तमिलनाडु कृषि बजट 2026-27: किसानों को फसल ऋण माफी और MSP पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद गुरुवार, 7 अगस्त 2026 को विधानसभा में राज्य का 2026-27 का अलग कृषि बजट पेश करने वाले हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु वेट्री कषगम (TVK) सरकार के इस पहले कृषि बजट से किसानों को फसल ऋण माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और जलवायु संकट से निपटने के उपायों पर ठोस घोषणाओं की आस है।
मुख्य घोषणाओं की उम्मीद
किसान संगठनों की सबसे बड़ी माँग सहकारी फसल ऋण माफी की है। संगठन सरकार पर 28 फरवरी तक लिए गए सहकारी फसल ऋणों को माफ करने का दबाव बना रहे हैं। उनकी उम्मीद है कि कृषि बजट में राहत की सीमा और वित्तीय ढाँचे को स्पष्ट किया जाएगा।
प्रमुख फसलों — विशेषकर धान और गन्ना — के लिए खरीद प्रोत्साहन बढ़ाने, उत्पादन लागत घटाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की भी माँग है। मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई हालिया समीक्षा बैठकों में इन्हीं मुद्दों पर चर्चा की गई।
वित्तीय पृष्ठभूमि
बुधवार को पेश आम बजट में वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के लिए संशोधित बजट अनुमानों के तहत ₹14,984 करोड़ आवंटित किए। यह राशि गुरुवार के क्षेत्र-विशिष्ट ऐलानों की वित्तीय आधारशिला बनती है।
गौरतलब है कि कृषि बजट आम बजट से एक दिन बाद आ रहा है — यह क्रम खुद में यह संकेत देता है कि TVK सरकार कृषि क्षेत्र को अलग और विशेष दर्जा देना चाहती है।
अवसंरचना और आधुनिकीकरण पर फोकस
बजट में कृषि अवसंरचना, मशीनीकरण, भंडारण सुविधाओं और आधुनिक प्रौद्योगिकियों में निवेश की भी घोषणाएँ संभव हैं। खरीद केंद्रों को मज़बूत करना और सरकारी एजेंसियों को उपज बेचने की प्रक्रियाओं को सरल बनाना भी किसानों की प्रमुख माँगों में शामिल है।
खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दीर्घकालिक रणनीति को भी बजट में रेखांकित किए जाने की उम्मीद है।
राजनीतिक दांव
यह बजट TVK सरकार की साख के लिए अहम है। सत्ता में आने के बाद यह पहला पूर्ण बजट चक्र है, और किसान समुदाय यह देखना चाहता है कि चुनावी वादे ठोस आवंटन में बदलते हैं या नहीं। आलोचकों का कहना है कि ऋण माफी की घोषणा बिना स्पष्ट वित्तपोषण योजना के राज्य के राजकोष पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
आगे क्या
गुरुवार को विधानसभा में कृषि मंत्री आर. विनोद के भाषण के बाद यह स्पष्ट होगा कि TVK प्रशासन किसानों की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है। बजट के बाद किसान संगठनों की प्रतिक्रिया और विपक्ष का रुख भी महत्वपूर्ण होगा।