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क्या सुनील जाखड़ ने पंजाब डीजीपी को पत्र लिखकर वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग की?

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क्या सुनील जाखड़ ने पंजाब डीजीपी को पत्र लिखकर वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग की?

सारांश

भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर एक वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग की है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री भगवंत मान का आपत्तिजनक व्यवहार दर्शाया गया है। जाखड़ ने सिख समुदाय की भावनाओं को चोट पहुँचाने वाले इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

सुनील जाखड़ ने वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग की है।
वीडियो में भगवंत मान का आपत्तिजनक व्यवहार दिखाया गया है।
सिख समुदाय की भावनाओं को चोट पहुँची है।
भाजपा ने न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव की मांग की है।
फोरेंसिक जांच के लिए चंडीगढ़ की टीम पर विचार किया गया है।

चंडीगढ़/पंजाब, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की तत्काल फोरेंसिक जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इस वीडियो में कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए और श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र छवि का अपमान करते हुए दिखाया गया है।

सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पत्र साझा किया है। पत्र में कहा गया है कि यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहा है, जिससे सिख समुदाय सहित आम लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा कि वीडियो के कारण समाज में रोष बढ़ रहा है, आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है और देश-विदेश में पंजाबपंजाबियों की छवि भी प्रभावित हो रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा कि यह विश्वास करना कठिन है कि कोई समझदार व्यक्ति, विशेषकर मुख्यमंत्री जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, ऐसा आचरण कर सकता है। इसी कारण उन्होंने इस वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता का वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द पता लगाए जाने की मांग की है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले की जांच चंडीगढ़ की फोरेंसिक टीम से करवाई जाए, जैसा कि पहले एसएसपी पटियाला के ऑडियो टेप मामले में किया गया था।

जाखड़ ने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस के पास डिजिटल कंटेंट की वैज्ञानिक और तेज जांच के लिए पर्याप्त फोरेंसिक और साइबर विशेषज्ञता मौजूद है। यदि फोरेंसिक जांच में वीडियो असली पाया जाता है, तो यह एक गंभीर मामला होगा और सिख धर्म का अपमान माना जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। वहीं, यदि वीडियो फर्जी या मनगढ़ंत साबित होता है, तो इसे बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि भाजपा पंजाब के कोर ग्रुप ने 16 जनवरी 2026 को गवर्नेंस और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया है, जिसमें यह मुद्दा भी शामिल है। जाखड़ ने अंत में मांग की कि न्याय, सांप्रदायिक सद्भाव और कानून के राज को बनाए रखने के लिए सच्चाई को शीघ्र सार्वजनिक किया जाए और कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है बल्कि सिख समुदाय की भावनाओं को भी चोट पहुँचा सकता है। यह आवश्यक है कि इस मामले की त्वरित और पारदर्शी जांच की जाए ताकि कानून का राज स्थापित किया जा सके।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने किसको पत्र लिखा?
सुनील जाखड़ ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा।
वीडियो में किसका व्यवहार आपत्तिजनक बताया गया?
वीडियो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का आपत्तिजनक व्यवहार दर्शाया गया है।
फोरेंसिक जांच की मांग क्यों की गई?
फोरेंसिक जांच की मांग इसलिए की गई ताकि वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता का पता लगाया जा सके।
इस मामले में सिख समुदाय की भावनाओं का क्या असर पड़ा?
इस वीडियो के कारण सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
भाजपा पंजाब के कोर ग्रुप ने कब घेराव करने का निर्णय लिया?
भाजपा पंजाब के कोर ग्रुप ने 16 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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