सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा जनसैलाब, हरिद्वार से दिल्ली तक तड़के से भक्तों की कतारें
सारांश
मुख्य बातें
सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार, 3 अगस्त को हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तराखंड के हरिद्वार, उत्तर प्रदेश के अयोध्या, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा, तथा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु प्रार्थना की।
हरिद्वार: दक्षेश्वर महादेव मंदिर में रात तीन बजे से लगी कतारें
हरिद्वार के कनखल स्थित प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में रात तीन बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक की कतार में खड़े हो गए। मंदिर प्रशासन ने दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए विशेष प्रबंध किए ताकि भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंदिर के पुजारी विनोद ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पूरे महीने भगवान शिव प्रतीकात्मक रूप से दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान रहकर सृष्टि का संचालन करते हैं — यही कारण है कि सावन में इस मंदिर का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
महामंडलेश्वर संतोषी माता ने भी इस पवित्र स्थल के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से यह स्थान सदियों से आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और सावन में यहाँ पूजा-अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है।
मंदिर पहुँचे एक श्रद्धालु ने बताया कि दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव का ससुराल माना जाता है। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से जलाभिषेक करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं — इसी विश्वास के साथ हर वर्ष हज़ारों श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
अयोध्या और हापुड़: सरयू स्नान के बाद शिवालयों में जलाभिषेक
धार्मिक नगरी अयोध्या में भी सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालु एकत्र हुए। भक्तों ने पहले सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और इसके बाद नागेश्वर नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए।
हापुड़ के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री सबली महादेव मंदिर में भी सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के पुजारी पंडित रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि यह जिले के सबसे प्रतिष्ठित शिव मंदिरों में से एक है और यहाँ सच्ची श्रद्धा से पूजा करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर विशेष भीड़ उमड़ती है।
ग्रेटर नोएडा: बिसरख के रावण मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक
ग्रेटर नोएडा के बिसरख गाँव स्थित प्रसिद्ध रावण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बिसरख को रावण का जन्मस्थान माना जाता है। यहाँ स्थित स्वयंभू शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि इसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया।
धार्मिक मान्यता यह भी है कि रावण ने इसी शिवलिंग की कठोर तपस्या कर भगवान शिव को अपने सिर अर्पित किए थे, जिसके बाद उन्हें दस सिरों से जुड़ी अद्भुत शक्ति का वरदान मिला था। इसी कारण सावन के दौरान यह मंदिर विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है।
दिल्ली: गौरी शंकर और तुगलकाबाद मंदिर में भोर से भक्तों का तांता
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तुगलकाबाद के प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी पंक्तियाँ लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
गौरी शंकर मंदिर पहुँचे एक श्रद्धालु ने बताया कि वे सुबह छह बजे मंदिर पहुँचे थे, लेकिन तब तक भी दर्शन के लिए लंबी कतार लग चुकी थी। उन्होंने कहा कि वे नियमित रूप से मंदिर आते हैं, लेकिन सावन के पहले सोमवार जैसी भीड़ उन्होंने लंबे समय बाद देखी।
सावन का यह धार्मिक उत्साह आने वाले सोमवारों पर और अधिक बढ़ने की संभावना है, क्योंकि श्रद्धालु पूरे महीने शिवालयों में जलाभिषेक की परंपरा निभाते हैं।