तारापीठ होटल अग्निकांड: बीरभूम में 6 की मौत, 11-12 घायल रामपुरहाट अस्पताल में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तीर्थस्थल तारापीठ में 17 अगस्त 2026 की भोर में भीषण आग ने तबाही मचा दी, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 11-12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। तारापीठ पुलिस स्टेशन के निकट एक तालाब के किनारे स्थित विदेशिनी होटल में यह आग सुबह करीब 4:30 बजे भड़की, जब अधिकांश मेहमान गहरी नींद में थे।
मुख्य घटनाक्रम
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायलों को तत्काल रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। तारापीठ और रामपुरहाट पुलिस स्टेशनों की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं।
आग लगने का कारण
अग्निकांड के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फायर डिपार्टमेंट को आशंका है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। जाँच एजेंसियाँ साक्ष्य एकत्र कर रही हैं और अंतिम कारण की पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बीरभूम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलेश श्रीकांत गाइकर ने घटनास्थल पर पत्रकारों से कहा, 'कोशिशें अभी भी जारी हैं। सभी को रामपुरहाट अस्पताल भेज दिया गया है। अब तक 11-12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम अभी और कोई जानकारी नहीं दे सकते।' यह ऐसे समय में आया है जब तीर्थस्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि उसी दिन पड़ोसी राज्य बिहार के लखीसराय जिले में एक मंदिर के बाहर भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 12 से अधिक लोग घायल हुए। इस प्रकार एक ही दिन में दो अलग-अलग राज्यों में धार्मिक स्थलों के निकट बड़ी दुर्घटनाएँ सामने आईं, जो तीर्थ-पर्यटन स्थलों पर आपदा-प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
आगे की स्थिति
पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त जाँच जारी है। घायलों की स्थिति की निगरानी रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज में की जा रही है। होटल में अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनुपालना की भी जाँच होने की संभावना है।