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ABVP की कोलकाता में 14 जुलाई को मेगा रैली, 10 हजार से अधिक छात्रों के शामिल होने का दावा

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ABVP की कोलकाता में 14 जुलाई को मेगा रैली, 10 हजार से अधिक छात्रों के शामिल होने का दावा

सारांश

ABVP ने 14 जुलाई को कोलकाता में 10 हजार छात्रों की मेगा रैली का आह्वान किया है — 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर। TMC को कार्यक्रम से बाहर रखते हुए संगठन ने छात्र संघ चुनाव की माँग भी उठाई।

मुख्य बातें

ABVP ने 14 जुलाई 2026 को कोलकाता में मेगा रैली और भव्य शोभायात्रा का आह्वान किया है।
संगठन के दावे के अनुसार इस रैली में 10 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ , श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती और ABVP के 78वें स्थापना दिवस पर आयोजित है।
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.
वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित होगा।
ABVP ने TMC नेताओं को कार्यक्रम से बाहर रखने की घोषणा की और छात्र संघ चुनाव की माँग भी उठाई।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने 14 जुलाई 2026 को कोलकाता में एक मेगा रैली आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें संगठन के दावे के अनुसार 10 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। यह रैली 'वंदे मातरम' रचना की 150वीं वर्षगांठ और राष्ट्रीय नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित की जा रही है।

रैली की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

यह कार्यक्रम ABVP के 78वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय छात्र दिवस के उपलक्ष्य में भी आयोजित किया जा रहा है। 12 जुलाई को कोलकाता स्थित दक्षिण बंगाल प्रांतीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी की उपस्थिति में इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। ABVP केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य शुभब्रत अधिकारी ने बताया कि संगठन का संकल्प है कि 'वंदे मातरम' का नारा पश्चिम बंगाल के हर कैंपस तक पहुँचे।

मेगा अभियान और कैंपस पहुँच

रैली के साथ-साथ एक व्यापक कैंपस अभियान का भी आह्वान किया गया है। शुभब्रत अधिकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत ABVP के छात्र प्रतिनिधि हर विश्वविद्यालय परिसर में जाएंगे और 'वंदे मातरम' का संदेश फैलाएंगे। डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मंत्री नीलकंठ भट्टाचार्य, प्रदेश मीडिया समन्वयक अनंत बारुई और कोलकाता नगर मंत्री स्वाधीन हलदर भी उपस्थित रहे।

TMC और दलगत राजनीति पर ABVP का रुख

शुभब्रत अधिकारी ने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के लिए ABVP के इस कार्यक्रम में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम बस उन्हें यह संदेश देना चाहते हैं कि पूरे कैंपस में अब लोकतांत्रिक व्यवस्था है। वे अपना कार्यक्रम कर सकते हैं, लेकिन ABVP में उनके लिए कोई जगह नहीं है।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ABVP दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करता है और कैंपस में शिक्षा का माहौल बनाए रखना संगठन की प्राथमिकता है।

छात्र संघ चुनाव और कानून-व्यवस्था पर माँग

अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में ABVP छात्र संघ चुनाव कराने की माँग भी करेगा। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों पर कार्रवाई होना उचित है और संगठन इसका स्वागत करता है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कैंपस राजनीति लंबे समय से विवादास्पद रही है, और ABVP का यह आयोजन राज्य में छात्र राजनीति के बदलते समीकरणों का संकेत देता है।

आगे क्या

14 जुलाई को प्रस्तावित भव्य शोभायात्रा और मेगा रैली के साथ ABVP पश्चिम बंगाल में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को मज़बूत करने का प्रयास करेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दावा किया गया 10 हजार छात्रों का आँकड़ा वास्तव में किस हद तक साकार होता है और राज्य प्रशासन इस आयोजन के प्रति क्या रुख अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के वर्चस्व वाले कैंपस परिदृश्य में भाजपा की वैचारिक पुनर्स्थापना की कोशिश है। 'वंदे मातरम' और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे प्रतीकों का चुनाव सांस्कृतिक-राष्ट्रवादी एजेंडे को छात्र आंदोलन से जोड़ने की सुनियोजित रणनीति दर्शाता है। हालाँकि 10 हजार छात्रों का दावा अभी सत्यापित नहीं है, और पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के बड़े आयोजनों पर प्रशासनिक अड़चनों का इतिहास रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ABVP इस भीड़ को राज्य में स्थायी संगठनात्मक ताकत में बदल पाता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ABVP की कोलकाता मेगा रैली कब और क्यों आयोजित हो रही है?
यह रैली 14 जुलाई 2026 को कोलकाता में आयोजित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य 'वंदे मातरम' रचना की 150वीं वर्षगांठ, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती और ABVP के 78वें स्थापना दिवस को मनाना है।
ABVP की इस रैली में कितने छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है?
ABVP के दावे के अनुसार इस मेगा रैली में 10 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। हालाँकि यह आँकड़ा अभी संगठन का अपना अनुमान है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ABVP ने TMC को इस कार्यक्रम से बाहर क्यों रखा?
ABVP केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य शुभब्रत अधिकारी ने कहा कि संगठन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करता है और TMC नेताओं के लिए इस कार्यक्रम में कोई स्थान नहीं है। उनका कहना है कि ABVP कैंपस में शिक्षा का माहौल बनाए रखना चाहता है।
ABVP छात्र संघ चुनाव की माँग क्यों कर रहा है?
शुभब्रत अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कैंपस में लंबे समय बाद लोकतांत्रिक माहौल बना है। इसी को आगे बढ़ाते हुए ABVP आने वाले समय में छात्र संघ चुनाव कराने की माँग करेगा, ताकि छात्रों को अपना प्रतिनिधित्व चुनने का अधिकार मिले।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व कौन करेगा?
यह कार्यक्रम ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में आयोजित होगा। इसके अलावा प्रदेश मंत्री नीलकंठ भट्टाचार्य, प्रदेश मीडिया समन्वयक अनंत बारुई और कोलकाता नगर मंत्री स्वाधीन हलदर भी प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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