कोलकाता होटल अग्निकांड: 9 की मौत, PM मोदी और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर स्थित एक होटल में 19 अगस्त 2026 की रात करीब 2 बजे भीषण आग लगने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की हैं।
मुख्य घटनाक्रम
आग की सूचना मिलते ही पाँच दमकल गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं। पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी तत्काल बचाव कार्य में जुट गईं। कोलकाता पुलिस के अनुसार, फायर ब्रिगेड और पुलिसकर्मियों ने कठिन अभियान के बाद होटल से लगभग 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव और अग्निशमन का कार्य सुबह करीब 4:30 बजे पूरा हुआ, जिसके बाद इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई गई।
राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा, 'कोलकाता में आग लगने की दुखद घटना में हुई मौतों से मुझे गहरा दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कोलकाता में आग लगने की घटना में हुई मौतों के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।'
सरकार की प्रतिक्रिया
बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने घटनास्थल का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कहा कि इस घटना के पीछे जो भी कारण हो, उसकी जाँच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएँगे।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब होटल में बड़ी संख्या में लोग ठहरे हुए थे। रात के अँधेरे में लगी आग ने निकासी को और कठिन बना दिया। गौरतलब है कि कोलकाता के पुराने इलाकों में संकरी गलियों और पुरानी इमारतों के कारण अग्निशमन अभियान अक्सर चुनौतीपूर्ण साबित होते हैं।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों की सहायता का आश्वासन दिया है। होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस की भी जाँच किए जाने की संभावना है।