श्याम रजक का बड़ा बयान: युवा बेरोजगारी सबसे बड़ा संकट, भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच पर भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने 28 जून 2026 को पटना में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें भरत तिवारी एनकाउंटर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, राम मंदिर चंदा चोरी विवाद, और देश में बढ़ती युवा बेरोजगारी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
भरत तिवारी एनकाउंटर: जांच पर भरोसा
रजक ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सरकार द्वारा जो जांच के आदेश दिए गए हैं, उन पर उन्हें पूरा विश्वास है। उनके अनुसार जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य स्वतः सामने आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन निष्पक्ष रूप से कार्य कर रहा है और सरकार का सिद्धांत स्पष्ट है — न किसी को फंसाया जाएगा और न किसी को बचाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह पुलिस विभाग से हो या किसी अन्य क्षेत्र से, दोषी पाया जाता है तो कानून के तहत उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चंदा विवाद: CBI जांच की मांग
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर रजक ने कहा कि राम मंदिर आस्था का विषय है और इस पर किसी भी प्रकार का विवाद पूरे समाज की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के नाम पर चोरी, लूट या किसी भी प्रकार का अपराध किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
उनके अनुसार राम मंदिर निर्माण के समय से ही दान और निर्माण प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। रजक ने मांग की कि इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए ताकि समयबद्ध तरीके से सच्चाई सामने आ सके। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा देना समाधान नहीं — जांच ही असली समाधान है।
केजरीवाल की मंदिर घोषणा पर प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा अमृतसर में माता सीता और लव-कुश मंदिर बनाने की घोषणा पर रजक ने कहा कि सभी को ईश्वर के प्रति आस्था है, परंतु देश में सबसे बड़े मुद्दे गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार हैं, जिन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
युवा बेरोजगारी: सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी
रजक ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी और अवसरों की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को सही दिशा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे महापुरुषों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
मूलभूत मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत
रजक ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि देश में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए। युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना और उन्हें सही दिशा देना समय की सबसे बड़ी मांग है — यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब रोजगार के आंकड़े लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।