29 जुलाई 2026
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सुखदेव भगत का बचाव: प्रह्लाद जोशी पर राहुल-प्रियंका की टिप्पणी उचित, सार्वजनिक जीवन में मर्यादा अनिवार्य

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सुखदेव भगत का बचाव: प्रह्लाद जोशी पर राहुल-प्रियंका की टिप्पणी उचित, सार्वजनिक जीवन में मर्यादा अनिवार्य

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने एक साथ तीन मोर्चों पर पार्टी का बचाव किया — प्रह्लाद जोशी पर राहुल-प्रियंका की टिप्पणी, पेपर लीक पर युवाओं का आक्रोश, और आरएसएस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर प्रियांक खड़गे के दावे। उनका तर्क साफ था: तथ्यों से इनकार नहीं, और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा से समझौता नहीं।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 29 जुलाई को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणियों को पूरी तरह उचित ठहराया।
भगत ने कहा कि जोशी का रेप पीड़िता के मामले में रुख और दोषियों की रिहाई का स्वागत उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
पेपर लीक पर भगत का तर्क — सिर्फ व्यक्ति बदलने से नहीं, सिस्टम में बदलाव से समस्या हल होगी।
प्रियांक खड़गे के आरएसएस संबंधी दावों को भगत ने ऐतिहासिक तथ्य बताया — भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध, राष्ट्रीय ध्वज न फहराना और संविधान का विरोध।
भगत ने कहा कि जिनका इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन के विरोध से जुड़ा हो, उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का नैतिक अधिकार नहीं।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 29 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की सार्वजनिक टिप्पणियों का पूरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले हर व्यक्ति से गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा की जाती है, और जोशी का रेप पीड़िता के मामले में रुख इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी का बचाव

भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में होता है, तो हम उम्मीद करते हैं कि उसका राजनीतिक आचरण और सार्वजनिक बयान गरिमा और मर्यादा के दायरे में रहें।' उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से प्रह्लाद जोशी ने रेप पीड़िता के मामले में असहमति जताई और दोषियों की रिहाई से जुड़े फैसले का स्वागत किया, वह उनकी मानसिकता और महिलाओं के प्रति उनके रवैये को उजागर करता है। भगत के अनुसार, इसीलिए प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने इन मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाना ज़रूरी समझा।

पेपर लीक और युवाओं की चिंता

लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ चर्चा के संदर्भ में भगत ने कहा कि पिछले दो वर्षों से राहुल गांधी लगातार देश के युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताते रहे हैं और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन भी किए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि आज युवा सरकार पर भरोसा नहीं करते, तो इसकी जड़ सरकार की नीतियों में है। भगत ने जोर देकर कहा, 'सिर्फ किसी व्यक्ति को बदलने से काम नहीं चलेगा, जरूरत सिस्टम में बदलाव की है।'

आरएसएस पर प्रियांक खड़गे के दावों का समर्थन

कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के आरएसएस संबंधी बयान पर भगत ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने तीन बिंदु गिनाए — पहला, आरएसएस ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' का विरोध किया था; दूसरा, लंबे समय तक संगठन के मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया; तीसरा, संगठन ने संविधान का विरोध किया और उसे स्वीकार नहीं किया। भगत ने कहा, 'जिन लोगों के इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन और भारत के संविधान का विरोध शामिल रहा है, उन्हें हमें देशभक्ति पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।'

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र तीखी बहसों का गवाह बन रहा है। पेपर लीक, महिला सुरक्षा और ऐतिहासिक विमर्श — तीनों मुद्दे एक साथ सदन की कार्यवाही में उभरे हैं। गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच यह वैचारिक टकराव नया नहीं है, लेकिन रेप पीड़िता के मामले को केंद्र में रखकर किया गया यह हमला कांग्रेस की रणनीति में नई धार जोड़ता है।

आगे क्या

भगत के बयान के बाद BJP की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। संसद सत्र जारी रहने के साथ यह विवाद और तेज होने की संभावना है, विशेषकर महिला सुरक्षा और ऐतिहासिक संगठनों की भूमिका पर बहस के मद्देनजर।

संपादकीय दृष्टिकोण

युवा रोजगार और राष्ट्रवाद के विमर्श — पर BJP को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, रेप पीड़िता के मामले को राजनीतिक हमले के औजार के रूप में इस्तेमाल करना एक नाजुक रेखा है जिसे कांग्रेस को सावधानी से चलना होगा। आरएसएस पर ऐतिहासिक दावे नए नहीं हैं, लेकिन संसद के भीतर इन्हें दोहराना दर्शाता है कि विपक्ष वैचारिक युद्ध को सड़क से सदन तक ले जाना चाहता है। असली सवाल यह है कि क्या ये बयानबाजी मतदाताओं तक पहुँचती है या केवल समाचार चक्र को भरती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखदेव भगत ने प्रह्लाद जोशी पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का रेप पीड़िता के मामले में रुख और दोषियों की रिहाई का स्वागत उनकी मानसिकता और महिलाओं के प्रति उनके नजरिए को उजागर करता है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणियों को पूरी तरह उचित ठहराया।
पेपर लीक मुद्दे पर सुखदेव भगत का क्या कहना है?
भगत ने कहा कि युवाओं का सरकार पर से भरोसा उठना सरकार की नीतियों का नतीजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी व्यक्ति को बदलने से समस्या हल नहीं होगी — इसके लिए पूरे सिस्टम में बदलाव जरूरी है।
प्रियांक खड़गे ने आरएसएस के बारे में क्या दावे किए?
प्रियांक खड़गे ने आरएसएस पर तीन ऐतिहासिक आरोप लगाए — भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध, लंबे समय तक मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज न फहराना, और संविधान का विरोध। सुखदेव भगत ने इन दावों को ऐतिहासिक तथ्य बताते हुए इनका समर्थन किया।
कांग्रेस का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान संसद के मानसून सत्र के दौरान 29 जुलाई को आया, जब लोकसभा में पेपर लीक, महिला सुरक्षा और ऐतिहासिक विमर्श पर तीखी बहस चल रही थी। कांग्रेस ने एक साथ कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
सार्वजनिक जीवन में मर्यादा पर भगत का क्या तर्क था?
भगत का तर्क था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले हर व्यक्ति के राजनीतिक आचरण और बयान गरिमा और मर्यादा के दायरे में होने चाहिए। उनके अनुसार, प्रह्लाद जोशी का आचरण इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता, इसीलिए राहुल और प्रियंका गांधी ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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