12 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र की ₹36,585 करोड़ किसान कर्जमाफी योजना: फडणवीस को भाजपा सांसद तरुण चुघ ने दी बधाई

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महाराष्ट्र की ₹36,585 करोड़ किसान कर्जमाफी योजना: फडणवीस को भाजपा सांसद तरुण चुघ ने दी बधाई

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने ₹36,585 करोड़ की किसान कर्जमाफी योजना लागू की — राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी कृषि राहत पहल। 56.24 लाख किसानों को फायदा, ₹2 लाख तक का पूरा कर्ज माफ और नियमित भुगतान करने वालों को ₹50,000 बोनस। BJP ने इसे 'डबल इंजन' का नतीजा बताया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' के तहत ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी की घोषणा की।
राज्य के 56.24 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा; ₹2 लाख तक का पूरा कर्ज माफ होगा।
नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस दिया जाएगा।
यह योजना 2009 (₹4,008 करोड़), 2017 (₹24,737 करोड़) और 2019 (₹25,749 करोड़) की पिछली माफी योजनाओं से बड़ी है।
BJP सांसद तरुण चुघ ने CM देवेंद्र फडणवीस को बधाई देते हुए पंजाब में अधूरे कर्जमाफी वादे पर सवाल उठाए।
अल नीनो के कारण खरीफ 2026 में कम बारिश की आशंका; सरकार ने BBF बुवाई और ICAR-CRIDA कार्यशालाओं के जरिए तैयारी की।

महाराष्ट्र सरकार की ₹36,585 करोड़ की ऐतिहासिक किसान कर्जमाफी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी है। 12 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर की गई पोस्ट में चुघ ने इस निर्णय को 56.24 लाख किसानों के लिए बड़ी राहत बताया।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' के तहत यह घोषणा की है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे के अनुसार, जिन किसानों पर ₹2 लाख तक का बकाया कर्ज (ब्याज सहित) है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। जिन किसानों पर ₹2 लाख से अधिक बकाया है, उन्हें शेष राशि चुकाने के बाद ₹2 लाख की माफी का लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, जो किसान पिछले तीन वर्षों में से किन्हीं दो वर्षों में फसल लोन का नियमित भुगतान करते रहे हैं, उन्हें ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस भी दिया जाएगा।

पिछली योजनाओं से तुलना

कृषि मंत्री भरणे ने बताया कि मौजूदा योजना पिछली कर्जमाफी पहलों से कहीं अधिक व्यापक है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2009 की योजना में ₹4,008 करोड़, 2017 की छत्रपति शिवाजी महाराज योजना में ₹24,737 करोड़ और 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले योजना में ₹25,749 करोड़ की माफी दी गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कृषि संकट की चर्चा लगातार बनी हुई है।

गौरतलब है कि सरकार ने 2019 में महा विकास अघाड़ी सरकार द्वारा लागू महात्मा ज्योतिराव फुले लोन माफी योजना के तहत 12.71 लाख किसानों को राहत देने का भी निर्णय लिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष पर निशाना

चुघ ने इस निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन सरकार' की किसान-हितैषी नीति का प्रमाण बताया। साथ ही उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है और पंजाब का किसान कर्ज, फसल संकट और आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है।

खरीफ 2026 और अल नीनो की चुनौती

कृषि मंत्री भरणे ने यह भी बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार अल नीनो के कारण खरीफ 2026 सीजन में औसत से कम वर्षा की संभावना है। इससे निपटने के लिए सरकार ने ठोस तैयारी की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 जून को राज्य की तैयारियों की समीक्षा की।

किसानों से अपील की गई है कि पर्याप्त और निरंतर वर्षा होने तक जल्दबाजी में बुवाई न करें। 'ब्रॉड बेड फरो' (BBF) बुवाई पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए ICAR और CRIDA के सहयोग से राज्यस्तरीय कार्यशालाएँ आयोजित की गई हैं। सरकार BBF उपकरणों पर सब्सिडी भी देगी।

आगे की राह

मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री फडणवीस जल्द ही महात्मा ज्योतिराव फुले योजना के अंतर्गत 12.71 लाख किसानों को राहत देने की औपचारिक घोषणा करेंगे। यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो महाराष्ट्र में कृषि ऋण राहत का यह सबसे बड़ा एकल प्रयास साबित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

585 करोड़ की यह घोषणा आँकड़ों में प्रभावशाली है, लेकिन महाराष्ट्र में कर्जमाफी योजनाओं का इतिहास बताता है कि लाभार्थियों तक राशि पहुँचने में वर्षों लग जाते हैं — 2017 और 2019 की योजनाएँ भी पूर्ण क्रियान्वयन में पिछड़ी थीं। तरुण चुघ का पंजाब पर निशाना राजनीतिक रूप से सटीक है, लेकिन इससे यह सवाल नहीं टलता कि महाराष्ट्र सरकार इस बार समयबद्ध वितरण कैसे सुनिश्चित करेगी। अल नीनो की चेतावनी के बीच यह घोषणा तात्कालिकता जरूर दर्शाती है, पर बिना पारदर्शी क्रियान्वयन ढाँचे के यह भी पिछली योजनाओं की तरह सुर्खियों तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ₹36,585 करोड़ की किसान कर्जमाफी योजना है, जिसके तहत 56.24 लाख किसानों का ₹2 लाख तक का पूरा कृषि कर्ज माफ किया जाएगा। ₹2 लाख से अधिक बकाया वाले किसानों को शेष राशि चुकाने के बाद ₹2 लाख की माफी मिलेगी।
इस योजना में किसानों को ₹50,000 बोनस कब मिलेगा?
जो किसान पिछले तीन वर्षों में से किन्हीं दो वर्षों में फसल लोन का नियमित भुगतान करते रहे हैं, उन्हें ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस दिया जाएगा। यह बोनस नियमित कर्जदारों को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से शामिल किया गया है।
महाराष्ट्र की यह कर्जमाफी पिछली योजनाओं से कितनी बड़ी है?
यह योजना राज्य की अब तक की सबसे बड़ी कृषि ऋण राहत पहल है। तुलना में 2009 की योजना ₹4,008 करोड़, 2017 की छत्रपति शिवाजी महाराज योजना ₹24,737 करोड़ और 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले योजना ₹25,749 करोड़ की थी।
तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान आज भी कर्ज, फसल संकट और झूठे आश्वासनों के बोझ तले दबा है।
अल नीनो का खरीफ 2026 पर क्या असर पड़ सकता है और सरकार कैसे तैयार है?
IMD के अनुमान के अनुसार अल नीनो के कारण खरीफ 2026 सीजन में औसत से कम वर्षा हो सकती है। सरकार ने ICAR और CRIDA के साथ मिलकर BBF बुवाई पद्धति को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएँ आयोजित की हैं और BBF उपकरणों पर सब्सिडी देने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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