जमशेदपुर गोलीबारी: डीजीपी बैठक के 9 घंटे बाद वारदात, मरांडी ने हेमंत सोरेन से पूछा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर में पुलिस महानिदेशक (DGP) की अपराध नियंत्रण समीक्षा बैठक के महज नौ घंटे बाद हुई गोलीबारी की घटना का हवाला देते हुए राज्य की विधि-व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। मरांडी ने 2 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब माँगा।
मुख्य घटनाक्रम
जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर रंगदारी के लिए चार-पाँच राउंड गोलियाँ चलाई गईं। कथित तौर पर युवक उस समय फोन पर बात कर रहा था, जब कुछ बदमाश वहाँ पहुँचे और गोली चलाकर फरार हो गए। यह घटना उसी दिन हुई जब DGP ने शहर में अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी।
मरांडी के अनुसार, इस समीक्षा बैठक में पुलिस की मुस्तैदी और अपराध पर लगाम कसने पर विशेष चर्चा हुई थी। बावजूद इसके, घटना ने पुलिस की तैयारी पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए।
मरांडी की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि उच्चस्तरीय पुलिस बैठक के बाद भी अपराधी खुलेआम गोली चला सकते हैं, तो आम जनता सुरक्षा को लेकर किस भरोसे घर से निकलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक प्रभाव का असर साफ दिखाई दे रहा है और DGP की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
मरांडी ने कहा, 'पुलिस की बैठकें और सरकारी बयान अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर अपराध नियंत्रण की स्थिति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा।' उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड की जनता केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई चाहती है।
सरकार पर सीधा हमला
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधे निशाने पर लेते हुए पूछा कि जमशेदपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक शहर में DGP बैठक के कुछ ही घंटे बाद गोलीबारी हो जाए, तो आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का भरोसा कैसे बनेगा। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में कानून-व्यवस्था एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके मरांडी लगातार राज्य सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाते रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी झारखंड में बढ़ती रंगदारी और संगठित अपराध की शिकायतों के बीच आई है।
आम जनता पर असर
जमशेदपुर टाटा स्टील की वजह से देश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहाँ लाखों कामगार और उनके परिवार रहते हैं। रंगदारी और गोलीबारी की ऐसी घटनाएँ न केवल सुरक्षा बल्कि व्यापारिक माहौल पर भी प्रतिकूल असर डालती हैं। स्थानीय व्यापारी वर्ग लंबे समय से उगाही और धमकी की घटनाओं को लेकर चिंतित रहा है।
क्या होगा आगे
मरांडी ने सरकार से माँग की है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अभी तक सोरेन सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीतारामडेरा गोलीबारी मामले में पुलिस जाँच जारी है।