बीएमआईपी के तहत भारत का पहला P&I बीमा उत्पाद लॉन्च, $1.5 अरब तक की क्षतिपूर्ति सीमा
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारत का पहला संप्रभुता-समर्थित संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (P&I) बीमा उत्पाद लॉन्च किया। यह उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के अंतर्गत न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसकी क्षतिपूर्ति सीमा 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक है। समुद्री बीमा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
लॉन्च कार्यक्रम और प्रमुख उपस्थिति
DFS सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नौवहन महानिदेशक श्याम जगन्नाथन, DFS के अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रुस्टी, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) के CMD हितेश जोशी, न्यू इंडिया एश्योरेंस की CMD गिरिजा सुब्रमणियन, भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) के CMD कैप्टन बिनेश कुमार त्यागी, सामान्य बीमा परिषद की महासचिव कस्तूरी सेनगुप्ता तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव वेंकटेशपति एस. सहित ICCSA और INSA के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं
DFS सचिव ने BMIP के अंतर्गत जारी पहला P&I पॉलिसी दस्तावेज भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड को सौंपा। यह पॉलिसी चालक दल एवं मालवाहक दायित्व, प्रदूषण दायित्व, जहाज के मलबे को हटाने और तीसरे पक्ष के दायित्वों के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसके साथ ही चौबीसों घंटे पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध है।
पूल की संयुक्त क्षमता के माध्यम से 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक की क्षतिपूर्ति सीमा सुनिश्चित की गई है, जो भारतीय शिपिंग कंपनियों को अब तक विदेशी P&I क्लबों पर निर्भर रहने से मुक्त करने में सहायक होगी।
BMIP का प्रदर्शन और युद्ध जोखिम प्रीमियम में गिरावट
12 मई 2026 को संप्रभु गारंटी के साथ BMIP के संचालन की शुरुआत के बाद से पूल ने बाज़ार में व्यापक स्वीकृति अर्जित की है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के चरम पर देखे गए उच्चतम स्तरों की तुलना में युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में लगभग 35-40 प्रतिशत की कमी आई है।
29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत कार्गो युद्ध जोखिम और पतवार युद्ध जोखिम को कवर करने वाली कुल 1,608 पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि घरेलू समुद्री बीमा क्षेत्र में भारतीय हितधारकों का भरोसा तेज़ी से बढ़ रहा है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रणनीतिक महत्व
P&I कवरेज को BMIP में शामिल करने से भारत का समुद्री जोखिम प्रबंधन ढाँचा और सुदृढ़ होगा। यह पहल विदेशी बाज़ारों पर निर्भरता घटाकर, घरेलू अंडरराइटिंग क्षमता को बढ़ावा देकर और भारत के समुद्री व्यापार से उत्पन्न मूल्य को देश की अर्थव्यवस्था के भीतर बनाए रखकर आत्मनिर्भर भारत के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मज़बूती देती है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच समुद्री बीमा की लागत और उपलब्धता भारतीय शिपिंग उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। P&I कवरेज की घरेलू उपलब्धता से भारतीय जहाज़ मालिकों और व्यापारियों को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद है।