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BWF वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई हुईं पीवी सिंधु, बोलीं — '31 अब नया 21 है'

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BWF वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई हुईं पीवी सिंधु, बोलीं — '31 अब नया 21 है'

सारांश

जापान ओपन और हाइलो ओपन के खिताब जीतने के बाद पीवी सिंधु ने खुद को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए महफूज़ रखा — शरीर की सुनकर, दो टूर्नामेंट छोड़कर। '31 अब नया 21 है' — उनका यह बयान बताता है कि अनुभव और अनुशासन अब उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।

मुख्य बातें

पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल (दिसंबर) के लिए क्वालीफाई किया।
जापान ओपन सुपर 750 और हाइलो ओपन (जर्मनी) जीतकर 2022 के बाद पहली बार एक सीजन में कई खिताब जीते।
फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स से स्वेच्छा से हटीं।
31 वर्षीया सिंधु ने कहा — '31 अब नया 21 है' , उम्र को ताकत में बदलने की सोच जाहिर की।
4 जनवरी 2027 से लागू होने वाले 3×15 स्कोरिंग सिस्टम के लिए अभी से विशेष ट्रेनिंग शुरू।

ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है, और यह खुलासा किया कि उन्होंने कोरिया ओपन व जापान मास्टर्स से जानबूझकर ब्रेक लिया था ताकि वे दिसंबर के इस बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह फिट होकर उतर सकें। बैडमिंटन फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) द्वारा आयोजित मीडिया बातचीत में 4 नवंबर को सिंधु ने अपनी रणनीति, शारीरिक प्राथमिकताओं और नए स्कोरिंग सिस्टम पर विस्तार से बात की।

सीजन का प्रदर्शन और आत्मविश्वास

जापान ओपन सुपर 750 और जर्मनी में हाइलो ओपन में खिताब जीतने के बाद सिंधु का आत्मविश्वास चरम पर है। 2022 के बाद यह पहला सीजन है जिसमें उन्होंने एक से अधिक बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल अपने नाम किए हैं — जो उनकी वापसी की मज़बूती को रेखांकित करता है। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन ने सारब्रुकेन में हाइलो ओपन से पहले फ्रेंच ओपन का फाइनल भी खेला था, लेकिन वहाँ वे दुनिया की नंबर 1 और पेरिस 2024 ओलंपिक चैंपियन कोरिया की एन से-यंग से पराजित हुई थीं।

ब्रेक का फैसला और शरीर को प्राथमिकता

हाइलो ओपन खिताब जीतने के कुछ ही दिनों बाद सिंधु ने कोरिया और जापान के टूर्नामेंट छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया, 'लंबा टूर खेलने के बाद, मैंने सोचा था कि मैं कोरिया ओपन और उसके बाद के टूर्नामेंट नहीं खेल पाऊंगी, लेकिन मेरे लिए वापस आकर आराम करना भी जरूरी था। मेरे लिए अपने शरीर का ध्यान रखना और अगले टूर्नामेंट के लिए फिट होना जरूरी था।'

सिंधु ने आगे कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन ज़रूरी था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना है और कोर्ट पर फिर से मजबूती से वापस आना है।'

उम्र पर बेबाक बयान

31 वर्षीया सिंधु ने अपनी उम्र को लेकर खुलकर बात की और मीडिया को चौंकाते हुए कहा, 'मैं अब जवान नहीं रही, लेकिन मैंने यह भी कहा कि 31 अब नया 21 है, इसलिए मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना है।' यह बयान उनकी परिपक्व मानसिकता और दीर्घकालिक करियर योजना दोनों को दर्शाता है। गौरतलब है कि सिंधु दो ओलंपिक पदक जीत चुकी हैं और करीब एक दशक से शीर्ष स्तर पर खेल रही हैं।

नया 3×15 स्कोरिंग सिस्टम और तैयारी

बैडमिंटन में बड़ा बदलाव आने वाला है — 4 जनवरी 2027 से नया 3×15 स्कोरिंग सिस्टम लागू होगा, जो मौजूदा 3×21 सिस्टम की जगह लेगा। सिंधु ने इस बदलाव पर भी अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा, '15 पॉइंट्स ऐसी चीज है जिस पर हर किसी को जरूर काम करना चाहिए, और हम इतने सालों से 21 पॉइंट्स पर खेल रहे हैं। इसलिए, हमने यह पक्का किया कि हम उस स्कोरिंग के लिए भी ट्रेनिंग और अभ्यास करें।'

सिंधु ने खिलाड़ियों को सावधान करते हुए जोड़ा, 'यह जरूरी है कि आप शुरू से ही अलर्ट रहें। जब तक आपको पता चले कि आधा गेम खत्म हो गया है, तब तक आप कोई आसान पॉइंट न गंवाएं।' नए फॉर्मेट में छोटी गलतियों का खामियाजा बड़ा होगा, यही बात सिंधु अपने अभ्यास में अभी से ध्यान में रख रही हैं।

आगे का रास्ता

बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल दिसंबर में होना तय है, और सिंधु की नज़र इसी खिताब पर टिकी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन में नई पीढ़ी दस्तक दे रही है, और सिंधु की यह वापसी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर बल्कि भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए भी उत्साहजनक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सोची-समझी रणनीति है — और यही बात उन्हें अपनी पीढ़ी की अधिकांश खिलाड़ियों से अलग करती है। लंबे टूर में खेलते रहने की 'हमेशा उपलब्ध रहो' मानसिकता भारतीय खेलों में गहरी जड़ें जमाए है, और इसी के चलते कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी चोटों की चपेट में आ जाते हैं। सिंधु का खुले तौर पर शरीर की सीमाएँ स्वीकार करना और '31 अब नया 21 है' कहना — यह सिर्फ एक पंक्ति नहीं, बल्कि आधुनिक खेल प्रबंधन का दर्शन है। BWF के नए 3×15 फॉर्मेट पर उनकी सचेत तैयारी यह भी संकेत देती है कि वे अगले कुछ साल और शीर्ष पर बने रहने के इरादे से खेल रही हैं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए कैसे क्वालीफाई किया?
सिंधु ने इस सीजन में जापान ओपन सुपर 750 और जर्मनी के हाइलो ओपन में खिताब जीतकर BWF वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। 2022 के बाद यह पहला सीजन है जिसमें उन्होंने एक से अधिक BWF वर्ल्ड टूर टाइटल जीते हैं।
सिंधु ने कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स क्यों नहीं खेला?
सिंधु ने खुद बताया कि हाइलो ओपन के बाद लंबे टूर से शरीर पर दबाव बढ़ गया था, इसलिए उन्होंने दिसंबर में होने वाले BWF वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए पूरी तरह फिट होने को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अपने शरीर की सुनना और मज़बूत वापसी करना ज़रूरी था।
बैडमिंटन में नया 3×15 स्कोरिंग सिस्टम क्या है और यह कब लागू होगा?
नया 3×15 स्कोरिंग सिस्टम 4 जनवरी 2027 से लागू होगा, जो मौजूदा 3×21 सिस्टम की जगह लेगा। इसमें हर गेम 15 पॉइंट्स का होगा, जिससे मैच छोटे और तेज़ होंगे और शुरुआत से ही एकाग्रता बेहद जरूरी होगी।
पीवी सिंधु के इस सीजन का सबसे बड़ा नतीजा क्या रहा?
इस सीजन सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 और हाइलो ओपन (जर्मनी) जीते, और फ्रेंच ओपन का फाइनल भी खेला। हालांकि फ्रेंच ओपन फाइनल में वे पेरिस 2024 ओलंपिक चैंपियन एन से-यंग से हारीं, लेकिन 2022 के बाद यह उनका सबसे मज़बूत सीजन माना जा रहा है।
BWF वर्ल्ड टूर फाइनल कब और कहाँ होगा?
BWF वर्ल्ड टूर फाइनल दिसंबर 2026 में होने वाला है। पीवी सिंधु ने इसी टूर्नामेंट को ध्यान में रखकर अपनी मध्य-सीजन योजना बनाई और दो टूर्नामेंट छोड़कर फिटनेस पर ध्यान केंद्रित किया।
राष्ट्र प्रेस
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