17 अगस्त 2026
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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर शिव मंदिरों में लाखों भक्तों की भीड़

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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर शिव मंदिरों में लाखों भक्तों की भीड़

सारांश

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग — और देशभर के शिव मंदिर आस्था से भर उठे। दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर से लेकर नासिक के त्र्यंबकेश्वर तक, लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। यह संयोग इस वर्ष के सावन का सबसे विशेष पर्व-क्षण बन गया।

मुख्य बातें

17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग बना।
नई दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर , गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर और नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु एकत्र हुए।
महाराष्ट्र के तुंगारेश्वर महादेव मंदिर में भक्त रविवार रात से ही कतार में खड़े हो गए थे।
मंदिरों में जलाभिषेक , रुद्राभिषेक और नाग देवता की विशेष पूजा संपन्न हुई।
मंदिर प्रशासनों ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था की।

17 अगस्त 2026 को सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग ने देशभर के शिव मंदिरों को आस्था के महासागर में बदल दिया। भोर से ही लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसरों में उमड़ पड़े। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सावन सोमवार भगवान शिव को और नाग पंचमी नाग देवता को समर्पित है।

दिल्ली में गौरी शंकर मंदिर पर उमड़ी श्रद्धा

नई दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की अटूट कतारें देखी गईं। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों से गुंजायमान रहा। एक महिला श्रद्धालु ने बताया, 'दर्शन करके मुझे बहुत अच्छा लगा। यह बहुत प्राचीन मंदिर है।' एक अन्य महिला भक्त ने कहा, '30 साल से भोलेनाथ की कृपा है। हम इन्हीं के शरण में हैं। सावन के सोमवार को हम दर्शन करने आते ही हैं। आज नाग पंचमी होने की वजह से इसका विशेष महत्व है।'

उत्तर प्रदेश में दूधेश्वर नाथ मंदिर में विशेष इंतज़ाम

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी भारी संख्या में शिव भक्त पहुँचे। सुबह के पहले पहर से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना में जुट गए। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की थी।

महाराष्ट्र के शिवालयों में रात से ही लगी कतारें

महाराष्ट्र के वसई की पहाड़ी पर स्थित तुंगारेश्वर महादेव मंदिर में भक्त रविवार रात से ही पंक्तिबद्ध हो गए थे। सोमवार सुबह कपाट खुलते ही 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के बीच जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ। वहीं, नासिक के प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर मंदिर में नाग पंचमी के उपलक्ष्य में रुद्राभिषेक के साथ-साथ नाग देवता की विशेष पूजा भी संपन्न हुई।

धार्मिक महत्व और आम जनता पर असर

गौरतलब है कि सावन माह में प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष फल माना जाता है। नाग पंचमी का इसी दिन पड़ना इस पर्व को और अधिक पवित्र बनाता है। इस संयोग के चलते इस वर्ष मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य सोमवार की तुलना में कई गुना अधिक रही। देशभर में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था भी विशेष रूप से चाक-चौबंद की गई थी।

आगे क्या

सावन माह का चौथा और अंतिम सोमवार शीघ्र ही आने वाला है, जिसके लिए मंदिर प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला सावन की समाप्ति तक जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसी भी राजनीतिक या आर्थिक आयोजन से बड़ी स्वतःस्फूर्त भागीदारी खींचता है। गौरतलब है कि मंदिरों में इस पैमाने की भीड़ प्रशासन के लिए सुरक्षा और भगदड़-रोकथाम की गंभीर चुनौती भी पेश करती है — एक पहलू जिसे रिपोर्टिंग में अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। जब तक मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन भीड़ प्रबंधन में एकसमान मानक नहीं अपनाते, आस्था का यह ज्वार हर वर्ष एक अनावश्यक जोखिम भी बनता रहेगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का संयोग क्यों खास है?
सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और नाग पंचमी नाग देवता की पूजा का पर्व है। जब ये दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है, जिससे मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या असाधारण रूप से बढ़ जाती है।
17 अगस्त 2026 को किन प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन हुए?
नई दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर, गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर, महाराष्ट्र के वसई स्थित तुंगारेश्वर महादेव मंदिर और नासिक के ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के आयोजन हुए।
नाग पंचमी पर मंदिरों में कौन-सी विशेष पूजाएँ होती हैं?
नाग पंचमी पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ-साथ नाग देवता की विशेष पूजा भी की जाती है। त्र्यंबकेश्वर जैसे ज्योतिर्लिंग मंदिरों में इस दिन विशेष अनुष्ठान आयोजित होते हैं।
मंदिरों में भीड़ के मद्देनज़र प्रशासन ने क्या व्यवस्था की?
दूधेश्वर नाथ मंदिर सहित कई मंदिर प्रशासनों ने भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतज़ाम किए। तुंगारेश्वर मंदिर में रात से ही कतार लगने के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
सावन माह में अगला बड़ा धार्मिक आयोजन कब होगा?
सावन का चौथा और अंतिम सोमवार शीघ्र ही आने वाला है, जिसके लिए मंदिर प्रशासन तैयारियाँ शुरू कर चुके हैं। सावन माह की समाप्ति तक धार्मिक आयोजनों का यह सिलसिला जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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