30 जुलाई 2026
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बीएमआईपी के तहत भारत का पहला P&I बीमा उत्पाद लॉन्च, $1.5 अरब तक की क्षतिपूर्ति सीमा

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बीएमआईपी के तहत भारत का पहला P&I बीमा उत्पाद लॉन्च, $1.5 अरब तक की क्षतिपूर्ति सीमा

सारांश

भारत ने समुद्री बीमा में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया — BMIP के तहत पहला संप्रभुता-समर्थित P&I बीमा उत्पाद लॉन्च हुआ, जिसमें $1.5 अरब की क्षतिपूर्ति सीमा है। युद्ध जोखिम प्रीमियम में 35-40% की गिरावट और 1,608 पॉलिसियों के साथ BMIP ने अपनी प्रासंगिकता साबित कर दी है।

मुख्य बातें

वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने 30 जुलाई 2026 को भारत का पहला संप्रभुता-समर्थित P&I बीमा उत्पाद लॉन्च किया।
यह उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा तैयार किया गया है; क्षतिपूर्ति सीमा $1.5 अरब तक।
पहली P&I पॉलिसी भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) को सौंपी गई।
BMIP संचालन ( 12 मई 2026 ) के बाद से युद्ध जोखिम प्रीमियम में 35-40% की कमी आई।
29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत 1,608 पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं।
यह पहल विदेशी P&I क्लबों पर निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मज़बूत करती है।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारत का पहला संप्रभुता-समर्थित संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (P&I) बीमा उत्पाद लॉन्च किया। यह उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के अंतर्गत न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसकी क्षतिपूर्ति सीमा 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक है। समुद्री बीमा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

लॉन्च कार्यक्रम और प्रमुख उपस्थिति

DFS सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नौवहन महानिदेशक श्याम जगन्नाथन, DFS के अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रुस्टी, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) के CMD हितेश जोशी, न्यू इंडिया एश्योरेंस की CMD गिरिजा सुब्रमणियन, भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) के CMD कैप्टन बिनेश कुमार त्यागी, सामान्य बीमा परिषद की महासचिव कस्तूरी सेनगुप्ता तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव वेंकटेशपति एस. सहित ICCSA और INSA के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं

DFS सचिव ने BMIP के अंतर्गत जारी पहला P&I पॉलिसी दस्तावेज भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड को सौंपा। यह पॉलिसी चालक दल एवं मालवाहक दायित्व, प्रदूषण दायित्व, जहाज के मलबे को हटाने और तीसरे पक्ष के दायित्वों के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसके साथ ही चौबीसों घंटे पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध है।

पूल की संयुक्त क्षमता के माध्यम से 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक की क्षतिपूर्ति सीमा सुनिश्चित की गई है, जो भारतीय शिपिंग कंपनियों को अब तक विदेशी P&I क्लबों पर निर्भर रहने से मुक्त करने में सहायक होगी।

BMIP का प्रदर्शन और युद्ध जोखिम प्रीमियम में गिरावट

12 मई 2026 को संप्रभु गारंटी के साथ BMIP के संचालन की शुरुआत के बाद से पूल ने बाज़ार में व्यापक स्वीकृति अर्जित की है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के चरम पर देखे गए उच्चतम स्तरों की तुलना में युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में लगभग 35-40 प्रतिशत की कमी आई है।

29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत कार्गो युद्ध जोखिम और पतवार युद्ध जोखिम को कवर करने वाली कुल 1,608 पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि घरेलू समुद्री बीमा क्षेत्र में भारतीय हितधारकों का भरोसा तेज़ी से बढ़ रहा है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रणनीतिक महत्व

P&I कवरेज को BMIP में शामिल करने से भारत का समुद्री जोखिम प्रबंधन ढाँचा और सुदृढ़ होगा। यह पहल विदेशी बाज़ारों पर निर्भरता घटाकर, घरेलू अंडरराइटिंग क्षमता को बढ़ावा देकर और भारत के समुद्री व्यापार से उत्पन्न मूल्य को देश की अर्थव्यवस्था के भीतर बनाए रखकर आत्मनिर्भर भारत के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मज़बूती देती है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच समुद्री बीमा की लागत और उपलब्धता भारतीय शिपिंग उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। P&I कवरेज की घरेलू उपलब्धता से भारतीय जहाज़ मालिकों और व्यापारियों को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या घरेलू पूल अंतरराष्ट्रीय P&I क्लबों की तरह जटिल दावों का त्वरित और पारदर्शी निपटान कर पाएगा? वैश्विक P&I क्लब दशकों की विशेषज्ञता और वैश्विक नेटवर्क के बल पर काम करते हैं; भारत का यह प्रयास महत्वाकांक्षी है, पर अंडरराइटिंग अनुभव और क्लेम-हैंडलिंग क्षमता की कमी एक वास्तविक चुनौती है। युद्ध जोखिम प्रीमियम में 35-40% की गिरावट उत्साहजनक है, परंतु यह आंशिक रूप से भू-राजनीतिक स्थिरीकरण का भी परिणाम हो सकती है। दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए BMIP को पारदर्शी दावा-निपटान डेटा सार्वजनिक करना होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) क्या है?
BMIP एक संप्रभु गारंटी-समर्थित समुद्री बीमा पूल है जिसे वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा 12 मई 2026 को संचालित किया गया। यह भारतीय शिपिंग और व्यापार हितधारकों को युद्ध जोखिम तथा अब P&I कवरेज प्रदान करता है, जिससे विदेशी बीमा बाज़ारों पर निर्भरता कम होती है।
P&I (संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति) बीमा में क्या कवर होता है?
BMIP के तहत लॉन्च की गई P&I पॉलिसी चालक दल एवं मालवाहक दायित्व, प्रदूषण दायित्व, जहाज के मलबे को हटाने और तीसरे पक्ष के दायित्वों के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें 24 घंटे पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क और $1.5 अरब तक की क्षतिपूर्ति सीमा शामिल है।
BMIP से युद्ध जोखिम प्रीमियम पर क्या असर पड़ा?
BMIP के संचालन के बाद से पश्चिम एशिया संघर्ष के चरम स्तरों की तुलना में युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में लगभग 35-40 प्रतिशत की कमी आई है। 29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत कुल 1,608 पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं।
पहली P&I पॉलिसी किसे सौंपी गई और इसका क्या महत्व है?
पहली P&I पॉलिसी भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) को सौंपी गई। यह इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक भारतीय शिपिंग कंपनियाँ इस तरह के कवरेज के लिए विदेशी P&I क्लबों पर निर्भर थीं; घरेलू विकल्प उपलब्ध होने से लागत और विदेशी मुद्रा व्यय दोनों में कमी आने की संभावना है।
यह पहल आत्मनिर्भर भारत से कैसे जुड़ती है?
BMIP के तहत P&I बीमा की घरेलू उपलब्धता विदेशी बाज़ारों पर निर्भरता कम करती है, घरेलू अंडरराइटिंग क्षमता को बढ़ावा देती है और भारत के समुद्री व्यापार से उत्पन्न आर्थिक मूल्य को देश के भीतर बनाए रखती है। यह सरकार की विशेष बीमा समाधानों में आत्मनिर्भरता की नीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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