17 अगस्त 2026
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तारापीठ होटल अग्निकांड: मृतक संख्या 8 हुई, पाँच मेघालय के एक ही परिवार के

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तारापीठ होटल अग्निकांड: मृतक संख्या 8 हुई, पाँच मेघालय के एक ही परिवार के

सारांश

तीर्थनगरी तारापीठ में 'बिदेशिनी' होटल की आग ने आठ जिंदगियाँ लील लीं — जिनमें मेघालय से पूजा करने आए एक परिवार के पाँच सदस्य थे, दो बच्चे भी। घबराहट में पाँचवीं मंजिल से भागकर आग में आ गए। होटल मालिक गिरफ्तार, अग्नि सुरक्षा उल्लंघन की जाँच जारी।

मुख्य बातें

तारापीठ के 'बिदेशिनी' होटल में 17 अगस्त 2026 को लगी आग में 8 लोगों की मौत।
मृतकों में मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स के शिब्बारी गाँव के एक ही परिवार के 5 सदस्य , जिनमें 8 और 10 वर्ष के दो बच्चे शामिल।
अन्य तीन मृतक — कमल रॉय, अमित पॉल, सुबीर साहा — उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार के निवासी।
होटल से 28 लोग सुरक्षित निकाले गए; 7 घायल रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती।
होटल मालिक कल्याण पॉल गिरफ्तार; अग्निशमन प्रणाली और सुरक्षा नियमों के पालन की जाँच जारी।
निवासियों का आरोप — पिछला निकास द्वार बंद था; मालिक ने घबराहट को ज़िम्मेदार ठहराया।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तीर्थनगरी तारापीठ में स्थित 'बिदेशिनी' होटल में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को भड़की भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। मृतकों में मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स जिले के शिब्बारी गाँव से आए एक ही परिवार के पाँच सदस्य शामिल हैं, जो तारा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आए थे।

कैसे हुई त्रासदी

पुलिस के अनुसार, मेघालय का परिवार होटल की पाँचवीं मंजिल पर ठहरा हुआ था, जहाँ तक आग नहीं पहुँची थी। लेकिन घबराहट में परिवार के सदस्य सीढ़ियों से नीचे भूतल की ओर भागे, जहाँ आग तेज़ी से फैल रही थी। जिला पुलिस अधिकारी के बयान के अनुसार, सभी पाँचों आग की चपेट में आ गए और उनकी मृत्यु हो गई।

यह घटना उस त्रासदी की मार्मिक मिसाल है जब सुरक्षित स्थान पर होने के बावजूद घबराहट जानलेवा साबित हो जाती है। तारापीठ एक प्रमुख हिंदू तीर्थस्थल है और यहाँ देशभर से श्रद्धालु आते हैं, जिससे होटलों में भीड़ सामान्य रहती है।

मृतकों की पहचान

मृतकों में पाँच वयस्क पुरुष, एक महिला और दो नाबालिग शामिल हैं। शिब्बारी गाँव के परिवार के पाँच सदस्यों की पहचान राजेंद्र नाथ, आशा नाथ, बुरान मोदक, औशोनाथ मोदक और शिबराज मोदक के रूप में हुई है — जिनमें से दो नाबालिग क्रमशः आठ और दस वर्ष की आयु के थे।

अन्य तीन मृतक कमल रॉय, अमित पॉल और सुबीर साहा हैं, जो सभी उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के निवासी थे।

बचाव अभियान और उपचार

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, होटल से 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सात घायलों का रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है।

गिरफ्तारी और जाँच

पुलिस ने होटल के मालिक कल्याण पॉल को गिरफ्तार कर लिया है। जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि होटल की अग्निशमन प्रणाली सक्रिय थी या नहीं और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था अथवा नहीं।

होटल के निवासियों का आरोप है कि पिछला निकास द्वार बंद था, जिससे भागना संभव नहीं हो पाया। होटल मालिक पॉल ने जवाब दिया कि घबराहट में लोग निकास द्वार नहीं खोज पाए और रिसेप्शन क्षेत्र से होकर भागे, जहाँ कई लोग झुलस गए। पुलिस इन परस्पर विरोधी दावों की जाँच कर रही है।

आगे क्या होगा

यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में तीर्थस्थलों के आसपास होटलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। जाँच के नतीजे और होटल मालिक के खिलाफ अदालती कार्यवाही से यह तय होगा कि क्या यह लापरवाही थी या संरचनात्मक चूक। अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे बीरभूम जिले के अन्य होटलों की अग्नि सुरक्षा जाँच भी तेज़ करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तीर्थस्थलों के आसपास फले-फूले अनियंत्रित आतिथ्य उद्योग की व्यवस्थागत विफलता का प्रतीक है। पाँचवीं मंजिल पर सुरक्षित बैठे परिवार का आग में झुलस जाना बताता है कि अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण और निकास संकेत-प्रणाली कितनी अपर्याप्त थी। निकास द्वार बंद होने का आरोप — अगर सत्य निकला — तो यह महज़ लापरवाही नहीं, आपराधिक उपेक्षा होगी। सवाल यह है कि बीरभूम प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा ऑडिट आखिरी बार कब किया था।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारापीठ होटल अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुलिस की पुष्टि के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को तारापीठ के 'बिदेशिनी' होटल में लगी आग में कुल 8 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 5 वयस्क पुरुष, 1 महिला और 2 नाबालिग शामिल हैं।
मेघालय का परिवार तारापीठ में क्यों था और उनकी मौत कैसे हुई?
दक्षिण गारो हिल्स के शिब्बारी गाँव का यह परिवार तारा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आया था। परिवार होटल की पाँचवीं मंजिल पर था जहाँ आग नहीं पहुँची थी, लेकिन घबराहट में वे सीढ़ियों से भूतल पर भागे जहाँ आग फैल चुकी थी, और सभी पाँचों आग की चपेट में आ गए।
होटल मालिक को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने 'बिदेशिनी' होटल के मालिक कल्याण पॉल को गिरफ्तार किया है। जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि होटल की अग्निशमन प्रणाली काम कर रही थी या नहीं और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था अथवा नहीं।
होटल में निकास द्वार बंद होने का आरोप क्या है?
होटल के निवासियों का आरोप है कि पिछला निकास द्वार बंद था, जिससे आग के दौरान बाहर निकलना संभव नहीं हो पाया। होटल मालिक पॉल ने इसे नकारते हुए कहा कि घबराहट में लोग निकास नहीं खोज पाए। पुलिस इन दोनों दावों की जाँच कर रही है।
अग्निकांड में कितने लोग बचाए गए और घायल कहाँ भर्ती हैं?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार होटल से 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। 7 घायलों का रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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