महाराष्ट्र: MJPSKY के तहत 12.71 लाख किसानों को कर्ज राहत, ₹36,585 करोड़ की माफी योजना का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने 24 जून 2026 को राज्य विधानसभा में महायुति सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना (MJPSKY) के तहत 56.24 लाख किसानों को ₹36,585 करोड़ की वित्तीय राहत देने की घोषणा की, जिसे उन्होंने महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कर्ज माफी योजना बताया। साथ ही, महात्मा ज्योतिराव फुले लोन माफी स्कीम के तहत 12.71 लाख अतिरिक्त किसानों को राहत देने का निर्णय भी लिया गया है।
कर्ज माफी योजना की मुख्य शर्तें
नियम 293 के तहत हुई बहस का जवाब देते हुए मंत्री भरणे ने योजना की संरचना स्पष्ट की। जिन किसानों पर ₹2 लाख तक का बकाया कर्ज (ब्याज सहित) है, उनका पूरा ऋण माफ किया जाएगा। जिनका बकाया ₹2 लाख से अधिक है, उन्हें शेष राशि चुकाने के बाद ₹2 लाख की माफी मिलेगी। इसके अतिरिक्त, पिछले तीन वर्षों में से किन्हीं दो वर्षों में नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस दिया जाएगा।
मंत्री भरणे ने इस योजना की तुलना पिछली माफी योजनाओं से करते हुए बताया कि 2009 की योजना में ₹4,008 करोड़, 2017 की छत्रपति शिवाजी महाराज स्कीम में ₹24,737 करोड़ और 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले स्कीम में ₹25,749 करोड़ की राहत दी गई थी — जबकि मौजूदा योजना इन सभी से बड़ी है।
12.71 लाख किसानों को अतिरिक्त राहत
मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने 2019 में महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार द्वारा लागू की गई महात्मा ज्योतिराव फुले लोन माफी स्कीम के तहत लंबित 12.71 लाख किसानों को राहत देने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस फैसले की आधिकारिक घोषणा करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष ने मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट किया।
खरीफ 2026 और सूखे की तैयारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव से खरीफ 2026 सीजन में औसत से कम वर्षा होने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। किसानों से अपील की गई है कि पर्याप्त और निरंतर बारिश होने तक जल्दबाजी में बुवाई न करें।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और CRIDA के सहयोग से 'ब्रॉड बेड फरो' (BBF) बुवाई पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य-स्तरीय कार्यशालाएँ आयोजित की गई हैं। सरकार BBF उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करेगी। कम अवधि में तैयार होने वाली और सूखा-सहिष्णु बीज किस्मों का वितरण भी जारी है। पिछले दो वर्षों में 2,000 से अधिक खेत-तालाब खोदे गए हैं, और माइक्रो-इरिगेशन तथा मल्चिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 जून को राज्य की सूखा-तैयारियों की समीक्षा की थी।
कृषि समृद्धि योजना: आधुनिक खेती को बढ़ावा
कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार ने ₹5,000 करोड़ के कुल बजट के साथ 'कृषि समृद्धि योजना' शुरू की है। वित्त वर्ष 2026-27 में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि शेष ₹3,000 करोड़ अनुपूरक मांगों के माध्यम से जुटाए जाएंगे।
इस योजना के अंतर्गत कीटनाशक और खाद छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक, गाँव-स्तर पर किसान सेवा केंद्र और जैविक खेती अभियान 'आपले शेत, आपले खत' को फंडिंग मिलेगी। इसके अलावा महिला किसानों के लिए प्रगतिशील कानून लाने की भी तैयारी बताई गई है।
आगे क्या
मुख्यमंत्री द्वारा 12.71 लाख किसानों की राहत की आधिकारिक घोषणा शीघ्र अपेक्षित है। विपक्ष के वॉकआउट के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्रियान्वयन की समयसीमा और सत्यापन तंत्र पर सरकार कितनी जल्दी स्पष्टता लाती है।