17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तारापीठ होटल अग्निकांड: 'विदेशिनी होटल' में आग से 7 की मौत, होटल मालिक की लापरवाही पर उठे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तारापीठ होटल अग्निकांड: 'विदेशिनी होटल' में आग से 7 की मौत, होटल मालिक की लापरवाही पर उठे सवाल

सारांश

तारापीठ के 'विदेशिनी होटल' में भड़की आग ने 7 जिंदगियाँ निगल लीं — और उजागर कर दिया कि एक धार्मिक तीर्थस्थल पर अग्नि सुरक्षा के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति होती रही। TRDA की अनुमति थी, पर पानी की व्यवस्था नहीं; सुरक्षा गार्ड था नहीं, और होटल मालिक मौके पर मौजूद नहीं था।

मुख्य बातें

तारापीठ के 'विदेशिनी होटल' में 17 अगस्त को लगी आग में 7 लोगों की मौत हो गई।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला; 2 घायलों की हालत गंभीर ।
घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
स्थानीय नेता ने होटल मालिक की लापरवाही और TRDA द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया।
प्रशासन ने बीरभूम जिले के सभी होटलों और धर्मशालाओं में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए।
नियम उल्लंघन पर होटल तत्काल बंद करने की चेतावनी जारी।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तीर्थस्थल तारापीठ में सोमवार, 17 अगस्त की सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड में 7 लोगों की जान चली गईतारापीठ पुलिस स्टेशन के निकट तालाब के किनारे स्थित 'विदेशिनी होटल' में भड़की आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। कई अन्य लोग इस हादसे में बुरी तरह झुलस गए।

मुख्य घटनाक्रम

दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

होटल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

घटना के बाद एक स्थानीय नेता ने होटल प्रबंधन पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड के हम आभारी हैं — इनकी वजह से 24 लोग बच गए हैं। होटल में पाइप लाइन की व्यवस्था है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है। सिक्योरिटी नहीं है। हादसे के समय कोई नहीं था। होटल मालिक की लापरवाही से लोगों की जान गई।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस होटल को तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) ने अनुमति दी थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब धार्मिक पर्यटन स्थलों पर होटलों में अग्नि सुरक्षा के मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

स्थानीय नेता ने बताया कि सीएम सुवेंदू अधिकारी घटना को लेकर संवेदनशील हैं और सुबह से ही संपर्क में हैं। उनके निर्देश पर जिले के सभी होटलों और धर्मशालाओं में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए गए हैं। जहाँ भी कमी पाई जाएगी, उन प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी गई है।

स्थानीय नेता ने राजनीतिक संदर्भ देते हुए कहा, 'पिछले 100 दिन से प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इतने जल्दी इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक नहीं किया जा सकता — ये सब पिछली सरकार की खामियों की वजह से हो रहा है। लेकिन भाजपा सरकार इसको लेकर गंभीर है और सख्ती से कार्रवाई करेगी।'

आम जनता और तीर्थयात्रियों पर असर

तारापीठ एक प्रमुख शाक्त तीर्थस्थल है जहाँ वर्षभर हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस हादसे ने यहाँ के होटलों और धर्मशालाओं में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। TRDA द्वारा अनुमति दिए जाने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी यह सवाल उठाती है कि नियामक तंत्र कितना प्रभावी है।

आगे क्या

प्रशासन ने जिलेभर के सभी होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जाँच एजेंसियाँ आग लगने के कारणों की पड़ताल कर रही हैं। मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति की पूरी जानकारी सामने आना अभी बाकी है। यह देखना होगा कि क्या होटल मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है और TRDA की जवाबदेही तय की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फायर सेफ्टी सुनिश्चित नहीं की — यह जवाबदेही का सवाल है, न कि सिर्फ राजनीतिक विरासत का। नई सरकार का 'पिछली सरकार की खामियाँ' वाला तर्क तब तक खोखला लगता है जब तक TRDA अधिकारियों और होटल मालिक के खिलाफ ठोस कार्रवाई न हो। फायर ऑडिट का आदेश स्वागतयोग्य है, पर सवाल यह है कि यह ऑडिट त्रासदी से पहले क्यों नहीं हुआ।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारापीठ होटल अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
तारापीठ के 'विदेशिनी होटल' में लगी आग में 7 लोगों की मौत हो गई। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि 2 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तारापीठ होटल में आग कैसे लगी?
आग लगने के सटीक कारण की जाँच अभी जारी है। स्थानीय नेता ने होटल में पानी की अपर्याप्त व्यवस्था, सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति और समग्र प्रबंधकीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
विदेशिनी होटल को किसने अनुमति दी थी?
स्थानीय नेता के अनुसार इस होटल को तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) ने अनुमति दी थी, लेकिन अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
सभी घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ 2 की हालत गंभीर बनी हुई है।
सरकार ने इस हादसे के बाद क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने बीरभूम जिले के सभी होटलों और धर्मशालाओं में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। जहाँ भी कमी पाई जाएगी, उन प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले