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तमिलनाडु CM विजय का बड़ा फैसला: सहकारी बैंक फसल ऋण माफी योजना से छोटे-सीमांत किसानों को राहत

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तमिलनाडु CM विजय का बड़ा फैसला: सहकारी बैंक फसल ऋण माफी योजना से छोटे-सीमांत किसानों को राहत

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 25 मई को सहकारी बैंक फसल ऋण माफी की घोषणा की — सीमांत किसानों को ₹50,000 तक पूर्ण माफी और छोटे किसानों को 50% छूट मिलेगी। यह योजना ऋण स्लैब के आधार पर अलग-अलग राहत देती है, जिससे राज्य के हज़ारों किसानों को सीधा फायदा होगा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु CM विजय ने 25 मई 2026 को चेन्नई में सहकारी बैंक फसल ऋण माफी योजना की घोषणा की।
सीमांत किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर पूर्ण माफी ; उससे अधिक ऋण पर स्लैब-आधारित छूट।
छोटे किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर 50% की छूट और उच्च स्लैब पर आंशिक राहत।
बड़े किसानों को भी ₹5,000 तक की ऋण माफी का प्रावधान।
योजना केवल सहकारी बैंकों के माध्यम से लिए गए फसल ऋण पर लागू होगी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार, 25 मई 2026 को चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों के लिए एक संरचित फसल ऋण माफी योजना की घोषणा की। इस योजना का लाभ राज्य भर के छोटे, सीमांत और बड़े किसानों को मिलेगा, जिन पर कृषि ऋण का बोझ है।

योजना की मुख्य संरचना

सीमांत किसानों के लिए राहत का सबसे बड़ा प्रावधान रखा गया है। ₹50,000 तक के फसल ऋण पर पूर्ण माफी दी जाएगी। ₹50,001 से ₹60,000 के बीच के ऋण पर ₹40,000, ₹60,001 से ₹70,000 पर ₹30,000, ₹70,001 से ₹80,000 पर ₹20,000, ₹80,001 से ₹1 लाख पर ₹10,000 और ₹1 लाख से अधिक के ऋण पर ₹5,000 की माफी मिलेगी।

छोटे किसानों के लिए ₹50,000 तक के ऋण पर 50 प्रतिशत की छूट निर्धारित की गई है। ₹50,001 से ₹60,000 के बीच के ऋण पर ₹20,000, ₹60,001 से ₹70,000 पर ₹15,000, ₹70,001 से ₹80,000 पर ₹10,000 और ₹80,001 से ₹1 लाख तक के ऋण पर ₹5,000 की राहत दी जाएगी।

बड़े किसानों को भी राहत

छोटे और सीमांत किसानों के अलावा, सहकारी बैंकों से फसल ऋण लेने वाले बड़े किसानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। पात्र बड़े किसानों को ₹5,000 तक की ऋण माफी का लाभ मिलेगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल से कृषि क्षेत्र में ऋण का बोझ उल्लेखनीय रूप से कम होने की उम्मीद है।

बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे

मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम. विनोद, सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज, वित्त, योजना एवं विकास मंत्री एन. मारिया विल्सन तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह बैठक चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित की गई।

किसानों पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु के कृषि क्षेत्र में सहकारी बैंक ऋण की अदायगी को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इस संरचित माफी पैकेज से किसानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलेगी और वे अगले कृषि चक्र के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। गौरतलब है कि यह योजना केवल सहकारी बैंकों के माध्यम से लिए गए फसल ऋण पर लागू होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह है कि क्या यह केवल सहकारी बैंकों तक सीमित दायरा उन किसानों को छोड़ देता है जिन्होंने राष्ट्रीयकृत या निजी बैंकों से ऋण लिया है। ऋण माफी की राजनीतिक अर्थव्यवस्था भी अनदेखी नहीं की जा सकती — बिना दीर्घकालिक कृषि सुधारों के, ऐसी घोषणाएँ अगले चुनाव चक्र तक राहत देती हैं, पर संरचनात्मक समस्या बनी रहती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु फसल ऋण माफी योजना 2026 क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार द्वारा 25 मई 2026 को घोषित एक संरचित ऋण राहत पैकेज है, जो सहकारी बैंकों के माध्यम से फसल ऋण लेने वाले छोटे, सीमांत और बड़े किसानों को स्लैब-आधारित माफी प्रदान करती है। सीमांत किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर पूर्ण माफी मिलेगी।
सीमांत और छोटे किसानों को इस योजना में कितनी राहत मिलेगी?
सीमांत किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर पूर्ण माफी मिलेगी, जबकि ₹1 लाख से अधिक पर ₹5,000 की न्यूनतम छूट है। छोटे किसानों को ₹50,000 तक के ऋण पर 50% छूट और उच्च स्लैब पर ₹5,000 से ₹20,000 तक की आंशिक राहत दी जाएगी।
क्या बड़े किसान भी इस योजना के पात्र हैं?
हाँ, सहकारी बैंकों से फसल ऋण लेने वाले बड़े किसानों को भी ₹5,000 तक की ऋण माफी का प्रावधान किया गया है। हालांकि, यह राहत छोटे और सीमांत किसानों की तुलना में सीमित है।
यह योजना किन बैंकों के ऋण पर लागू होगी?
यह योजना केवल सहकारी बैंकों के माध्यम से लिए गए फसल ऋण पर लागू होगी। राष्ट्रीयकृत या निजी बैंकों से लिए गए ऋण इस माफी योजना के दायरे में नहीं आते।
इस घोषणा का निर्णय कहाँ और किसकी उपस्थिति में लिया गया?
यह निर्णय चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में कृषि मंत्री एम. विनोद, सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज और वित्त मंत्री एन. मारिया विल्सन भी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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