कैप्टन स्मित माच्छर के स्वास्थ्य लाभ के लिए काशी विश्वनाथ और सोमनाथ में महामृत्युंजय अनुष्ठान
सारांश
मुख्य बातें
काशी विश्वनाथ मंदिर और श्री सोमनाथ मंदिर में 1 अक्टूबर 2026 से वीर पायलट कैप्टन स्मित माच्छर के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष महामृत्युंजय मंत्र जाप अनुष्ठान शुरू किए गए हैं। दुबई से इज़रायल जा रही फ्लाइट एफजैड1073 में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले इस साहसी पायलट की जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थता की कामना के साथ दोनों ऐतिहासिक शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की जा रही है।
काशी विश्वनाथ में विशेष अभिषेक और मंत्रोच्चार
काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी संजय कुमार पांडे ने कैप्टन माच्छर पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि उनके दीर्घ स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "कैप्टन स्मित माच्छर के जल्द स्वस्थ होने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान कराया जा रहा है। गंगाजल कुशा मिश्रित जल से विशेष अभिषेक किया जा रहा है और उनके स्वस्थ होने की कामना के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप हो रहा है।"
पांडे ने आगे कहा, "काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और परिवार की ओर से ब्राह्मणों द्वारा यह अनुष्ठान कराया जा रहा है, ताकि वे जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। उन्होंने अपने कर्तव्य और निष्ठा का पालन करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाई — यह निश्चित रूप से भारत के लिए गौरव का पल है।"
सोमनाथ मंदिर में महापूजा और महादेव की आराधना
श्री सोमनाथ मंदिर में भी कैप्टन माच्छर के दीर्घ स्वास्थ्य की कामना के लिए महापूजा का आयोजन किया गया। मंदिर ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर महापूजा का वीडियो साझा किया, जिसमें पुजारी सामूहिक मंत्रोच्चार करते और महामृत्युंजय मंत्र जाप अनुष्ठान करते दिखे।
श्री सोमनाथ मंदिर ने अपनी पोस्ट में लिखा, "देश के गौरव बहादुर पायलट कैप्टन स्मित माच्छर के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए श्री सोमनाथ में विशेष महापूजा की गई। कैप्टन माच्छर ने अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति बेमिसाल समर्पण दिखाते हुए 9/11 जैसी खतरनाक साजिश को नाकाम कर 174 यात्रियों की जान बचाई।"
राष्ट्रीय गौरव और जन भावना का प्रतीक
यह आयोजन उस व्यापक राष्ट्रीय भावना का प्रतिबिंब है जो कैप्टन स्मित माच्छर की असाधारण बहादुरी के बाद देशभर में उमड़ी है। गौरतलब है कि दुबई से इज़रायल की उड़ान के दौरान उन्होंने एक अत्यंत खतरनाक साजिश को नाकाम करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया था।
देश के दो प्रमुख शिव तीर्थ स्थलों — वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम और गुजरात के सोमनाथ — में एक साथ विशेष अनुष्ठान का होना इस बात का संकेत है कि आम जनमानस से लेकर धार्मिक संस्थाएँ तक इस शूरवीर पायलट के साथ खड़ी हैं।
आगे की उम्मीद
दोनों मंदिरों के पुजारियों ने विश्वास जताया है कि भगवान शिव की विशेष कृपा से कैप्टन माच्छर शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटेंगे। यह निरंतर जारी अनुष्ठान तब तक चलता रहेगा जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते।