तमिलनाडु बजट 2026-27: सीएम विजय ने संशोधित व कृषि बजट को बताया समावेशी विकास का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 6 अगस्त 2026 को टीवीके सरकार के पहले संशोधित बजट और कृषि बजट की सराहना करते हुए इन्हें राज्य में समावेशी विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। चेन्नई में विधानसभा सत्र के दौरान दोनों बजट पेश किए गए, जिनका उद्देश्य समाज के हर तबके की आजीविका को मजबूती देना है।
बजट पेश करने वाले मंत्री और मुख्य घटनाक्रम
वित्त, योजना एवं विकास मंत्री एन. मैरी विल्सन ने वर्ष 2026-27 का संशोधित बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया, जबकि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने कृषि बजट पेश किया। मंत्री विनोथ का बजट भाषण सुबह 9:31 बजे शुरू होकर 11:38 बजे समाप्त हुआ — यानी यह भाषण दो घंटे से अधिक समय तक चला।
बजट पेश होने के बाद जारी बयान में मुख्यमंत्री विजय ने दोनों मंत्रियों की प्रशंसा की और कहा कि ये बजट तमिलनाडु के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
संशोधित बजट में किसे मिला स्थान
मुख्यमंत्री विजय के अनुसार, संशोधित बजट में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर समुदाय, श्रमिकों, मछुआरों, बुनकरों, उद्यमियों और सरकारी कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि बजट का व्यापक दृष्टिकोण नए अवसर सृजित करने और दीर्घकालिक आर्थिक व सामाजिक विकास की नींव रखने पर केंद्रित है।
कृषि बजट: किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
कृषि बजट में किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने और कृषि से जुड़े क्षेत्रों को गति देने की योजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित मूल्य संवर्धन उद्योगों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी की गई है।
विजय ने कहा कि इन क्षेत्रों को मजबूत करने से ग्रामीण तमिलनाडु में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों की आर्थिक सुरक्षा में इज़ाफा होगा।
आम जनता पर असर
सरकार का दावा है कि इन बजटों के ज़रिए आर्थिक प्रगति का लाभ राज्य के सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में टीवीके सरकार अपने पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष में जनकल्याण नीतियों के ज़रिए अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिश में है।
मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और जनकल्याण को केंद्र में रखकर तमिलनाडु समृद्धि की दिशा में अपनी यात्रा जारी रखेगा।
क्या होगा आगे
अब सभी की नज़रें इन बजटों के क्रियान्वयन पर होंगी — विशेषकर यह देखना होगा कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी घोषणाएँ ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं। विपक्षी दल और नीति विश्लेषक इन बजटों की वास्तविक वित्तीय स्थिति और आवंटन के ब्यौरे पर बारीकी से नज़र रखेंगे।