26 अगस्त 2026
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तिरुवोणम 2026: साद्या, पूक्कलम और एकता के रंग में रंगा केरल, 6 जिलों में येलो अलर्ट

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तिरुवोणम 2026: साद्या, पूक्कलम और एकता के रंग में रंगा केरल, 6 जिलों में येलो अलर्ट

सारांश

तिरुवोणम 2026 पर केरल ने एक बार फिर साबित किया कि ओणम धर्म और जाति की सीमाओं से परे सबको जोड़ने वाला उत्सव है। गुरुवायूर में 10,000 लोगों को प्रसादम, अरनमुला में पारंपरिक नौका का स्वागत — और बारिश के बावजूद जज्बा बरकरार।

मुख्य बातें

26 अगस्त 2026 को तिरुवोणम पर पूरे केरल में साद्या, पूक्कलम और पारंपरिक उत्सवों की धूम रही।
गुरुवायूर मंदिर में 10,000 लोगों के लिए विशेष प्रसादम भोजन की व्यवस्था की गई।
अरनमुला में भगवान पार्थसारथी के लिए तिरुवोणथोनी पारंपरिक नौका का विधिवत स्वागत हुआ।
राज्य के 14 में से 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी; पर्यटन विभाग ने संवेदनशील स्थलों पर प्रतिबंधात्मक निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मलयाली समुदाय को ओणम की शुभकामनाएँ दीं।

तिरुवनंतपुरम26 अगस्त को तिरुवोणम के पावन अवसर पर केरल एक बार फिर एकता और उल्लास के रंग में रंग गया। घरों की दहलीज पर रंग-बिरंगे पूक्कलम (फूलों की रंगोली) सजे, रसोइयों में 26 व्यंजनों वाली पारंपरिक साद्या की सुगंध फैली और परिवार वर्षभर की दूरियाँ मिटाकर एक छत के नीचे जुटे। ओणम को केरल का सबसे बड़ा और सबसे धर्मनिरपेक्ष पर्व माना जाता है, जहाँ धर्म, जाति और समुदाय की सीमाएँ पीछे छूट जाती हैं।

उत्सव का माहौल

कस्बों, गाँवों, महानगरों और विदेशों में बसे मलयाली समुदाय के लोग तिरुवोणम के दिन अपनी व्यस्त दिनचर्या से विराम लेकर उस साझा सांस्कृतिक भावना से जुड़ते हैं जो उन्हें एकसूत्र में पिरोती है। दूसरे राज्यों और विदेशों में कार्यरत मलयाली रातभर यात्रा कर घर पहुँचे, ताकि परिवार के साथ तिरुवोणम साद्या का आनंद ले सकें। सांस्कृतिक संगठनों और स्थानीय क्लबों ने पारंपरिक खेलों और उत्सवों से मोहल्लों को जीवंत कर दिया।

धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर उत्सव

अरनमुला में 'तिरुवोणथोनी' का आगमन इस पर्व की सबसे भावुक रस्मों में से एक रही। भगवान पार्थसारथी के लिए अर्पित सामग्री लेकर पहुँची इस पारंपरिक नौका का पल्लियोडा सेवा संघ, विभिन्न कराओं के प्रतिनिधियों और मंदिर सलाहकार समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। गुरुवायूर मंदिर में हजारों श्रद्धालु उमड़े, जहाँ भोर में गुरुवायूरप्पन को ओणम वस्त्र अर्पित किए गए और 10,000 लोगों के लिए विशेष प्रसादम भोजन की व्यवस्था की गई।

मानसून की चुनौती

उत्सव के बीच केरल का मानसून भी सक्रिय रहा। राज्य के 14 जिलों में से 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार तड़के कई इलाकों में बारिश शुरू हुई, जिसका प्रभाव उत्तरी केरल में अधिक देखा गया। भूस्खलन और मिट्टी धंसने की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हालात सामान्य होने तक आवाजाही सीमित रखी गई है।

प्रशासनिक सतर्कता

पर्यटन विभाग ने अलर्ट वाले जिलों और आसपास के क्षेत्रों में झरनों, जलाशयों तथा संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।

राष्ट्रीय नेताओं की शुभकामनाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलयाली समुदाय को सुख, समृद्धि और एकता की शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ओणम के अवसर पर बधाई संदेश भेजा। बारिश ने भले ही तिरुवोणम की चमक को कुछ हद तक प्रभावित किया हो, लेकिन इसकी सामूहिक भावना को फीका नहीं कर पाई — और एक बार फिर केरल ने यह सिद्ध किया कि ओणम की मेज पर सबके लिए जगह है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस वर्ष यह विशेषण और अधिक प्रासंगिक लगता है — जब देश के कई हिस्सों में सामुदायिक तनाव की खबरें आती रहती हैं, तब केरल का यह सामूहिक उत्सव एक मौन लेकिन सशक्त संदेश देता है। हालाँकि, मानसून की मार और येलो अलर्ट यह भी याद दिलाते हैं कि जलवायु की चुनौतियाँ अब उत्सवों की भी शर्तें तय करने लगी हैं। पर्यटन विभाग के प्रतिबंधात्मक निर्देश जरूरी हैं, पर यह सवाल भी उठता है कि पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढाँचे की तैयारी हर साल की इस चुनौती के अनुरूप है या नहीं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवोणम क्या है और यह ओणम से कैसे जुड़ा है?
तिरुवोणम ओणम पर्व का सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय दिन है, जिसे केरल का सबसे बड़ा और सबसे धर्मनिरपेक्ष त्योहार माना जाता है। इस दिन पारंपरिक साद्या भोज, पूक्कलम और सांस्कृतिक उत्सवों के साथ मलयाली समुदाय एकजुट होता है।
ओणम साद्या में कितने व्यंजन होते हैं?
पारंपरिक ओणम साद्या में 26 व्यंजन परोसे जाते हैं, जो केले के पत्ते पर सजाए जाते हैं। यह भोज केरल की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का प्रतीक है।
2026 के तिरुवोणम पर केरल में येलो अलर्ट क्यों जारी हुआ?
26 अगस्त 2026 को तिरुवोणम के दिन केरल के 14 में से 6 जिलों में मानसूनी बारिश के कारण येलो अलर्ट जारी किया गया। उत्तरी केरल में बारिश का प्रभाव अधिक रहा और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के चलते आवाजाही सीमित रखी गई।
अरनमुला की तिरुवोणथोनी रस्म क्या है?
अरनमुला में तिरुवोणथोनी एक पारंपरिक नौका है जो भगवान पार्थसारथी के लिए अर्पित सामग्री लेकर आती है। इस नौका का स्वागत पल्लियोडा सेवा संघ, विभिन्न कराओं के प्रतिनिधियों और मंदिर सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा किया जाता है और इसे ओणम की सबसे भावुक रस्मों में से एक माना जाता है।
गुरुवायूर मंदिर में तिरुवोणम पर क्या विशेष आयोजन हुए?
गुरुवायूर मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे। भोर में गुरुवायूरप्पन को ओणम वस्त्र अर्पित किए गए और 10,000 लोगों के लिए विशेष प्रसादम भोजन की व्यवस्था की गई।
राष्ट्र प्रेस
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