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तारापीठ होटल अग्निकांड: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार बोले — दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

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तारापीठ होटल अग्निकांड: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार बोले — दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

सारांश

पश्चिम बंगाल के तारापीठ में विदेशिनी होटल में भीषण आग के बाद केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया। होटल मालिक गिरफ्तार, PM मोदी ने पीड़ित परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवज़े का ऐलान किया।

मुख्य बातें

बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित विदेशिनी होटल में तड़के 4:30 बजे भीषण आग लगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा — इस हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।
त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल मालिक को गिरफ्तार किया जा चुका है और जाँच तेज कर दी गई है।
PM नरेंद्र मोदी ने पीड़ित परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवज़ा देने की घोषणा पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से की।
मंत्री ने पिछली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि होटलों में सुरक्षात्मक उपकरणों की अनदेखी इस त्रासदी की बड़ी वजह रही।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सोमवार, 17 अगस्त को पत्रकारों से बातचीत में तारापीठ होटल अग्निकांड को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार पूरे मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। यह हादसा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में हुआ, जहाँ तड़के करीब 4:30 बजे तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास एक तालाब के किनारे स्थित विदेशिनी होटल में आग भड़क उठी।

मुख्य घटनाक्रम

बीरभूम जिले के तारापीठ में विदेशिनी होटल में लगी इस भीषण आग ने कई लोगों की जान ले ली और अनेक घायल हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए होटल मालिक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मामले की जाँच में तेज़ी लाई गई है।

मंत्री मजूमदार ने पिछली राज्य सरकार के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में होटलों में किसी भी प्रकार के सुरक्षात्मक उपकरण नहीं थे, जो इस त्रासदी की एक बड़ी वजह बनी। उनके अनुसार, यदि होटलों में उचित अग्निशमन और सुरक्षा उपकरण होते, तो इस प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकता था।

PM मोदी ने जताया दुख, मुआवज़े का ऐलान

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पश्चिम बंगाल के बीरभूम में आग लगने की घटना में हुई मौतों के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन इस घटना से प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।'

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक पीड़ित के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवज़ा देने की घोषणा की।

सरकार की प्रतिक्रिया और जवाबदेही

मंत्री मजूमदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार पूरे मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, 'इस मामले में शामिल किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि इस प्रकार की घटनाएँ भारत में अग्नि सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन की खामियों को बार-बार उजागर करती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास स्थित होटलों में अक्सर अग्निशमन उपकरणों की अनदेखी होती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर मजूमदार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल आलोचना कर सकती है और उनके पास कांग्रेस शासनकाल में हुई परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं की सूची है। मजूमदार के अनुसार, ऐसे नेताओं को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

क्या होगा आगे

जाँच एजेंसियाँ हादसे के कारणों और होटल में सुरक्षा मानकों की पालना को लेकर जाँच तेज कर रही हैं। होटल मालिक की गिरफ्तारी के बाद अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर भी शिकंजा कसे जाने की संभावना है। राज्य में अन्य होटलों और धर्मशालाओं में अग्नि सुरक्षा ऑडिट की माँग भी उठने लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अग्निशमन नियमों का नियमित ऑडिट क्यों नहीं होता। होटल मालिक की गिरफ्तारी त्वरित है, पर क्या नियामक निगरानी में चूक करने वाले अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होगी — यही असली परीक्षा है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारापीठ होटल अग्निकांड क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में 17 अगस्त को तड़के 4:30 बजे विदेशिनी होटल में लगी भीषण आग की घटना है, जिसमें कई लोगों की जान गई और अनेक घायल हुए। होटल तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास एक तालाब के किनारे स्थित था।
तारापीठ अग्निकांड में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
होटल मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जाँच तेज कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
PM मोदी ने तारापीठ अग्निकांड पीड़ितों के लिए क्या घोषणा की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक पीड़ित के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवज़ा देने की घोषणा की। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
तारापीठ होटल में आग क्यों लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
मंत्री सुकांत मजूमदार के अनुसार, होटल में उचित सुरक्षात्मक उपकरणों का अभाव इस हादसे की प्रमुख वजह रही। उन्होंने पिछली राज्य सरकार के शासनकाल में होटलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। जाँच अभी जारी है।
क्या तारापीठ जैसे धार्मिक स्थलों के होटलों में अग्नि सुरक्षा अनिवार्य है?
भारत में अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास के होटलों में इन नियमों के क्रियान्वयन में अक्सर गंभीर खामियाँ देखी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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