तिरुवोणम 2026: साद्या, पूक्कलम और एकता के रंग में रंगा केरल, 6 जिलों में येलो अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम — 26 अगस्त को तिरुवोणम के पावन अवसर पर केरल एक बार फिर एकता और उल्लास के रंग में रंग गया। घरों की दहलीज पर रंग-बिरंगे पूक्कलम (फूलों की रंगोली) सजे, रसोइयों में 26 व्यंजनों वाली पारंपरिक साद्या की सुगंध फैली और परिवार वर्षभर की दूरियाँ मिटाकर एक छत के नीचे जुटे। ओणम को केरल का सबसे बड़ा और सबसे धर्मनिरपेक्ष पर्व माना जाता है, जहाँ धर्म, जाति और समुदाय की सीमाएँ पीछे छूट जाती हैं।
उत्सव का माहौल
कस्बों, गाँवों, महानगरों और विदेशों में बसे मलयाली समुदाय के लोग तिरुवोणम के दिन अपनी व्यस्त दिनचर्या से विराम लेकर उस साझा सांस्कृतिक भावना से जुड़ते हैं जो उन्हें एकसूत्र में पिरोती है। दूसरे राज्यों और विदेशों में कार्यरत मलयाली रातभर यात्रा कर घर पहुँचे, ताकि परिवार के साथ तिरुवोणम साद्या का आनंद ले सकें। सांस्कृतिक संगठनों और स्थानीय क्लबों ने पारंपरिक खेलों और उत्सवों से मोहल्लों को जीवंत कर दिया।
धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर उत्सव
अरनमुला में 'तिरुवोणथोनी' का आगमन इस पर्व की सबसे भावुक रस्मों में से एक रही। भगवान पार्थसारथी के लिए अर्पित सामग्री लेकर पहुँची इस पारंपरिक नौका का पल्लियोडा सेवा संघ, विभिन्न कराओं के प्रतिनिधियों और मंदिर सलाहकार समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। गुरुवायूर मंदिर में हजारों श्रद्धालु उमड़े, जहाँ भोर में गुरुवायूरप्पन को ओणम वस्त्र अर्पित किए गए और 10,000 लोगों के लिए विशेष प्रसादम भोजन की व्यवस्था की गई।
मानसून की चुनौती
उत्सव के बीच केरल का मानसून भी सक्रिय रहा। राज्य के 14 जिलों में से 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार तड़के कई इलाकों में बारिश शुरू हुई, जिसका प्रभाव उत्तरी केरल में अधिक देखा गया। भूस्खलन और मिट्टी धंसने की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हालात सामान्य होने तक आवाजाही सीमित रखी गई है।
प्रशासनिक सतर्कता
पर्यटन विभाग ने अलर्ट वाले जिलों और आसपास के क्षेत्रों में झरनों, जलाशयों तथा संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।
राष्ट्रीय नेताओं की शुभकामनाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलयाली समुदाय को सुख, समृद्धि और एकता की शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ओणम के अवसर पर बधाई संदेश भेजा। बारिश ने भले ही तिरुवोणम की चमक को कुछ हद तक प्रभावित किया हो, लेकिन इसकी सामूहिक भावना को फीका नहीं कर पाई — और एक बार फिर केरल ने यह सिद्ध किया कि ओणम की मेज पर सबके लिए जगह है।