जमशेदपुर हत्याकांड पर बाबूलाल मरांडी का हमला: 'झारखंड में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने 2 जुलाई को रांची में पत्रकारों से बातचीत में राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जमशेदपुर में करणी सेना के एक नेता की पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या को आधार बनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधे जिम्मेदार ठहराया। मरांडी के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाय निर्दोष लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
जमशेदपुर हत्याकांड: मरांडी के सवाल
मरांडी ने कहा कि जमशेदपुर में करणी सेना नेता की हत्या पुलिस के सामने हुई, फिर भी संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा, 'अगर पुलिस की मौजूदगी में किसी की हत्या होती है, तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार है।' उनके मुताबिक, घटना के बाद एसपी को हटाना महज खानापूर्ति है — असली जवाबदेही के लिए पुलिसकर्मियों पर एफआईआर होनी चाहिए थी।
होटल मालिक पर FIR: मरांडी ने उठाया सवाल
मरांडी ने एक और विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया — जिस होटल से हत्यारे खाना खाकर निकले थे, उस होटल के मालिक पर प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर कोई मेरे घर से खाना खाकर निकले और सड़क पर पुलिस के सामने किसी की हत्या करे, तो होटल मालिक को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?' उनके अनुसार यह कार्रवाई कानून की मूल भावना के विरुद्ध है।
एएसआई 'अजय' पर आरोप और प्रशासनिक लाचारी
मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक एएसआई अजय पर वसूली के आरोप हैं, और यह चर्चा आम हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सभी विभागों के अधिकारी इस एएसआई के सामने 'लाचार और बेबस' हैं। यहाँ तक कि थानों में दरोगाओं के तबादले का फैसला भी उन्हीं के इशारे पर होता है, और किसी अधिकारी में इसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं।
हेमंत सोरेन पर सीधा आरोप
मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिए 'कोई और नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं।' उन्होंने माँग की कि जमशेदपुर हत्याकांड में पुलिस प्रशासन के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अपराध और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। गौरतलब है कि मरांडी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हैं।