तमिलनाडु पर ₹13.18 लाख करोड़ का कर्ज: टीवीके सरकार का श्वेत पत्र जारी, विपक्ष ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की नवनिर्वाचित टीवीके सरकार ने 17 जून 2026 को राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें राज्य की कुल वित्तीय देनदारियाँ ₹13.18 लाख करोड़ बताई गई हैं। वित्त मंत्री मैरी विल्सन द्वारा जारी इस दस्तावेज़ के अनुसार, इसमें प्रत्यक्ष कर्ज (डायरेक्ट डेट) अकेले ₹10 लाख करोड़ के करीब पहुँच चुका है। इस श्वेत पत्र ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है — एक ओर सत्तापक्ष इसे पारदर्शिता का प्रतीक बता रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार करार दे रहा है।
श्वेत पत्र में क्या है
वित्त मंत्री मैरी विल्सन द्वारा मंगलवार को प्रस्तुत इस दस्तावेज़ में राज्य की समग्र वित्तीय देनदारियाँ ₹13.18 लाख करोड़ दर्शाई गई हैं। इनमें प्रत्यक्ष उधारी ₹10 लाख करोड़ के आसपास है। यह श्वेत पत्र पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद जारी किया गया है। गौरतलब है कि DMK के सत्ता में आने से पहले राज्य पर लगभग ₹5 लाख करोड़ का कर्ज था, जो उनके कार्यकाल के अंत तक ₹10 लाख करोड़ तक पहुँचने की बात स्वयं DMK ने स्वीकार की थी।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने श्वेत पत्र का स्वागत करते हुए इसे पिछली सरकारों के आर्थिक कुप्रबंधन का प्रमाण बताया। BJP नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, 'BJP शासित राज्यों ने कोविड के बाद भी आर्थिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है, फिर तमिलनाडु ऐसा क्यों नहीं कर सका? इसके अलावा, जब सरकार श्वेत पत्र जारी कर रही है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए वह कौन से कदम उठाने जा रही है।'
सुंदरराजन ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार ने महिलाओं को सहायता देने का वादा किया है, जिसके लिए 1.57 करोड़ लाभार्थियों को लगभग ₹47,000 करोड़ की आवश्यकता होगी। किसानों को नकद सहायता के लिए अलग से ₹11,910 करोड़ की ज़रूरत बताई गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार को राज्य की वित्तीय स्थिति पहले से ज्ञात थी, तो इतने बड़े चुनावी वादे क्यों किए गए।
BJP नेता नारायणन तिरुपति ने भी सवाल उठाया कि जब कर्ज के आँकड़े पहले से सार्वजनिक थे, तो श्वेत पत्र जारी करने का वास्तविक उद्देश्य क्या है।
DMK का पलटवार
DMK ने इस श्वेत पत्र की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सरकार की अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति बजट पेश करते समय पहले ही विस्तार से सार्वजनिक की जा चुकी है। उन्होंने इस दस्तावेज़ को चुनावी वादे पूरे न कर पाने की नाकामी छिपाने का एक राजनीतिक स्टंट करार दिया।
DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा, 'हमारे पूर्व वित्त मंत्री ने कहा है कि श्वेत पत्र में दिए गए आँकड़े गलत हैं। उन्होंने जल्द ही विस्तृत आँकड़े जारी कर इस सरकार द्वारा जारी श्वेत पत्र की खामियों और गलतियों को उजागर करने की बात कही है।'
आम जनता और राजकोषीय भविष्य पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु सरकार पर चुनावी वादों — महिला सहायता योजना और किसान नकद सहायता — को पूरा करने का दबाव है, जबकि राजकोषीय घाटा पहले से ही गहरा है। आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस राजकोषीय सुधार रोडमैप के श्वेत पत्र महज एक दस्तावेज़ी कवायद बनकर रह सकता है। राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य पर आगे की दिशा स्पष्ट करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।