13 अगस्त 2026
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लोकसभा मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, NDA सांसदों ने राहुल गांधी को ठहराया जिम्मेदार

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लोकसभा मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, NDA सांसदों ने राहुल गांधी को ठहराया जिम्मेदार

सारांश

मानसून सत्र 2026 हंगामे की भेंट चढ़ गया — लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित। NDA के गिरिराज सिंह, चिराग पासवान और अरुण गोविल ने राहुल गांधी की 'जिद' को जिम्मेदार ठहराया। खट्टर ने कहा — सदन किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं चलता।

मुख्य बातें

लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को मानसून सत्र के बीच ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की 'जिद और अहंकार' को सत्र की विफलता का कारण बताया और करोड़ों रुपये बर्बाद होने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष ने सदन बाधित करना 'परंपरा' बना लिया है।
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विपक्ष पर संसदीय मर्यादा तोड़ने और पूरा सत्र बर्बाद करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि लोकसभा किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं चल सकती।

लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को मानसून सत्र के बीच ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जब सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सत्र की विफलता का मुख्य कारण बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि एक नेता की 'जिद और अहंकार' ने पूरे सत्र को तमाशे में बदल दिया और देश के करोड़ों रुपये व्यर्थ हो गए।

गिरिराज सिंह का तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी को 'मनमौजी' और 'अजीब' नेता बताते हुए कहा कि उनकी जिद के कारण संसद का पूरा महीना बर्बाद हो गया। गिरिराज ने विपक्ष के एक प्रदर्शन में बंदरों को शामिल किए जाने का भी उल्लेख किया और व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल किया कि क्या राहुल गांधी की कोई 'बंदरों की टीम' है। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' करार देते हुए कांग्रेस से माफी माँगने की बात कही।

हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर प्रतिक्रिया

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण हवन' को लेकर उठे विवाद पर भी गिरिराज सिंह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि खड़गे एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं तथा वे उनका सम्मान करते हैं। हालाँकि, उन्होंने तर्क दिया कि यदि मैदान में सफाई की गई तो उसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए — इस प्रकार कांग्रेस के भेदभाव के आरोपों को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश की।

चिराग पासवान और अरुण गोविल की आलोचना

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष ने धीरे-धीरे सदन को बाधित करना एक 'परंपरा' बना लिया है। उनके अनुसार, विपक्ष यह मानता है कि संसद न चलना उसकी 'जीत' है — जो लोकतांत्रिक भावना के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद सदन को ठप करने के बाद संतोष महसूस करते हैं और संसदीय कार्य की आदत खोते जा रहे हैं।

भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि विपक्ष ने पूरे सत्र को निरर्थक बना दिया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिस भाषा का प्रयोग हो रहा है, वह संसदीय मर्यादा की सीमाएँ पार कर रही है। गोविल ने कहा कि देश की जनता स्वयं इस व्यवहार का मूल्यांकन करेगी।

खट्टर का संवाद पर ज़ोर

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि लोकसभा चर्चा का मंच है और सार्थक संवाद के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे को सुनना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं चल सकता — यह पूरे देश का मंच है जहाँ सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार है। यह बयान उस समय आया है जब मानसून सत्र में उत्पादक कार्यवाही लगभग नगण्य रही और कई महत्त्वपूर्ण विधेयक लंबित पड़े हैं।

आगे क्या

लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के साथ ही मानसून सत्र 2026 का समापन हो गया। संसदीय इतिहास में यह उन सत्रों में गिना जाएगा जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के चलते विधायी कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब सभी की निगाहें शीतकालीन सत्र की तैयारियों और दोनों पक्षों के रुख पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों ने दोष एक-दूसरे पर मढ़ा है। असली सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से संसद का सत्र बुलाया जाता है और विधायी एजेंडा लंबित रहता है, तो जवाबदेही केवल विपक्ष की नहीं, सत्ता पक्ष की भी बनती है। NDA नेताओं का पूरा ध्यान राहुल गांधी पर केंद्रित करना एक राजनीतिक रणनीति हो सकती है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल चूक जाती है कि सत्र में कौन-से विधेयक पारित नहीं हो सके और उसका नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा का मानसून सत्र 2026 कब और क्यों स्थगित हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र में विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बुरी तरह बाधित रही।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की 'जिद और अहंकार' के कारण पूरे सत्र को तमाशा बना दिया गया और देश के करोड़ों रुपये बर्बाद हुए। उन्होंने राहुल गांधी को 'मनमौजी' नेता बताया और विपक्ष के एक प्रदर्शन में बंदरों को शामिल किए जाने पर भी तंज कसा।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण हवन' विवाद क्या है?
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर 'शुद्धिकरण हवन' किए जाने का आरोप लगाया गया, जिसे कांग्रेस ने भेदभावपूर्ण बताया। गिरिराज सिंह ने इसे मैदान की सफाई बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
चिराग पासवान ने विपक्ष पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष ने सदन को बाधित करना एक 'परंपरा' बना लिया है और वह इसे अपनी 'जीत' मानता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह सोच उचित नहीं है और विपक्षी सांसद संसदीय कार्य की आदत खोते जा रहे हैं।
मनोहर लाल खट्टर ने संसद की कार्यवाही पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि लोकसभा चर्चा का मंच है और यह किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं चल सकती। उन्होंने जोर दिया कि सार्थक संवाद के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे को सुनना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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