भाजपा विपक्षी दलों को तोड़ रही है, भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 25 जून 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र को कुचलने और विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने बिहार में भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर की न्यायिक जांच की माँग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की।
मेहरोत्रा का मुख्य आरोप: ईडी-सीबीआई से दमन
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग का भय दिखाकर विपक्षी नेताओं को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का डर दिखाकर दमन, जुल्म और तानाशाही के माध्यम से देश में तानाशाही की सरकार चल रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब देश में आपातकाल की 51वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है।
मेहरोत्रा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए कहा, 'समाजवादी पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए बहुत बड़े-बड़े संघर्ष किए हैं। 51 साल पहले जब देश में आपातकाल लगा था, मैं खुद 20 महीने जेल में बंद रहा। आपातकाल का महासंग्राम लोकतंत्र की बहाली का आंदोलन था। सपा संघर्षों की कोख से पैदा हुई है और लोकतंत्र बचाने के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी।'
भरत तिवारी एनकाउंटर: न्यायिक जांच की माँग
बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर को सपा विधायक ने 'फर्जी' बताया। उन्होंने कहा, 'जिसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, उसकी हत्या कर दी गई। यह बिहार सरकार पर कभी नहीं मिटने वाला कलंक है।' उन्होंने माँग की कि इस मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। गौरतलब है कि एनकाउंटर की परिस्थितियाँ अभी तक विवादास्पद बनी हुई हैं।
टीएमसी, शिवसेना और विपक्षी दलों पर BJP का हमला
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को तोड़ने के प्रयासों पर मेहरोत्रा ने कहा, 'भाजपा ने ईडी-सीबीआई का डर दिखाकर टीएमसी तोड़ने का काम किया है। असली टीएमसी वही है, जिसकी अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं। पूरे बंगाल में सभी नेता और कार्यकर्ता ममता बनर्जी के साथ हैं।'
महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन पर उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर बदले की भावना से विपक्षी पार्टियों को तोड़ रही है। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा अध्यक्षों से माँग की कि पार्टी छोड़ने वाले सांसद पहले अपने पद से इस्तीफा दें।
NCERT पाठ्यक्रम और दिल्ली घोटाले पर टिप्पणी
NCERT के पाठ्यक्रम में आपातकाल से जुड़े अध्याय को शामिल करने के फैसले का मेहरोत्रा ने स्वागत करते हुए कहा कि वे लंबे समय से यह माँग कर रहे थे कि विद्यार्थियों को आपातकाल के जुल्म और अन्याय के बारे में पढ़ाया जाए। दिल्ली में कथित ₹600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले पर उन्होंने ED से सवाल किया कि बड़े घोटालों में शामिल दोषियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
यूपी की राजनीति और आजम खान
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर मेहरोत्रा ने दावा किया कि 'यूपी में पीडीए समाज सपा के साथ हो गया है। भाजपा कुछ भी कर ले, पीडीए का वोट उन्हें नहीं मिलने वाला।' सपा नेता आजम खान पर लगातार हो रही कार्रवाई को 'बदले की भावना' बताते हुए उन्होंने कहा कि 'आजम खान डरने या टूटने वाले नहीं हैं।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान सपा की आंतरिक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश है। आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सपा की यह रणनीति और मुखर होने की संभावना है।