13 अगस्त 2026
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मानसून सत्र बाधित: प्रह्लाद जोशी का राहुल गांधी पर अहंकार का आरोप, संसदीय कार्यवाही पर उठे सवाल

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मानसून सत्र बाधित: प्रह्लाद जोशी का राहुल गांधी पर अहंकार का आरोप, संसदीय कार्यवाही पर उठे सवाल

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मानसून सत्र की विफलता के लिए राहुल गांधी के 'अहंकार' को जिम्मेदार ठहराया। TDP सांसद ने भी सत्र को 'वाशआउट' बताया। 15 से अधिक बिल बिना सार्थक बहस के पारित हुए और 281 नए सांसद अपने क्षेत्र के मुद्दे नहीं उठा पाए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 13 अगस्त 2026 को राहुल गांधी पर मानसून सत्र बाधित करने का आरोप लगाया।
जोशी के अनुसार, गृह मंत्री के जवाब देने की तैयारी के बावजूद राहुल गांधी ने सहमति से पीछे हट कर सत्र को प्रभावित किया।
TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने मानसून सत्र को 'वाशआउट' बताया; 15 से अधिक विधेयक बिना सार्थक बहस के पारित हुए।
18वीं लोकसभा के 281 पहली बार निर्वाचित सदस्य अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने से वंचित रहे।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी और अशोक चव्हाण ने वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण की बहाली के लिए PM मोदी की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 13 अगस्त 2026 को मीडिया से बातचीत में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और कहा कि मानसून सत्र की बाधा के लिए एक व्यक्ति का अहंकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी सदन को अपनी शर्तों पर चलाना चाहते हैं, जबकि संसद का संचालन नियमों और संवैधानिक ढाँचे के अनुसार होता है।

मुख्य आरोप: सार्थक चर्चा नहीं हो पाई

जोशी ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान जो सार्थक बहस और विधायी कार्य होने चाहिए थे, वे नहीं हो पाए। उन्होंने स्वीकार किया कि 15 से अधिक विधेयक पारित हुए, लेकिन यह भी कहा कि बिलों का पारित होना अलग बात है — असली नुकसान उस चर्चा का हुआ जो कभी हो ही नहीं पाई।

उन्होंने एक विशेष घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि करीब एक हफ्ते पहले सभी पक्ष एक साथ बैठे थे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में घोषणा की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की माँगों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। जोशी के अनुसार, गृह मंत्री की तैयारी के बावजूद राहुल गांधी ने अपनी स्थिति बदल दी और सहमति से पीछे हट गए।

झारखंड पर चुप्पी का सवाल

जोशी ने विपक्ष की चयनात्मक राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो मंत्रियों के इस्तीफे माँगते हैं, वे झारखंड के मुद्दे पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं? उनके अनुसार, विपक्ष के नेता केवल उन मुद्दों पर सक्रिय होते हैं जो उनके राजनीतिक हित में हों। जोशी ने यह भी कहा कि 95 बार जनता द्वारा नकारे जाने के बावजूद कांग्रेस नेता अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं ला रहे।

टीडीपी सांसद की प्रतिक्रिया: सत्र 'वाशआउट' रहा

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने व्यक्तिगत असंतोष जताते हुए कहा कि मानसून सत्र पूरी तरह 'वाशआउट' हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो विधेयक पारित हुए, उन पर कोई सार्थक बहस हुई या नहीं। टेनेटी ने कहा कि 18वीं लोकसभा में 281 पहली बार निर्वाचित सदस्य हैं और बड़ी संख्या में महिला सांसद भी हैं, जो अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाना चाहते थे — लेकिन विपक्ष के व्यवधान के कारण उन्हें यह अवसर नहीं मिल पाया।

वंदे मातरम विधेयक पर भाजपा सांसदों की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण की बहाली को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह राष्ट्रीय गीत स्वतंत्रता के बाद पूर्ण रूप में गाया जाता था, लेकिन कालांतर में कांग्रेस सरकारों के दौरान इसे केवल पहले पद तक सीमित कर दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को बहाल करने के लिए अध्यादेश और विधेयक लाए।

भाजपा सांसद अशोक चव्हाण ने भी इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत को उसके संपूर्ण रूप में गाया जाना चाहिए और यह एक स्वागतयोग्य निर्णय है।

आगे क्या

मानसून सत्र की समाप्ति के बाद संसदीय कार्यवाही की गुणवत्ता और विपक्ष की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। यह सत्र ऐसे समय में बाधित रहा जब देश कई महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत निर्णयों की प्रतीक्षा में था। आने वाले शीतकालीन सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संवाद की रूपरेखा क्या होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे इसकी जिम्मेदारी किसी भी पक्ष पर हो।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मानसून सत्र एक व्यक्ति के अहंकार की वजह से बाधित हुआ और राहुल गांधी संसद को अपनी शर्तों पर चलाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री के जवाब देने की तैयारी के बावजूद गांधी ने सहमति से पीछे हट गए।
मानसून सत्र 2026 में कितने विधेयक पारित हुए?
मानसून सत्र में 15 से अधिक विधेयक पारित हुए, लेकिन TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी सहित कई सांसदों ने यह सवाल उठाया कि इन पर कोई सार्थक बहस नहीं हुई। विपक्ष के व्यवधान के कारण विधायी चर्चा की गुणवत्ता प्रभावित रही।
TDP सांसद ने मानसून सत्र को 'वाशआउट' क्यों कहा?
TDP सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने कहा कि 18वीं लोकसभा के 281 पहली बार निर्वाचित सदस्य और बड़ी संख्या में महिला सांसद अपने क्षेत्र के मुद्दे नहीं उठा पाए। उनके अनुसार बिल पास हुए लेकिन लोकतांत्रिक बहस के बिना, जो संसदीय परंपरा के विरुद्ध है।
वंदे मातरम विधेयक क्या है और इस पर किसने क्या कहा?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के अनुसार, PM मोदी ने वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को बहाल करने के लिए अध्यादेश और विधेयक पेश किया। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान राष्ट्रीय गीत को केवल पहले पद तक सीमित कर दिया गया था, जो अब बदला जा रहा है।
संसदीय कार्यवाही में बाधा का असर किन सांसदों पर पड़ा?
18वीं लोकसभा के 281 पहली बार निर्वाचित सदस्य और बड़ी संख्या में महिला सांसद मानसून सत्र में अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने से वंचित रहे। TDP सांसद टेनेटी के अनुसार लोकतंत्र में सभी को चर्चा का अवसर मिलना चाहिए, जो इस सत्र में नहीं हो पाया।
राष्ट्र प्रेस
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