राम मंदिर आस्था का केंद्र है, व्यापार का नहीं — JDU नेता श्याम रजक का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने 6 जुलाई 2026 को पटना में राम मंदिर चंदा विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि राम मंदिर श्रद्धा और पूजा का केंद्र है, न कि किसी व्यापारिक गतिविधि का। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर से जुड़े हर निर्णय में करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद पर रजक का रुख
रजक ने कहा, 'भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं — वे केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भक्ति, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक भी हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि मंदिर निर्माण के दौरान और उसके बाद समय-समय पर विभिन्न आरोप सामने आए हैं, और कहा कि इन आरोपों की जाँच संबंधित एजेंसियों तथा ट्रस्ट के स्तर पर जारी है।
उनका स्पष्ट मत था कि राम मंदिर ट्रस्ट की यह जिम्मेदारी है कि मंदिर की गरिमा, पवित्रता और भव्यता हर हाल में बरकरार रहे। उन्होंने कहा, 'इस दिशा में निर्णय लेने की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की है।'
बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर पर तीखी टिप्पणी
बांकीपुर विधानसभा सीट से जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा उपचुनाव लड़ने की घोषणा पर रजक ने कहा कि किशोर पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और हार का सामना कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया, 'इस बार भी परिणाम अलग नहीं होंगे।'
रजक के अनुसार, चंदा जुटाकर चुनाव लड़ने और कई निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में होने के बावजूद चुनावी समीकरण पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि बांकीपुर सीट पहले भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की थी, अभी भी है, और आगे भी रहेगी।
राजद पर निशाना — नेतृत्व संकट का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने विरोधियों और सहयोगियों पर लालू प्रसाद यादव को राजनीतिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया था, रजक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि RJD अपना स्थापना दिवस मना रहा था, जबकि उसके शीर्ष नेता विदेश यात्रा पर थे।
रजक ने आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यकर्ता नेतृत्व के अभाव में निराश दिखाई दिए। उनका कहना था कि तेजस्वी यादव को पहले अपने परिवार और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद दूसरों पर आरोप लगाने चाहिए।
शिवसेना (UBT) के 'राम रक्षा आंदोलन' पर प्रतिक्रिया
शिवसेना (UBT) द्वारा चलाए जा रहे 'राम रक्षा आंदोलन' पर रजक ने कहा कि उद्धव ठाकरे राजनीतिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं और इसी कारण ऐसे बयान आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि UPA के साथ जाने के बाद शिवसेना की मूल विचारधारा कमजोर हुई है और पार्टी को पहले अपनी नीति और नीयत स्पष्ट करनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है। रजक का यह बयान JDU की उस सावधान राजनीतिक रेखा को दर्शाता है जो आस्था के मुद्दों पर विवाद से बचते हुए NDA की एकजुटता को रेखांकित करती है।