महाराष्ट्र की ₹36,585 करोड़ किसान कर्जमाफी योजना: फडणवीस को भाजपा सांसद तरुण चुघ ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार की ₹36,585 करोड़ की ऐतिहासिक किसान कर्जमाफी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी है। 12 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर की गई पोस्ट में चुघ ने इस निर्णय को 56.24 लाख किसानों के लिए बड़ी राहत बताया।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' के तहत यह घोषणा की है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे के अनुसार, जिन किसानों पर ₹2 लाख तक का बकाया कर्ज (ब्याज सहित) है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। जिन किसानों पर ₹2 लाख से अधिक बकाया है, उन्हें शेष राशि चुकाने के बाद ₹2 लाख की माफी का लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, जो किसान पिछले तीन वर्षों में से किन्हीं दो वर्षों में फसल लोन का नियमित भुगतान करते रहे हैं, उन्हें ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस भी दिया जाएगा।
पिछली योजनाओं से तुलना
कृषि मंत्री भरणे ने बताया कि मौजूदा योजना पिछली कर्जमाफी पहलों से कहीं अधिक व्यापक है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2009 की योजना में ₹4,008 करोड़, 2017 की छत्रपति शिवाजी महाराज योजना में ₹24,737 करोड़ और 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले योजना में ₹25,749 करोड़ की माफी दी गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कृषि संकट की चर्चा लगातार बनी हुई है।
गौरतलब है कि सरकार ने 2019 में महा विकास अघाड़ी सरकार द्वारा लागू महात्मा ज्योतिराव फुले लोन माफी योजना के तहत 12.71 लाख किसानों को राहत देने का भी निर्णय लिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष पर निशाना
चुघ ने इस निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन सरकार' की किसान-हितैषी नीति का प्रमाण बताया। साथ ही उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है और पंजाब का किसान कर्ज, फसल संकट और आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है।
खरीफ 2026 और अल नीनो की चुनौती
कृषि मंत्री भरणे ने यह भी बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार अल नीनो के कारण खरीफ 2026 सीजन में औसत से कम वर्षा की संभावना है। इससे निपटने के लिए सरकार ने ठोस तैयारी की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 जून को राज्य की तैयारियों की समीक्षा की।
किसानों से अपील की गई है कि पर्याप्त और निरंतर वर्षा होने तक जल्दबाजी में बुवाई न करें। 'ब्रॉड बेड फरो' (BBF) बुवाई पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए ICAR और CRIDA के सहयोग से राज्यस्तरीय कार्यशालाएँ आयोजित की गई हैं। सरकार BBF उपकरणों पर सब्सिडी भी देगी।
आगे की राह
मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री फडणवीस जल्द ही महात्मा ज्योतिराव फुले योजना के अंतर्गत 12.71 लाख किसानों को राहत देने की औपचारिक घोषणा करेंगे। यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो महाराष्ट्र में कृषि ऋण राहत का यह सबसे बड़ा एकल प्रयास साबित होगा।