मालवीय नगर होटल अग्निकांड: सोमनाथ भारती ने BJP नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस, लाइसेंस प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती ने 10 अगस्त को मालवीय नगर होटल अग्निकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं हर्ष मल्होत्रा और हरीश खुराना को मानहानि नोटिस भेजा। भारती ने स्पष्ट किया कि यदि इन नेताओं ने उनके और तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत नहीं किए, तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा।
अग्निकांड की पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत पीड़ा
सोमनाथ भारती ने मालवीय नगर होटल अग्निकांड को 'मानवता को शर्मसार करने वाली घटना' बताया। उन्होंने कहा कि जिस इलाके से वे तीन बार विधायक रहे हैं, वहाँ हुई इस त्रासदी ने उन्हें गहरे दुख में डाल दिया। इस हादसे में उनके एक मित्र की 26 वर्षीय बेटी की भी जान चली गई। उन्होंने कहा कि ऐसे दुखद हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय जिम्मेदारी तय होनी चाहिए थी।
लाइसेंस और जिम्मेदारी का सवाल
भारती ने तर्क दिया कि होटल के लाइसेंस, निर्माण और पुलिस निरीक्षण जैसे मामले विधायक के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। उन्होंने कहा, 'विधायक न तो दिल्ली पुलिस को नियंत्रित करता है, न ही नगर निगम की लाइसेंस प्रक्रिया को और न ही यह तय करता है कि किसी प्रतिष्ठान को कितने कमरों के संचालन की अनुमति मिलेगी।'
उन्होंने बताया कि प्रश्नाधीन होटल को 3 मई 2024 को लाइसेंस दिया गया था — वह समय जब लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग की भूमिका प्रभावी थी। उन्होंने माँग की कि उस अवधि में जारी लाइसेंस की प्रक्रिया और जिम्मेदारी की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।
भारती ने एक अहम सवाल उठाया: यदि होटल को केवल 6 कमरों के संचालन का लाइसेंस मिला था, तो वहाँ कथित तौर पर 26 कमरे कैसे संचालित हो रहे थे? उनके अनुसार, इस तरह के उल्लंघन की जाँच और कार्रवाई स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
BJP नेताओं पर मानहानि नोटिस
भारती ने हर्ष मल्होत्रा और हरीश खुराना के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दोनों ने उनके और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जिनका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों को साबित करने के लिए सबूत नहीं हैं, तो दोनों नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद अब दोनों को अदालत में तथ्य प्रस्तुत करने होंगे।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर निशाना
भारती ने दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उनका तर्क था कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए लाठीचार्ज और कार्रवाई के आदेश की जवाबदेही वहीं से तय होनी चाहिए।
रांची में जारी छात्र प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई घटना के बाद छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने राजस्थान में छात्रों द्वारा स्कूलों में पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की माँग का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं का असंतोष केवल पुलिस कार्रवाई या राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं दबाया जा सकता।
IIT दिल्ली और वैज्ञानिक सोच पर टिप्पणी
भारती ने IIT दिल्ली को वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा का प्रमुख संस्थान बताते हुए कहा कि वहाँ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने धर्म, आस्था और विज्ञान को अलग-अलग क्षेत्र बताया और कहा कि आज का युवा जागरूक है तथा विभिन्न माध्यमों से घटनाओं और राजनीतिक बयानों की परख करता है। मानहानि मामले की अदालती सुनवाई और लाइसेंस जाँच की दिशा आगे आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगी।