गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'जिद्दी बच्चे की तरह सदन चलाना चाहते हैं विपक्ष के नेता'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार, 13 अगस्त को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे संसद को अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं के अनुसार संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीए के कई सांसदों ने एक साथ कांग्रेस और उसके नेतृत्व को संसदीय गतिरोध के लिए जिम्मेदार ठहराया। गिरिराज सिंह ने स्पष्ट कहा कि संसद किसी की 'निजी जागीर' नहीं, बल्कि यह संसदीय प्रक्रियाओं और नियमों के अनुसार चलती है।
गिरिराज सिंह का 'जिद्दी व्यक्ति' वाला बयान
गिरिराज सिंह ने कहा कि पिछले करीब एक महीने से एक 'जिद्दी व्यक्ति' घर के बिगड़े बच्चे की तरह व्यवहार करते हुए सदन को भी उसी ढर्रे पर चलाना चाहता है। उन्होंने दुर्भाग्य जताते हुए कहा कि वह व्यक्ति विपक्ष के नेता के पद पर हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस भ्रम में हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उनके दबाव के कारण इस्तीफा दिया।
इस दावे को खारिज करते हुए गिरिराज सिंह ने एक तुलना पेश की — उन्होंने कहा कि यह वैसा ही है जैसे बैलगाड़ी चल रही हो और रस्सी से लटका चूहा यह समझे कि गाड़ी उसी की वजह से आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की रणनीति पहले धर्मेंद्र प्रधान, फिर गृह मंत्री अमित शाह और अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाने की थी।
शाह बानो मामले का उल्लेख और मोदी सरकार की उपलब्धियाँ
गिरिराज सिंह ने ऐतिहासिक शाह बानो मामले का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के पिता और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उस दौरान मौलवियों के सामने 'घुटने टेक दिए थे।' इसके विपरीत उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों के रूप में तीन तलाक का उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का पारित होना और अनुच्छेद 370 तथा 35A के निरस्तीकरण का उल्लेख किया। उनके अनुसार यही लोकतंत्र का असली स्वरूप है।
सिग्रीवाल और जायसवाल ने भी विपक्ष को घेरा
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने संसद में जारी हंगामे की जिम्मेदारी सीधे विपक्ष पर डाली। उन्होंने कहा कि विपक्ष के अड़ियल रवैये के चलते किसी भी समाधान तक पहुँचना संभव नहीं हो पा रहा। उनके अनुसार सरकार सदन के भीतर चर्चा और जवाब देने को तैयार है, जबकि विपक्ष इससे बच रहा है। उन्होंने विपक्ष की इस प्रवृत्ति को 'भागने का रवैया' करार दिया।
भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों पर कहा कि उनकी माँगें जायज हैं और भाजपा उनका समर्थन करती है। छात्र सीबीआई जाँच, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और मामले में संलिप्त 'बड़े लोगों' के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल हंगामा खड़ा करना है और वह देश-विरोधी नैरेटिव से जुड़ी ताकतों के साथ खड़ा दिखता है।
संसदीय गतिरोध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि संसद में यह गतिरोध पिछले 18-19 दिनों से जारी है। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब माँग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सदन के भीतर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के बीच बाधित हो रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गतिरोध की जिम्मेदारी मढ़ रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संसदीय कामकाज को पटरी पर लाने के लिए कोई सहमति बन पाती है।