बाबा बैद्यनाथ धाम में तीसरी सोमवारी पर 12 किमी लंबी कतार, करीब 4 लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
सावन की तीसरी सोमवारी पर देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में 17 अगस्त को आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की कतार रविवार रात 10:30 बजे तक ही पाँच किलोमीटर तक पहुँच गई थी, और सोमवार की सुबह होते-होते यह 12 किलोमीटर से अधिक लंबी हो गई। मनोकामना ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ पर गंगाजल से जलाभिषेक के लिए इस वर्ष तीसरी सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है।
कांवरिया पथ पर 'बोल बम' की गूँज
सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 108 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर गेरुआ वस्त्र धारण किए कांवरियों के जत्थे 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ पवित्र गंगाजल लेकर बाबा धाम की ओर बढ़ते रहे। रिमझिम बारिश के बीच कंधे पर कांवर और मन में अटूट आस्था लिए इन श्रद्धालुओं ने कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक किया।
कई धार्मिक संयोगों ने बढ़ाई तीसरी सोमवारी की महत्ता
इस वर्ष तीसरी सोमवारी कई धार्मिक अवसरों के एक साथ आने से और भी विशेष बन गई। 17 अगस्त को नागपंचमी तिथि, सिंह संक्रांति, और मां मनसा की वार्षिक पूजा का संयोग रहा। इसके साथ ही बांग्ला श्रावण का समापन भी इसी दिन हुआ। इन अवसरों के एक साथ पड़ने से बाबा धाम में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण और गहरा हो गया।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में सावन के उपलक्ष्य में लगाई गई विशेष बिल्वपत्र प्रदर्शनी का समापन भी सोमवार को हुआ। भगवान शिव की आराधना में बिल्वपत्र को विशेष स्थान प्राप्त है और इस प्रदर्शनी के प्रति भी भक्तों में खासा उत्साह देखा गया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या — आँकड़े क्या कहते हैं
आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष सावन की पहली सोमवारी पर 3,17,494 श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था। दूसरी सोमवारी पर यह संख्या बढ़कर 3,69,449 हो गई। तीसरी सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक का अनुमान है — जो इस सावन की अब तक की सबसे बड़ी संख्या होगी।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए देवघर जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने व्यापक प्रबंध किए। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने तीसरी सोमवारी की सुबह रूटलाइन का निरीक्षण कर विधि-व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, बरमसिया से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
आगे क्या
सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र प्रशासन से और अधिक कड़े प्रबंध की उम्मीद की जा रही है।