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टीटीवी दिनाकरन का तमिलनाडु सरकार पर हमला: फसल ऋण माफी 'छोटे किसानों से विश्वासघात'

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टीटीवी दिनाकरन का तमिलनाडु सरकार पर हमला: फसल ऋण माफी 'छोटे किसानों से विश्वासघात'

सारांश

TVK सरकार ने फसल ऋण माफी की घोषणा की, लेकिन स्लैब-आधारित ढाँचे ने विवाद खड़ा कर दिया। AMMK महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने एक्स पर हमला बोला — ₹1 लाख से अधिक ऋण पर मात्र ₹5,000 राहत को चुनावी वादे से 'विश्वासघात' करार दिया।

मुख्य बातें

AMMK महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 26 मई को तमिलनाडु की फसल ऋण माफी योजना को छोटे किसानों के साथ विश्वासघात बताया।
तमिलनाडु सरकार ने ₹50,000 तक के ऋण पर पूर्ण माफी और ₹1 लाख से अधिक के ऋण पर केवल ₹5,000 राहत की घोषणा की।
दिनाकरन ने कहा कि TVK का चुनावी वादा था कि 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों का सहकारी बैंक ऋण पूरी तरह माफ होगा।
डेल्टा सिंचाई किसान संघ महासंघ ने भी इस घोषणा की कड़ी निंदा की है।
दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय से घोषणापत्र के अनुसार सूक्ष्म, छोटे और सीमांत किसानों का ऋण पूर्ण माफ करने का आग्रह किया।

अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 26 मई को तमिलनाडु की TVK सरकार पर तीखा हमला बोला और राज्य की नई कृषि फसल ऋण माफी योजना को सूक्ष्म, छोटे और सीमांत किसानों के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से माँग की कि चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार 5 एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों के सहकारी बैंक ऋण पूर्ण रूप से माफ किए जाएँ।

क्या है विवाद की जड़

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सोमवार को सहकारी बैंकों से फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए एक स्लैब-आधारित ऋण माफी योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत ₹50,000 तक का ऋण लेने वाले सीमांत किसानों का पूरा बकाया माफ होगा, लेकिन जैसे-जैसे ऋण राशि बढ़ती है, राहत घटती जाती है। ₹1 लाख से अधिक का ऋण लेने वाले किसानों को मात्र ₹5,000 की राहत मिलेगी।

दिनाकरन ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ढाई एकड़ तक की खेती करने वाले किसानों ने अक्सर ₹3 लाख तक का ऋण लिया हुआ है, ऐसे में यह योजना उनकी वास्तविक जरूरत को पूरा करने में नाकाफी है।

ऋण माफी की पूरी स्लैब संरचना

सीमांत किसानों के लिए: ₹50,000 तक — पूर्ण माफी; ₹50,001–₹60,000₹40,000 की राहत; ₹60,001–₹70,000₹30,000; ₹70,001–₹80,000₹20,000; ₹80,001–₹1 लाख₹10,000; ₹1 लाख से अधिक₹5,000

छोटे किसानों के लिए: ₹50,000 तक के ऋण पर 50 प्रतिशत माफी; ₹50,001–₹60,000₹20,000; ₹60,001–₹70,000₹15,000; ₹70,001–₹80,000₹10,000; ₹80,001–₹1 लाख₹5,000बड़े किसानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है और उन्हें ₹5,000 की ऋण माफी मिलेगी।

दिनाकरन का एक्स पर सीधा हमला

दिनाकरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिस प्रकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा एक धोखा साबित हुई, उसी तरह यह ऋण माफी भी एक और छलावा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि TVK ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 5 एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों के सहकारी बैंक फसल ऋण पूर्ण रूप से माफ होंगे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने ऋण राशि के आधार पर स्लैब प्रणाली लागू कर दी।

यह ऐसे समय में आया है जब डेल्टा सिंचाई किसान संघ महासंघ ने भी इस घोषणा की कड़ी निंदा की है, जो दर्शाता है कि विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी व्यापक है।

मुख्यमंत्री से माँग

दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय से सीधे आग्रह किया कि तमिलनाडु में 5 एकड़ से कम भूमि रखने वाले सूक्ष्म, छोटे और सीमांत किसानों के सहकारी बैंकों से लिए गए समस्त फसल ऋण घोषणापत्र के वादे के अनुरूप पूर्णतः माफ किए जाएँ। गौरतलब है कि यह माँग उन किसानों के हित में है जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। आने वाले दिनों में सरकार इस दबाव के जवाब में कोई संशोधित रुख अपनाती है या नहीं, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 मिलना — जबकि उसका बकाया कई गुना अधिक हो सकता है — यह राहत कम, प्रतीकात्मक अधिक लगती है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास इस वादे को पूरा करने की वित्तीय क्षमता थी और यदि नहीं, तो चुनाव से पहले ऐसा वादा क्यों किया गया। डेल्टा किसान संघ जैसे गैर-राजनीतिक संगठनों का विरोध यह संकेत देता है कि यह मुद्दा केवल विपक्षी राजनीति नहीं, बल्कि जमीनी असंतोष का प्रतिबिंब है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की फसल ऋण माफी योजना में किसे कितनी राहत मिलेगी?
सीमांत किसानों के लिए ₹50,000 तक के ऋण पर पूर्ण माफी है, जबकि ₹1 लाख से अधिक के ऋण पर केवल ₹5,000 की राहत मिलेगी। छोटे किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर 50 प्रतिशत माफी और बड़े किसानों को ₹5,000 की माफी दी जाएगी।
टीटीवी दिनाकरन ने तमिलनाडु सरकार पर क्या आरोप लगाए?
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि TVK ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों का सहकारी बैंक ऋण पूरी तरह माफ होगा, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्लैब-आधारित आंशिक माफी लागू की गई। उन्होंने इसे सूक्ष्म, छोटे और सीमांत किसानों के साथ विश्वासघात बताया।
डेल्टा सिंचाई किसान संघ महासंघ ने क्या कहा?
डेल्टा सिंचाई किसान संघ महासंघ ने तमिलनाडु सरकार की इस ऋण माफी घोषणा की कड़ी निंदा की है। यह संगठन का विरोध दर्शाता है कि असंतोष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि किसान संगठनों के स्तर पर भी है।
दिनाकरन की मुख्यमंत्री विजय से क्या माँग है?
दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय से माँग की है कि तमिलनाडु में 5 एकड़ से कम भूमि रखने वाले सूक्ष्म, छोटे और सीमांत किसानों के सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण घोषणापत्र के वादे के अनुसार पूर्णतः माफ किए जाएँ।
200 यूनिट मुफ्त बिजली से इस विवाद का क्या संबंध है?
दिनाकरन ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा का उल्लेख एक पूर्व उदाहरण के रूप में किया, जिसे उन्होंने भी धोखा बताया था। उनके अनुसार TVK सरकार चुनावी वादों को सत्ता में आने के बाद पूरा नहीं कर रही, और यह ऋण माफी उसी पैटर्न की अगली कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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