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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय झा बोले — दोषियों पर जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय झा बोले — दोषियों पर जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता पर दर्ज एफआईआर के बाद JDU के संजय झा ने साफ कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी गई है। बिहार में कानून के शासन को लेकर NDA सरकार का रुख कड़ा बना हुआ है।

मुख्य बातें

संजय झा ने 26 जून 2026 को पटना में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी गई है; एक विशेष आयोग भी गठित किया गया है।
बिहार में कानून-व्यवस्था बनाए रखना NDA सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता — नीतीश कुमार के कार्यकाल से जारी परंपरा।
कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना में कथित गड़बड़ी पर झा ने सतर्क प्रतिक्रिया दी, पूरा मामला सामने आने तक टिप्पणी से परहेज किया।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

राज्यसभा सांसद और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 26 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है और चढ़ावे में कथित अनियमितता को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने पर दोषियों के विरुद्ध निश्चित रूप से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संजय झा का रुख

संजय झा ने कहा कि भगवान राम देश के करोड़ों लोगों की श्रद्धा से जुड़े हैं और राम मंदिर को लेकर पूरे देश में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा, 'यदि किसी ने इस मामले में गलत किया है तो सरकार ने जांच शुरू कर दी है और कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।' जांच के नतीजे आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग गठित

संजय झा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी टिप्पणी करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर इस मामले की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी गई है। इसके साथ ही एक विशेष आयोग का भी गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बिहार में कानून-व्यवस्था एनडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता

झा ने यह भी रेखांकित किया कि बिहार में कानून का शासन कायम रखना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह प्राथमिकता नीतीश कुमार के कार्यकाल से चली आ रही है और वर्तमान नेतृत्व में इसे और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। सरकार किसी भी अपराध या अनियमितता पर कोई समझौता नहीं करेगी।

कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना पर सतर्क प्रतिक्रिया

कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना में कथित गड़बड़ी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर झा ने कहा कि उन्हें इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि वहाँ की सरकार से जुड़ी खबरें फिलहाल सकारात्मक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पूरा मामला सामने आने के बाद ही इस पर विस्तृत टिप्पणी करना उचित होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मामले राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने हुए हैं और विपक्ष जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आयोग के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ठोस समयसीमा या जवाबदेही का ढाँचा नहीं बताता। राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले में 'जांच के बाद कार्रवाई' की भाषा तब तक विश्वसनीयता नहीं बनाती जब तक जांच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित न हो। गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर जैसे मामलों में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति एक सकारात्मक कदम है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं — यह अभी अस्पष्ट है। बिहार में कानून-व्यवस्था की 'सर्वोच्च प्राथमिकता' का दावा तब और परखा जाएगा जब दोनों मामलों में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में सरकार ने जांच शुरू कर दी है और JDU नेता संजय झा ने कहा है कि दोषियों पर जांच पूरी होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच किसे सौंपी गई है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी गई है। इसके साथ ही एक विशेष आयोग का भी गठन किया गया है जो पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल करेगा।
संजय झा ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
संजय झा ने कहा कि बिहार में कानून के शासन को मजबूत रखना NDA सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जो नीतीश कुमार के कार्यकाल से चली आ रही है। सरकार किसी भी अपराध या अनियमितता पर समझौता नहीं करेगी।
कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना पर संजय झा का क्या रुख है?
संजय झा ने कहा कि उन्हें इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वहाँ की सरकार से जुड़ी खबरें फिलहाल सकारात्मक नहीं हैं। उन्होंने पूरा मामला सामने आने तक विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में आगे क्या होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसके निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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