भारत समुद्री बीमा पूल: 3,095 पॉलिसी जारी, युद्ध-जोखिम प्रीमियम में 35-40% गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
भारत समुद्री बीमा पूल (BMIP) ने वैश्विक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्षों के बीच भारतीय व्यापारियों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा कवरेज सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। 27 सितंबर 2026 को जारी सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, पश्चिम एशिया में टकराव के बाद से युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में 35 से 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो भारतीय कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है।
अब तक जारी पॉलिसियाँ और कवरेज का दायरा
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 7 सितंबर 2026 तक BMIP ने कुल 3,095 पॉलिसी जारी की हैं — जिनमें 3,000 माल युद्ध-जोखिम पॉलिसी, 92 जलपोत ढाँचा युद्ध-जोखिम पॉलिसी और 3 संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (P&I) पॉलिसी शामिल हैं। इस पूल को मई 2026 में ₹13,906.50 करोड़ (1.5 अरब अमेरिकी डॉलर) तक के कवरेज के साथ शुरू किया गया था।
BMIP उन जहाजों के लिए समुद्री बीमा प्रदान करता है जिन पर भारतीय ध्वज लगा हो, या जिनका स्वामित्व, प्रबंधन अथवा नियंत्रण भारतीय संस्थाओं के पास हो, अथवा जो भारत से आने या जाने वाले मालवाहक पोत हों।
कैसे काम करता है BMIP का बीमा तंत्र
इस पूल के अंतर्गत बीमा पॉलिसियाँ घरेलू बीमा कंपनियों द्वारा जारी की जाती हैं और जोखिमों का पुनर्बीमाकरण सदस्यों की प्रतिबद्धताओं के आधार पर सामूहिक रूप से किया जाता है। 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक के दावों का निपटान आरक्षित निधियों से होता है, जबकि इससे बड़े दावों के लिए संप्रभु गारंटी का प्रावधान है।
यह व्यवस्था विदेशी बीमाकर्ताओं पर भारत की निर्भरता कम करती है और वैश्विक व्यवधानों के दौरान भी किफायती एवं अबाधित कवरेज सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि पहले भारतीय जहाजरानी कंपनियाँ युद्ध-जोखिम कवरेज के लिए लंदन मार्केट जैसे विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भर रहती थीं।
कारोबारियों और निर्यातकों पर असर
BMIP जहाज के हल स्ट्रक्चर (मुख्य ढाँचा), प्रोपल्शन सिस्टम (चालन मशीनरी) और लगे उपकरणों को होने वाले नुकसान से सुरक्षा देता है। इससे भारत के व्यापारिक जहाज़ी बेड़े की पूँजी सुरक्षित रहती है और बीमा देश के भीतर ही हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मार्गों से परिवहन किए जा रहे माल को शिपमेंट के नुकसान या खराबी से बचाने के साथ-साथ यह पूल लाल सागर, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे उच्च-जोखिम वाले संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाले भारतीय निर्यातकों और आयातकों को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है।
सशस्त्र संघर्ष, समुद्री डकैती, आतंकवाद और शत्रु जहाज द्वारा कब्जे से होने वाले नुकसान के विरुद्ध बीमा सुरक्षा इसकी सबसे अहम विशेषता है।
भारत की समुद्री वित्तीय स्वायत्तता की दिशा में कदम
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, BMIP भारत की समुद्री वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया में, समुद्री व्यापार मार्गों को अनिश्चित बना रहे हैं।
इस पहल से प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण, विश्वसनीय संचालन और त्वरित दावा निपटान सुनिश्चित होने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह पूल और अधिक भारतीय शिपिंग कंपनियों को घरेलू बीमा के दायरे में लाने में सहायक होगा।