17 अगस्त 2026
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चिंगम 1: मलयालम नववर्ष पर केरल के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, ओणम उत्सव की शुरुआत

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चिंगम 1: मलयालम नववर्ष पर केरल के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, ओणम उत्सव की शुरुआत

सारांश

कर्किडकम की उदासी के बाद चिंगम 1 ने केरल में उम्मीद और उल्लास की नई लहर ला दी है। मंदिरों में उमड़ी भीड़, सबरीमाला के खुले कपाट और 25 अगस्त से ओणम की दस्तक — यह सिर्फ कैलेंडर का पन्ना नहीं, केरल की आत्मा का जागरण है।

मुख्य बातें

17 अगस्त को चिंगम 1 के साथ मलयालम नववर्ष का आगाज़ हुआ, केरलभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सबरीमाला मंदिर के द्वार मासिक पूजा के लिए खोले गए, तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या पहुंची।
सतीशन ने कोच्चि में मंदिर दर्शन कर चिंगम 1 मनाया।
ओणम का मुख्य उत्सव 25 अगस्त से 28 अगस्त तक मनाया जाएगा।
चिंगम को नए व्यवसाय, उद्यम और शुभ शुरुआत के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है।

केरल में सोमवार, 17 अगस्त को मलयालम कैलेंडर के पहले दिन चिंगम 1 के साथ मलयालम नववर्ष का आगाज़ हुआ। राज्यभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, और कोच्चि सहित अनेक शहरों में उत्सव का माहौल छा गया। यह दिन केरल के हिंदू समुदाय के लिए नई उम्मीद, समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

कर्किडकम के बाद चिंगम का आगमन

मलयालम कैलेंडर में कर्किडकम को पारंपरिक रूप से तंगी और उदासी का महीना माना जाता है। इसके ठीक बाद आने वाला चिंगम अपने साथ बिल्कुल अलग ऊर्जा और उल्लास लेकर आता है। पीढ़ियों से इस पहले दिन को परिवार मंदिर दर्शन, प्रार्थनाओं और नए उद्यमों की शुरुआत के लिए चुनते रहे हैं। कई व्यापारी और उद्यमी चिंगम 1 को नया व्यवसाय खोलने या किसी नई परियोजना की शुरुआत के लिए सबसे शुभ अवसर मानते हैं।

सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले

चिंगम 1 के अवसर पर प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के द्वार मासिक पूजा के लिए खोले गए, जिससे बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की ओर खिंचे चले आए। सबरीमाला की यात्रा इस महीने की धार्मिक गतिविधियों का अहम हिस्सा है और श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष अवसर होता है।

पारंपरिक पोशाक और सांस्कृतिक रंग

चिंगम केरल के पहनावे में भी एक सुखद बदलाव लाता है। महिलाएं पारंपरिक केरल साड़ी पहनकर उत्सव में शामिल होती हैं, जबकि पुरुष सादी सफेद धोती में नज़र आते हैं। यह पारंपरिक पोशाक अनिवार्य नहीं है, लेकिन वर्षों से यह चिंगम 1 की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

मुख्यमंत्री सतीशन ने किए मंदिर दर्शन

अपनी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था के लिए जाने जाने वाले मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन भी कोच्चि में मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। उनकी उपस्थिति ने चिंगम 1 के इस अवसर को राजनीतिक और सांस्कृतिक — दोनों रंग दे दिए।

ओणम उत्सव की दस्तक

चिंगम 1 इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह केरल के सबसे बड़े पर्व ओणम की शुरुआत का संकेत देता है। मलयालम महीना 'चिंगम' असल में ओणम के मौसम का ही पर्याय है। इस दौरान केरल पूकलम (फूलों की रंगोली), पारंपरिक दावतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारिवारिक मिलन से जीवंत हो उठता है। इस वर्ष ओणम का मुख्य उत्सव 25 अगस्त से 28 अगस्त तक मनाया जाएगा, जिससे पूरे महीने को लेकर उत्साह और बढ़ गया है। मंदिरों की घंटियों की गूंज से लेकर ओणम के मौसम के पहले फूलों तक — चिंगम केरल में एक नए अध्याय की शुरुआत का वादा लेकर आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस दिन का गहरा सामाजिक-आर्थिक आयाम भी है — कर्किडकम के दौरान कृषि और मज़दूरी से जुड़ी तंगी के बाद चिंगम व्यापारिक गतिविधियों की वापसी का संकेत है। मुख्यमंत्री सतीशन का मंदिर दर्शन राजनीतिक दृष्टि से भी उल्लेखनीय है, क्योंकि केरल की राजनीति में धर्म और संस्कृति की भूमिका पर बहस लंबे समय से जारी है। ओणम के साथ चिंगम का जुड़ाव पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है — एक पहलू जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिंगम 1 क्या है और यह कब मनाया जाता है?
चिंगम 1 मलयालम कैलेंडर का पहला दिन होता है और इसे मलयालम नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह 17 अगस्त को पड़ा। यह दिन केरल के हिंदू समुदाय के लिए उम्मीद, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
चिंगम और ओणम का क्या संबंध है?
चिंगम महीना ओणम के मौसम का ही दूसरा नाम है — यह महीना ओणम उत्सव की शुरुआत का संकेत देता है। इस वर्ष ओणम का मुख्य उत्सव 25 अगस्त से 28 अगस्त तक मनाया जाएगा।
सबरीमाला मंदिर चिंगम 1 पर क्यों खास होता है?
चिंगम 1 के अवसर पर सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खोले जाते हैं, जिससे बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की ओर आते हैं। यह मासिक पूजा श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक अवसर होती है।
कर्किडकम और चिंगम में क्या अंतर है?
कर्किडकम मलयालम कैलेंडर का वह महीना है जिसे पारंपरिक रूप से तंगी और उदासी का समय माना जाता है। इसके ठीक बाद आने वाला चिंगम उत्सव, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है — यह बदलाव केरल के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखता है।
चिंगम 1 पर पारंपरिक पोशाक क्या होती है?
चिंगम 1 पर महिलाएं पारंपरिक केरल साड़ी और पुरुष सादी सफेद धोती पहनते हैं। यह पोशाक अनिवार्य नहीं है, लेकिन वर्षों से यह इस दिन की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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