धनबाद SSP पर गंभीर आरोप: बाबूलाल मरांडी ने गैंगस्टर प्रिंस खान के वायरल वीडियो पर हेमंत सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 7 मई 2026 को धनबाद के वासेपुर निवासी कथित गैंगस्टर प्रिंस खान के एक वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की माँग की है। मरांडी का कहना है कि इस वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और प्रशासनिक तंत्र पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं।
वायरल वीडियो में क्या है
मरांडी के अनुसार, कथित तौर पर विदेश से जारी इस वीडियो में धनबाद SSP और प्रशासनिक अधिकारियों पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। इनमें गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर कब्जा कराना, माइनिंग माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़, तथा वर्दी और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर भय का माहौल बनाना शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो का केवल संपादित हिस्सा ही अब तक सार्वजनिक किया गया है और वे पूरा वीडियो मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराएंगे।
मरांडी की चार प्रमुख मांगें
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के सामने चार ठोस माँगें रखी हैं। पहली, संबंधित अधिकारी को तत्काल पद से हटाया जाए। दूसरी, पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। तीसरी, माइनिंग माफिया और भूमि कब्जे से जुड़े आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच हो। चौथी, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप हों, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ क्यों सौंपी जा रही हैं।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर मरांडी की चिंता
मरांडी ने अपनी विस्तृत सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहाँ कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था स्वयं सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर संकट का संकेत है। गौरतलब है कि झारखंड में माइनिंग और भूमि विवाद पहले से ही एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है।
विपक्ष का रुख और सरकार को चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि विपक्ष ने अब तक संयम बरता है ताकि समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने। उन्होंने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि झारखंड की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है और अब सरकार को तय करना है कि वह पारदर्शिता और न्याय का रास्ता चुनती है या अविश्वास के माहौल को और गहरा होने देती है।
आगे क्या होगा
अभी तक हेमंत सोरेन सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मरांडी ने स्पष्ट किया है कि वे पूरा वीडियो मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे, जिससे सरकार यह नहीं कह सके कि उसे मामले की जानकारी नहीं थी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।