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राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल, पवन खेड़ा बोले — जनता का भरोसा हो रहा कम

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राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल, पवन खेड़ा बोले — जनता का भरोसा हो रहा कम

सारांश

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, RSS की पारदर्शिता और BJP की धर्म-आधारित राजनीति पर एक साथ निशाना साधा। उनका कहना है — जब ट्रस्ट ही सवालों के घेरे में हो, तो जनता का भरोसा उठना स्वाभाविक है।

मुख्य बातें

पवन खेड़ा ने 6 जुलाई को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा लगातार कम हो रहा है।
उन्होंने ट्रस्ट में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की।
खेड़ा ने RSS से पूछा कि वह खुद को पंजीकृत क्यों नहीं कराता और अपने खातों का सार्वजनिक लेखा-जोखा क्यों नहीं देता।
UP विधानसभा चुनाव में जनता BJP को बड़ा झटका देगी — खेड़ा का दावा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स (X) पर अटल बिहारी वाजपेयी का वीडियो शेयर कर कांग्रेस पर निशाना साधा था, जिसका खेड़ा ने जवाब दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने 6 जुलाई को नई दिल्ली में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरा ट्रस्ट ही सवालों के घेरे में हो, तो उसके किसी भी फैसले पर विश्वास करना कठिन हो जाता है। उनके अनुसार, इसी कारण आम जनता का ट्रस्ट से भरोसा लगातार घटता जा रहा है।

ट्रस्ट की जवाबदेही पर सवाल

खेड़ा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का पूरा प्रोजेक्ट भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का राजनीतिक प्रोजेक्ट है, जिसमें जवाबदेही का घोर अभाव है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में अनियमितताएँ हो रही हैं और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि ट्रस्ट के भूमि-क्रय और निर्माण व्यय से जुड़े विवाद पहले भी सुर्खियों में रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के मंदिर-दर्शन पर स्पष्टीकरण

अयोध्या के राम मंदिर में कांग्रेस नेताओं के जाने के सवाल पर खेड़ा ने कहा कि पार्टी के कई नेता पहले ही वहाँ जा चुके हैं और कुछ ने दान भी दिया है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर-दर्शन से ट्रस्ट से जुड़े विवाद स्वतः समाप्त नहीं हो जाते — श्रद्धा और जवाबदेही दो अलग विषय हैं।

RSS की पारदर्शिता पर सीधा सवाल

खेड़ा ने RSS से पूछा कि संघ स्वयं को पंजीकृत क्यों नहीं कराता और अपने खातों का सार्वजनिक लेखा-जोखा क्यों नहीं देता। उनके अनुसार, जवाबदेही से बचने की यह प्रवृत्ति गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP और RSS के लिए धर्म केवल राजनीतिक सत्ता हासिल करने और अपने लोगों को लाभ पहुँचाने का माध्यम बन गया है। देशभर के पूजा स्थलों पर बढ़ रही चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में एक खास पैटर्न दिखाई देता है।

उत्तर प्रदेश चुनाव और BJP के दावे

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य में दोबारा सरकार बनाने के दावे पर खेड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों को दावे करने का अधिकार है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे सबके सामने हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की जनता BJP को बड़ा झटका देगी।

रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक पुराना वीडियो साझा करते हुए लिखा था — 'कांग्रेस पार्टी अपने ही दुष्ट कर्मों का परिणाम भुगत रही है। अटल बिहारी वाजपेयी ने बहुत पहले ही कांग्रेस पार्टी को उसके अहंकार के बुरे नतीजों के बारे में आगाह कर दिया था।' इस पर खेड़ा ने कहा कि रिजिजू को जो कहना हो, कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जब अपने कर्मों के परिणाम भुगतेंगे, तब उन पर क्या गुजरेगी — यह सोचकर विपक्ष में रहते हुए भी उन्हें अफसोस होता है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में मंदिर निर्माण और ट्रस्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विवाद सार्वजनिक बहस में बने हुए हैं। आगे देखना होगा कि क्या विपक्ष इन सवालों को संसद या अदालत तक ले जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक कोई ठोस संसदीय या न्यायिक पहल नहीं हुई है। RSS की पंजीकरण और वित्तीय पारदर्शिता की माँग वैध है, मगर विपक्ष इसे सड़क पर उठाता है, संसद में नहीं — यह रणनीतिक कमज़ोरी है। रिजिजू-वाजपेयी वीडियो प्रकरण दर्शाता है कि दोनों पक्ष असल मुद्दों की बजाय प्रतीकात्मक राजनीति में उलझे हैं। जब तक ट्रस्ट के खातों की स्वतंत्र ऑडिट और भूमि-क्रय की जाँच की माँग किसी संस्थागत मंच पर नहीं पहुँचती, ये बयान केवल चुनावी बयानबाज़ी बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन खेड़ा ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लगाए?
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में अनियमितताएँ हैं और जवाबदेही का अभाव है, जिससे जनता का भरोसा घट रहा है। उन्होंने इस परियोजना की निष्पक्ष जाँच की माँग की।
क्या कांग्रेस नेता राम मंदिर गए हैं?
हाँ, खेड़ा के अनुसार कांग्रेस के कई नेता अयोध्या के राम मंदिर जा चुके हैं और कुछ ने दान भी दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर-दर्शन और ट्रस्ट की जवाबदेही दो अलग विषय हैं।
खेड़ा ने RSS से क्या सवाल पूछे?
खेड़ा ने RSS से पूछा कि वह खुद को पंजीकृत क्यों नहीं कराता और अपने खातों का सार्वजनिक लेखा-जोखा क्यों नहीं देता। उनके अनुसार जवाबदेही से बचने की यह प्रवृत्ति गंभीर सवाल खड़े करती है।
किरेन रिजिजू और कांग्रेस के बीच क्या विवाद हुआ?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स (X) पर अटल बिहारी वाजपेयी का पुराना वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके जवाब में खेड़ा ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जब अपने कर्मों का परिणाम भुगतेंगे, तब उन पर क्या गुजरेगी — यह सोचकर उन्हें अफसोस होता है।
उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर खेड़ा का क्या दावा है?
खेड़ा ने दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जनता BJP को बड़ा झटका देगी। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए BJP के दोबारा सरकार बनाने के दावों को चुनौती दी।
राष्ट्र प्रेस
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