तारापीठ होटल अग्निकांड: 7 मौतों के बाद TRDA पर रिश्वत का आरोप, मालिक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में एक होटल में लगी भीषण आग में सात लोगों की मौत के बाद रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ध्रुब साहा ने तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साहा का कहना है कि घनी आबादी वाली संकरी गली में होटल निर्माण को लेकर उठाई गई आपत्तियों को दरकिनार कर प्राधिकरण ने रिश्वत लेकर निर्माण अनुमति दी थी।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मीडिया से बात करते हुए विधायक ध्रुब साहा ने कहा कि TRDA को इतनी भीड़भाड़ वाली संकरी गली में होटल बनाने की अनुमति देनी ही नहीं चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आग की सूचना मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी देरी हुई। साहा ने कहा, 'इमारत असल में लाख का घर जैसी थी — पक्का ढाँचा, लेकिन आग बुझाने के न के बराबर इंतजाम।' उन्होंने आगे जोड़ा कि इन सात लोगों की मौत की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
TRDA पर भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब TRDA पहले से ही विवादों के घेरे में है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी रविवार को अपने घर में स्थित पार्टी कार्यालय के कमरे में मृत पाए गए थे। मौके से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने TRDA में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार का उल्लेख किया था और लिखा था कि पूर्व विधायक होने के बावजूद वे इस भ्रष्टाचार को रोक पाने में असमर्थ थे। अब मौजूदा विधायक के आरोपों ने उसी भ्रष्टाचार के दावे को नई धार दे दी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
बीरभूम के जिला पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने बताया कि होटल में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के आरोपों की जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा कि होटल मालिक कल्याण पॉल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर तैनात है और यह भी जाँचा जा रहा है कि होटल का फायर लाइसेंस वैध था या नहीं।
आम जनता पर असर
तारापीठ एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल है जहाँ साल भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। इस हादसे ने यहाँ के होटल और गेस्टहाउस संचालन में सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। आलोचकों का कहना है कि तीर्थस्थलों के आसपास घनी बस्तियों में बने होटलों में अग्नि सुरक्षा की नियमित जाँच का अभाव एक व्यापक प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
क्या होगा आगे
पुलिस अधीक्षक बुंदेश के अनुसार जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ, उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फोरेंसिक रिपोर्ट और फायर लाइसेंस की जाँच के नतीजे सामने आने के बाद TRDA के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला अब विधानसभा में भी उठने की संभावना है।