12 जुलाई 2026
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राम मंदिर CEO सर्च कमेटी पर तारिक अनवर का हमला: 'भाजपा ने आस्था को बनाया राजनीतिक हथियार'

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राम मंदिर CEO सर्च कमेटी पर तारिक अनवर का हमला: 'भाजपा ने आस्था को बनाया राजनीतिक हथियार'

सारांश

अयोध्या राम मंदिर के CEO चयन के लिए सर्च कमेटी बनाए जाने पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने BJP पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि करोड़ों की आस्था को चुनावी हथियार बनाया गया और मंदिर में हेराफेरी 'इस सदी की चौंकाने वाली घटना' है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 12 जुलाई को राम मंदिर CEO सर्च कमेटी को देश को गुमराह करने की कोशिश बताया।
उन्होंने कहा कि मंदिर में 'चोरी और हेराफेरी' की खबर किसी को न लगना 'इस सदी की चौंकाने वाली घटना' है।
BJP पर आरोप — राम मंदिर को चुनावी मुद्दा बनाया गया, भगवान राम में आस्था नहीं, राजनीतिक फायदे में रुचि।
CM योगी आदित्यनाथ के कांग्रेस-विरोध के आरोप पर अनवर ने कहा — 1949 से कोर्ट में लंबित मामले पर समर्थन-विरोध निरर्थक था।
अनवर ने पिछले 12 वर्षों में BJP पर विपक्षी राज्य सरकारें गिराने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 12 जुलाई को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी गठित किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे देश को भ्रमित करने की सुनियोजित कोशिश करार दिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि उसने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केंद्र का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया।

मुख्य आरोप: आस्था की आड़ में राजनीति

तारिक अनवर ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह देश को गुमराह करने की कोशिश है। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और जिसे दुनिया भर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, अगर वहाँ चोरी और हेराफेरी होती है और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती, तो यह बेहद हैरानी की बात है। यह इस सदी की एक चौंकाने वाली घटना है।'

उन्होंने आगे कहा कि BJP की आस्था भगवान राम में नहीं, बल्कि मंदिर को चुनावी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करने में रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

योगी के आरोपों पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर के विरोध का आरोप लगाया था। इस पर तारिक अनवर ने तीखा जवाब देते हुए कहा, 'अगर लोग पढ़े-लिखे होते, तो वे ऐसे बयान नहीं देते। चाहे राम मंदिर का मुद्दा हो या बाबरी मस्जिद का मामला, यह केस 1949 से अदालत में लंबित था। जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आया, तब तक इसके समर्थन या विरोध का कोई मतलब नहीं था।'

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। उसके बाद से मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्षी दलों के सवाल लगातार बने हुए हैं।

राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर BJP के तंज का जवाब

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर BJP नेता संबित पात्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में पार्टी के कई कार्यक्रम प्रभावित हुए। तारिक अनवर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं तो BJP को चिंता नहीं, खुशी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि BJP राहुल गांधी को निशाना बनाती है क्योंकि वह उनसे 'घबराती है।'

वियतनाम नाव हादसे पर संवेदना

वियतनाम में हुई नाव दुर्घटना पर तारिक अनवर ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। यह किसी प्राकृतिक आपदा जैसा था। जिस तरह नाव पलटी और लोगों को बचाया नहीं जा सका, वह बेहद दिल दहला देने वाला है। हम इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'

विपक्षी सरकारों को गिराने का आरोप

तारिक अनवर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की BJP सरकार पिछले 12 वर्षों से विपक्ष-शासित राज्यों की चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास करती रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली पार्टी जनादेश से बनी सरकार को नहीं गिराती। आलोचकों का कहना है कि यह आरोप नया नहीं है — विपक्ष कई वर्षों से ऐसे दावे करता आया है, जिन्हें BJP हर बार खारिज करती रही है।

आने वाले दिनों में राम मंदिर CEO सर्च कमेटी के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जवाबदेही किसकी? विपक्ष के आरोप राजनीतिक रंग लिए हुए हैं, लेकिन इससे ट्रस्ट की जवाबदेही का सवाल खारिज नहीं होता। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि CEO की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाना और मंदिर-निर्माण का विरोध करना — दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर CEO सर्च कमेटी क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के लिए एक सर्च कमेटी गठित की गई है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे देश को गुमराह करने की कोशिश बताया और मंदिर में कथित हेराफेरी पर चिंता जताई।
तारिक अनवर ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि BJP ने राम मंदिर को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया और पार्टी की आस्था भगवान राम में नहीं, बल्कि मंदिर को चुनावी मुद्दा बनाने में है। उन्होंने मंदिर में 'चोरी और हेराफेरी' की खबर किसी को न लगने को 'इस सदी की चौंकाने वाली घटना' कहा।
CM योगी के आरोप पर तारिक अनवर ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर राम मंदिर विरोध का आरोप लगाया था। तारिक अनवर ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह मामला 1949 से अदालत में था और न्यायालय के फैसले से पहले समर्थन या विरोध का कोई अर्थ नहीं था।
क्या तारिक अनवर ने विपक्षी सरकारें गिराने का भी आरोप लगाया?
हाँ, तारिक अनवर ने कहा कि केंद्र में BJP सरकार आने के बाद से पिछले 12 वर्षों में कई राज्यों की चुनी हुई विपक्षी सरकारों को गिराया गया। उन्होंने कहा कि सच्चे लोकतंत्र में जनादेश से बनी सरकार को अस्थिर नहीं किया जाता।
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर BJP-कांग्रेस में क्या तकरार हुई?
BJP नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा के दौरान कांग्रेस के कार्यक्रम प्रभावित होने पर तंज कसा। तारिक अनवर ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP राहुल गांधी को इसलिए निशाना बनाती है क्योंकि वह उनसे 'घबराती है।'
राष्ट्र प्रेस
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