल संगठनात्मक पुनर्गठन के दौर से गुज़र रहा है।
आगे क्या होगा
CBI जांच की माँग औपचारिक रूप से महाराष्ट्र सरकार के समक्ष रखे जाने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मामला पंजाब-महाराष्ट्र के बीच अंतर-राज्यीय सुरक्षा समन्वय पर भी सवाल खड़े करता है। बादल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की माँग भी जोर पकड़ रही है।