महाराष्ट्र किसान कर्ज माफी 30 जून तक पूरी होगी: CM फडणवीस का ऐलान, CIBIL स्कोर की बाधा खत्म
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 21 मई को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राज्य सरकार की कृषि ऋण माफी योजना के तहत सभी पात्र किसानों को 30 जून 2025 से पहले उनकी ऋण माफी राशि प्राप्त हो जाएगी। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समयबद्ध क्रियान्वयन से किसानों के लिए आगामी कृषि सीजन हेतु नए ऋण का मार्ग खुलेगा।
मुख्य घोषणाएँ और निर्देश
मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश दिया कि वे अपने निर्धारित कृषि ऋण वितरण लक्ष्यों का कम से कम 80 प्रतिशत अनिवार्य रूप से हासिल करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फसल ऋण माँगने वाले किसानों से CIBIL स्कोर की माँग नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमने राष्ट्रीयकृत बैंकों को सूचित कर दिया है कि CIBIL स्कोर की आवश्यकताओं से किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए।'
मुख्यमंत्री ने बैंकिंग मुख्यालयों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक स्थानीय शाखा को स्पष्ट अधिसूचना पत्र जारी करें, जिसमें यह रेखांकित किया जाए कि फसल ऋण के लिए CIBIL स्कोर अनिवार्य नहीं है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अधिकारियों ने बैठक में भाग लेकर इस नियामक रुख की पुष्टि की और आश्वासन दिया कि किसी भी किसान की फसल ऋण प्रक्रिया में बाधा नहीं आएगी।
कृषि ऋण का मौजूदा ढाँचा
आंकड़ों के अनुसार, जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक वर्तमान में महाराष्ट्र में कृषि ऋणों का 67 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करते हैं, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीयकृत बैंक अक्सर अपने कृषि ऋण लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहते हैं और इस बार उन्हें अपने 80 प्रतिशत वितरण लक्ष्य पूरे करने ही होंगे।
विलंब की पृष्ठभूमि और विपक्ष की आलोचना
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले ऋण माफी योजना की घोषणा की थी, लेकिन क्रियान्वयन की कोई निश्चित तिथि न होने के कारण किसानों और बैंकिंग संस्थानों दोनों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। विपक्ष ने इस देरी का हवाला देते हुए राज्य प्रशासन की आलोचना की थी। मुख्यमंत्री की 30 जून की समयसीमा की घोषणा इसी अनिश्चितता को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
मौसम जोखिम और आकस्मिक योजना
मुख्यमंत्री ने जलवायु संबंधी चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार इस वर्ष केवल 88 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है और वर्षा में गिरावट की आशंका है। इस पैटर्न से फसलों पर नमी का दबाव बढ़ सकता है। राज्य ने इन संकेतकों के आधार पर 'जलयुक्त शिवर' (जल संरक्षण) पहलों के क्रियान्वयन में तेजी लाने सहित व्यापक आकस्मिक योजनाएँ तैयार की हैं।
तकनीकी पहल और उर्वरक निगरानी
कृषि समुदाय की सहायता के लिए राज्य सरकार ने 'महाविस्तार' मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके फसल पैटर्न पर अनुकूलित जानकारी और किसानों के कृषि संबंधी प्रश्नों के सीधे उत्तर प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, उर्वरकों की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जो इस वर्ष वैश्विक उत्पादन दबाव का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'कृषि उर्वरकों के औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध हस्तांतरण को रोकने के लिए राज्य प्रशासन अनिवार्य वीडियोग्राफी प्रोटोकॉल लागू करेगा।' खरीफ बुवाई सीजन नजदीक आने के साथ, इन उपायों से महाराष्ट्र के कृषि संकट को कम करने और कृषि कार्यों को सुव्यवस्थित करने की उम्मीद है।