28 जुलाई 2026
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प्रियंका गांधी का तीखा हमला: धर्मेंद्र प्रधान का 'सुपरस्टार जैसा' स्वागत शर्मनाक

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प्रियंका गांधी का तीखा हमला: धर्मेंद्र प्रधान का 'सुपरस्टार जैसा' स्वागत शर्मनाक

सारांश

मॉनसून सत्र में विपक्ष का तेवर तीखा है — प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के 'सुपरस्टार जैसे' स्वागत को शर्मनाक बताया, NEET पेपर लीक पर सरकार की नीयत को कठघरे में खड़ा किया, और NDA की 'मंगल मिलन' बैठक को असंवैधानिक करार दिया।

मुख्य बातें

प्रियंका गांधी वाड्रा ने 28 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के संसद में 'सुपरस्टार जैसे' स्वागत को 'बेहद शर्मनाक' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों को दबा रही है और इंस्टाग्राम पर छात्राओं को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि NEET 2024 मामले में 90 दिनों में चार्जशीट नहीं आई और कथित मास्टरमाइंड जमानत पर है।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुईं — विपक्ष पेपर लीक विधेयक पर एकजुट।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने NDA की 'मंगल मिलन' बैठक को दसवीं अनुसूची का उल्लंघन बताते हुए असंवैधानिक करार दिया।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि सदन सुचारू चलाना सरकार और स्पीकर की ज़िम्मेदारी है, विपक्ष की नहीं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 28 जुलाई को संसद परिसर में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भव्य स्वागत पर कड़ी आपत्ति जताई। मॉनसून सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने प्रधान का जोरदार स्वागत किया, जिस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि जिन परिस्थितियों में उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, उसे देखते हुए यह स्वागत 'बेहद शर्मनाक' है — मानो कोई सुपरस्टार संसद पहुँचा हो।

प्रियंका गांधी की तीखी प्रतिक्रिया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि वह आज भी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है और उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ इंस्टाग्राम हैंडल पर छात्राओं की तस्वीरें पोस्ट कर उनके खिलाफ दावे किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यदि सरकार वास्तव में संवाद के ज़रिए समस्या सुलझाना चाहती है तो उसे छात्रों को निशाना बनाने की बजाय सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

पेपर लीक विधेयक पर विपक्ष की एकजुटता

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने प्रस्तावित पेपर लीक विधेयक पर कहा कि सभी विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर चर्चा कर रहे हैं और सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 के NEET पेपर लीक मामले के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की कई महत्वपूर्ण सिफारिशें अब तक पूरी तरह लागू नहीं की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में निर्धारित 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और कथित मास्टरमाइंड जमानत पर बाहर है, जिससे छात्रों का सरकार पर भरोसा कमज़ोर हुआ है।

NDA की 'मंगल मिलन' बैठक पर विवाद

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने NDA की 'मंगल मिलन' बैठक को गैर-कानूनी और असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि अदालतें पहले ही संविधान की दसवीं अनुसूची की व्याख्या कर चुकी हैं, जिसमें स्पष्ट है कि केवल राजनीतिक दलों का विलय मान्य है, दलबदल नहीं। उनके अनुसार सरकार संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है।

सदन की कार्यवाही और विपक्ष के सवाल

संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने पर कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने लोकसभा अध्यक्ष और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सदन सुचारू रूप से चलाने की ज़िम्मेदारी विपक्ष की नहीं, बल्कि सरकार, स्पीकर और ट्रेजरी बेंच की है। उनके अनुसार सरकार विपक्ष को बाधक दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि सदन का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा।

आगे की राह

कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार के रुख का आकलन करने के बाद ही पेपर लीक विधेयक पर अपना अंतिम फैसला करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब मॉनसून सत्र में छात्र आंदोलन, परीक्षा सुधार और संसदीय व्यवधान एक साथ केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दसवीं अनुसूची की व्याख्या को लेकर अदालती नज़ीरों का हवाला देना विपक्ष की रणनीतिक परिपक्वता दर्शाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि छात्र आंदोलन, परीक्षा सुधार और संसदीय व्यवधान — तीनों एक ही राजनीतिक धागे से बंधे हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को शर्मनाक क्यों कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जिन परिस्थितियों में धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, उसे देखते हुए BJP और NDA सांसदों द्वारा उनका 'सुपरस्टार जैसा' स्वागत करना बेहद शर्मनाक है। उनके अनुसार यह रवैया छात्रों की पीड़ा के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
NEET पेपर लीक विधेयक पर विपक्ष का क्या रुख है?
विपक्षी दल एकजुट होकर इस विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं और सरकार का रुख देखने के बाद अंतिम फैसला करेंगे। कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि कानून बनाना पर्याप्त नहीं, उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी ज़रूरी है।
राधाकृष्णन समिति क्या है और इसकी सिफारिशें क्यों विवाद में हैं?
NEET 2024 पेपर लीक मामले के बाद सरकार ने राधाकृष्णन समिति का गठन किया था, जिसने कई महत्वपूर्ण सुधार सिफारिशें दीं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इन सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं किया, और इसी कारण छात्रों का भरोसा कमज़ोर हुआ है।
NDA की 'मंगल मिलन' बैठक असंवैधानिक कैसे है?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के अनुसार, संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अदालतें पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि केवल राजनीतिक दलों का विलय मान्य है, दलबदल नहीं। उनका कहना है कि 'मंगल मिलन' बैठक इसी प्रावधान का उल्लंघन करती है।
संसद की कार्यवाही बाधित होने के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि सदन सुचारू चलाने की ज़िम्मेदारी सरकार, लोकसभा अध्यक्ष और ट्रेजरी बेंच की है, विपक्ष की नहीं। उनके अनुसार सरकार विपक्ष को बाधक दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता अलग है।
राष्ट्र प्रेस
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