इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की बहादुरी को हरसिमरत कौर का सलाम, नांदेड़ हमले में बचाई सुखबीर बादल की जान
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 14 अगस्त को महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र की वीरता को सार्वजनिक रूप से सराहा, जिन्होंने नांदेड़ के माता साहिब कौर गुरुद्वारे में हुए जानलेवा हमले के दौरान शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की रक्षा करते हुए स्वयं घायल हो गए। यह हमला गुरुवार को हजूर साहिब क्षेत्र में उस समय हुआ जब बादल धार्मिक यात्रा पर थे।
हमले का घटनाक्रम
निहंग के वेश में आए 62 वर्षीय जसपाल सिंह ने माता साहिब कौर गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला किया। सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने बादल के पेट में चाकू घोंपने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर हमलावर को रोक लिया। इंस्पेक्टर संतोष केंद्र हमलावर और बादल के बीच ढाल बनकर खड़े हो गए और इस दौरान खुद भी घायल हो गए। हमलावर जसपाल सिंह को मौके पर ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हरसिमरत कौर की भावुक श्रद्धांजलि
हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नांदेड़ में हुए हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने में बहादुरी दिखाने के लिए मैं महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र को सलाम करती हूं।' उन्होंने आगे कहा कि संतोष ने यह साबित किया कि वर्दी पहनने का असली मतलब खुद से ऊपर ड्यूटी और डर से ऊपर हिम्मत को रखना है। बादल परिवार ने इंस्पेक्टर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और यशोसाई अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ की सेवा की भी सराहना की।
सुखबीर बादल की स्थिति और उपचार
हमले के बाद रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में सुखबीर सिंह बादल को दाहिने हाथ पर केसरिया कपड़ा लपेटे हुए चलते देखा गया। उनके हाथ और कंधे पर मामूली चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए यशोसाई अस्पताल ले जाया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की पूरी जाँच के आदेश दिए हैं।
पहले भी हो चुका है हमला
यह अकाली दल नेता पर पहला हमला नहीं है। 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे और बंदूकधारी को तुरंत गिरफ्तार किया गया था। उस समय बादल स्वर्ण मंदिर में सेवादार के रूप में सेवा कर रहे थे, क्योंकि अकाल तख्त ने उन्हें और अकाली दल के कई अन्य नेताओं को पंजाब में 2007 से 2017 के बीच पार्टी के शासनकाल में हुई कथित गलतियों के लिए 'तनखाह' (धार्मिक दंड) सुनाई थी।
आगे की जाँच और सुरक्षा
महाराष्ट्र पुलिस ने हमलावर जसपाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री फडणवीस के जाँच आदेशों के बाद यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं। इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की शीघ्र स्वस्थता की कामना करते हुए उनकी बहादुरी की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है।